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जो आग बुझाने का कार्य करते हैं, वे छोटे होने पर भी सर्वश्रेष्ठ हैं: मुनिश्री
कस्बे के गढ़ पैलेस में चल रहे समवशरण महामंडल विधान में शनिवार को प्रवचनसभा में मुनिश्री विश्रांतसागर महाराज ने कहा कि एक-दूसरे के प्रति जलन-ईर्ष्या इतनी बढ़ गई है कि आज का इंसान दूसरों को नीचा दिखाने का कार्य करता है। दूसरों की वृद्धि को देखकर जलता है।
आग लगाने वाले दुनिया में बहुत हैं, लेकिन आग बुझाने वाले बहुत कम हैं। जो आग बुझाने का कार्य करते हैं, वे छोटे होने पर भी सर्वश्रेष्ठ होते हैं।
मुनिश्री ने दृष्टांत देते हुए कहा कि एक चिड़िया आग बुझाने का प्रयास कर रही थी। किसी व्यक्ति ने उससे पूछा कि हे चिड़िया तुम क्या कर रही हो, तब चिड़िया बाेली कि मैं आग बुझा रही हूं। वह व्यक्ति कहता है कि आप इतनी छोटी और आग विशाल रूप ले रही है क्या आप बुझा दोगी? तब वह चिड़िया कहती है कि हे मानव! मैं आग बुझा पाऊं या नहीं, लेकिन जब इतिहासकार मेरा नाम लिखेंगे तो मेरा नाम आग लगाने वालों में नहीं, आग बुझाने वालों में हाेगा। मुनिश्री ने कहा कि आप लोग हमेशा अच्छा कार्य करें। सीता, द्रौपदी, अंजना, चंदनबाला ने अच्छा काम किया तो उनका नाम अच्छे कार्य में आता है। आपकी कोई बुराई या आपका अपमान करें तो भी आप अच्छा करें, अपने धर्म को नहीं छोड़े एक दिन आपकी विजय जरूर होगी। आज बुराई करने वाले कल आपकी प्रशंसा करेंगे अौर सम्मान करेंगे। प्रवचन के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालुअाें ने नृत्य किया। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल रहे। शनिवार सुबह शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेशकुमार-मुकेशकुमार वेद परिवार को मिला। पादपक्षालन का सौभाग्य सुभाषचंद जैन आंतरदा वालों अाैर शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य गुलाबचंद-अशोककुमार जैन मायजा वालों को मिला। धार्मिक अनुष्ठान विधानाचार्य बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया द्वारा विधिवत करवाए गए।समवशरण महामंडल विधान के दौरान समाज के प्रबुद्धजनों-बाहर से आने वाले लोगों को शॉल, पगड़ी व प्रतीकचिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
में आता है। आपकी कोई बुराई या आपका अपमान करें तो भी आप अच्छा करें, अपने धर्म को नहीं छोड़े एक दिन आपकी विजय जरूर होगी। आज बुराई करने वाले कल आपकी प्रशंसा करेंगे अौर सम्मान करेंगे। प्रवचन के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालुअाें ने नृत्य किया। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु शामिल रहे। शनिवार सुबह शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेशकुमार-मुकेशकुमार वेद परिवार को मिला। पादपक्षालन का सौभाग्य सुभाषचंद जैन आंतरदा वालों अाैर शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य गुलाबचंद-अशोककुमार जैन मायजा वालों को मिला। धार्मिक अनुष्ठान विधानाचार्य बाल ब्रह्मचारी आशीष भैया द्वारा विधिवत करवाए गए।समवशरण महामंडल विधान के दौरान समाज के प्रबुद्धजनों-बाहर से आने वाले लोगों को शॉल, पगड़ी व प्रतीकचिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
विश्वशांति महायज्ञ और समापन आज
समवशरण महामंडल विधान का रविवार काे समापन होगा। सुबह अभिषेक, शांतिधारा व नित्य नियम पूजन हाेगा। समवशरण पर विराजमान मुनिश्री द्वारा दिव्य देशना सुनाई जाएगी। विश्वशांति महायज्ञ के पश्चात गढ़ पैलेस से शोभायात्रा रवाना होगी, जो कि कस्बे के प्रमुख मार्गों में होती हुई वापस गढ़ पैलेस पहुंचेगी। दोपहर बाद मुनिश्री का संभावित विहार कापरेन से इटावा की ओर होगा।
भ्रूण हत्या पर बेटी की करुण पुकार
दिल्ली से आए भारतीय तपोवन आर्ट के सौरभ जैन द्वारा भ्रूण हत्या पर बेटी की करुण पुकार की मार्मिक कहानी का नाट्य मंचन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दाैरान पांडाल में श्रद्धालुअाें की आंखों से अश्रुधारा बह निकली। कार्यक्रम देररात तक चला। इससे पहले शुक्रवार शाम महाआरती करने का सौभाग्य समाज अध्यक्ष राजेंद्र पाटनी परिवार को मिला।
कापरेन. धर्मसभा के दौरान शामिल रही श्रद्धालुओं की भीड़ी।
कापरेन. समवशरण महामंडल विधान पर विराजमान मुनिश्री प्रवचन देते।