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कलेक्टर बनने के लिए क्या करना चाहिए, छात्राओं ने पूछे सवाल

3 वर्ष पहले
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कलेक्टर क्या होता है, कैसे बनता है, कितने घंटे काम करते हैं, क्या काम करते हैं। कुछ इस तरह के सवालों को लेकर शहर के केजीबी स्कूल की छात्राओं ने कलेक्टर रुक्मणी रियार से आपणी बातां साझा की।

कलेक्टर ने भी छात्राओं की जिज्ञासा को लेकर पूरी शिद्दत से जवाब दिए। छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने और देश के लिए योगदान के लिए आवश्यक टिप्स बताए। वे शहर में गुरुवार शाम को दो स्कूलों में निरीक्षण करने आई थी। कलेक्टर रुक्मणी रियार केजीबी स्कूल पहुंची तो छात्राओं में कलेक्टर की पोस्ट-कार्यप्रणाली को लेकर जिज्ञासा थी।

छात्राओं ने बेझिझक सवाल किए। कलेक्टर ने भी इनके जवाब देकर इस पद तक पहुंचने के कारगर टिप्स भी बताए। इस दौरान कलेक्टर ने स्कूली सुविधाओं-संसाधनों की जानकारी ली। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार-तकनीकी शिक्षा पर शिक्षकों से चर्चा की। वहीं, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में मूलभूत सुविधाओं को लेकर कलेक्टर ने कहा कि इनका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलना चाहिए।

लाखेरी। केजीबी स्कूल में छात्राओं से रूबरू होने के बाद ग्रामीणों से मिली जिला कलेक्टर रियार।

कैसे बनते हैं कलेक्टर: कलेक्टर रुक्मणी रियार जब केजीबी स्कूल पहुंची तो माहौल एक बड़े सरकारी अधिकारी के आने जैसा था। छात्राओं को अनुशासन की ताकीद दी गई थी। सभी छात्राओं में उनकी शख्सियत को लेकर जिज्ञासा थी। जब कलेक्टर छात्राओं से रूबरू हुई तो थोड़ी देर में झिझक टूट गई ओर वे कलेक्टर से सवाल दर सवाल करने लगी। मसलन कलेक्टर कौन है, कैसे काम करता है, कितने घंटे काम करते है। कलेक्टर ने जवाब बखूबी दिए। कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण है कि कलेक्टर जिले का सबसे प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी होता है। कलेक्टर बनने के लिए कड़ी मेहनत-निरंतर अध्ययन और तमाम जानकारी के साथ लक्ष्य के प्रति समर्पण ज़रूरी है। रातभर जागकर पढ़ने से ज्यादा महत्वपूर्ण है सारगर्भित अध्ययन। उन्होंने कहा समाज-देश के लिए काम करने के लिए पद जरूरी नहीं। हम जब चाहे, जहां चाहें देश-समाज के लिए काम कर सकते हैं। इसमें लाखेरी एसडीएम मौजूद रहे।

कलेक्टर ने बताए टिप्स: केजीबी स्कूल में कलेक्टर आपणी बातां साझा कर रही थी, तब उन्होंने छात्राओं से कहा कि निरंतर अध्ययन- कड़ी मेहनत से इस पद तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। यदि वे जीवन में गतिशील अध्ययन रखती हैं तो कलेक्टर से भी बड़े पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा सकती है। कलेक्टर ने भी छात्राओं से शिक्षा में उनके कार्यकलापों की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आपको जो अच्छा लगे, उस पर ध्यान दो। सकारात्मक सोच के साथ कार्य करोंगे तो सफलता उच्चतम शिखर तक जरूर पहुंचाएगी।

मॉडल स्कूल की लाइब्रेरी से प्रभावित
शहर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में वे नए भवन-संसाधनों को देखकर प्रभावित हुई। स्कूल में लाइब्रेरी का सिस्टम अच्छा लगा। स्कूल प्रबंधन का कहना था कि इसे ई-लाइब्रेरी का रूप दिया जा रहा है, ताकि सभी आवश्यक जानकारी आॅनलाइन हो, मैनुअल वर्क कम हो सके। लाइब्रेरी मे पुस्तकों के वितरण में भी ऐसा सिस्टम बने, जिससे काम का बोझ कम हो। कलेक्टर पुस्तकों के संकलन को लेकर उत्साहित दिखी।

सकारात्मक थीम की चित्रकारी से प्रभावित
कलेक्टर जब स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में पहुंची तो सबसे पहले प्राचार्य कक्ष में दीवार पर लगी पेटिंग को देखने लगी। सकारात्मक थीम पर आधारित चित्रकारी को देखकर उन्होंने कहा कि इनको बनाने वाले छात्र-छात्राओं को समुचित मार्गदर्शन मिलना चाहिए। वे पेटिंग के करीब जाकर चित्र के मंतव्य को समझने लगी थी। यहां प्राकृतिक तथा अन्य विषयों की पेटिंग को लेकर वे खासी प्रभावित नजर आई।

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