जीवन में त्याग ही सच्चा सुख: स्वामी
कथावाचक आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशपुरी महाराज।
बूंदी. हजारी भैरुजी झोंपड़ियां गांव में भागवतकथा पर कलशयात्रा निकाली गई। इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भागवत कथा शुरू हुई।
कथा में कथावाचक आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी जगदीशपुरी महाराज ने कहा कि संसार में कहीं भी सुख नहीं है, त्याग में सुख बताया। उन्होंने कहा कि भागवतकथा सुनने से पाप दूर हो जाते हैं। कथा में बीच-बीच में भगवान के सुंदर भजन सुनाए गए। कथा में जब कोई नहीं आता मेरा श्याम आता और दुख के दिनों में याद आता भजनों पर महिला-पुरुषों ने मंत्रमुग्ध होकर नाचने पर मजबूर कर दिया। सनातन धर्म ही हमारा परम मूल है। इसी धर्म की शाखाओं में अनेक संप्रदाय जाति ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य आते हैं, जिस प्रकार से एक जाति में अनेक गोत्र होते हैं, परंतु जाति सबकी एक होती है। ऐसे ही सनातन धर्म सबका एक है। कथा में बद्रीलाल मीणा, प्रभु, रामेश्वर मीणा लाडपुर, पूर्व उपजिला प्रमुख आशा मीणा, पूर्व सरपंच फोरूलाल, शंभू, घासी, रामलाल, बजरंगलाल मौज्ूद रहे।