इस बार की थीम-कोरोना वायरस
रंगोली से सजाया जाता है बुलबुल का चबूतरा
मंडल से जुड़े सलील भाटी ने बताया कि पिछले 25 सालांे से यहां होलिका दहन हो रहा है। हमारी कोशिश रहती है कि कुछ ऐसी रंगोली सजाएं, जिसमें कुछ जनता के लिए मैसेज हो। इसकी तैयारी एक दिन पहले से शुरू कर दी जाती है। पिछले साल विंग कमांडर अभिनंदन की रंगोली सजाई गई, उससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक, तालाबों को जोड़ने की, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रंगोली सजाई गई थी। इस बार कोरोना वायरस से बचाव पर अाधारित रंगोली सजाई जाएगी। साथ ही आमजन को इस बीमारी से बचाने के लिए बैनर भी लटकाए जाएंगे। रंगोली को बचाने के लिए पहले जगह को साफ कर बाड़बंदी की जाती है। इसे बनाने में कलाकारों का विशेष सहयोग लिया जाता है।
पुराने शहर की होली है काफी फेमस: वैसे तो होली का नाम आता ही मस्ती छा जाती है, लेकिन बात पुराने शहर की हो तो मन में उल्लास सा छा जाता है। शहर के अधिकांश मंदिर पुराने शहर ही स्थित हैं। मंदिरों में भगवान संग होली खेलने के बाद लोगों की टोलियां रंगों के त्योहार को मनाने के लिए निकल जाएगी। यह सभी टोलियां दोपहर तक चौमुखा बाजार में एकत्रित हो जाती है, क्योंकि यह पुराने व नए शहर को जोड़ने का प्रमुख स्थल है। यहां सभी से मिलना हो जाता है।
बूंदी. वैसे तो सोमवार को पूरे शहर में 200 से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होगा। जब अपने-अपने हिसाब से होलिका दहन स्थल की सजावट करेंेगे, लेकिन पुराने शहर में बुलबुल के चबूतरे पर होलिका दहन स्थल को मनमोहक रंगोली से सजाया जाता है, जिसे देखने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग अपने परिवार सहित पहुंचते हैं। यहां समसायिक विषयों पर आधारित रंगोली तैयार की जाती है। नाहर का चौहटा नवयुवक मंडल की ओर से हर साल होलिका दहन स्थल को रंगोली से सजाया जाता है।
मंडल से जुड़े सलील भाटी ने बताया कि पिछले 25 सालांे से यहां होलिका दहन हो रहा है। हमारी कोशिश रहती है कि कुछ ऐसी रंगोली सजाएं, जिसमें कुछ जनता के लिए मैसेज हो। इसकी तैयारी एक दिन पहले से शुरू कर दी जाती है। पिछले साल विंग कमांडर अभिनंदन की रंगोली सजाई गई, उससे पहले सर्जिकल स्ट्राइक, तालाबों को जोड़ने की, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रंगोली सजाई गई थी। इस बार कोरोना वायरस से बचाव पर अाधारित रंगोली सजाई जाएगी। साथ ही आमजन को इस बीमारी से बचाने के लिए बैनर भी लटकाए जाएंगे। रंगोली को बचाने के लिए पहले जगह को साफ कर बाड़बंदी की जाती है। इसे बनाने में कलाकारों का विशेष सहयोग लिया जाता है।