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दूसरे दिन भी मलसीसर में घरों में भरा रहा पानी

प्रोजेक्ट मैनेजर बी. प्रसाद मलसीसर बांध टूटने का मामला हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में डालने का लगाया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 04:15 AM IST

दूसरे दिन भी मलसीसर में घरों में भरा रहा पानी
प्रोजेक्ट मैनेजर बी. प्रसाद

मलसीसर बांध टूटने का मामला

हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में डालने का लगाया आरोप, कई करोड़ लीटर पानी बहने को माना लॉस

एनसीसी कंपनी के प्राेजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

भास्कर न्यूज | मलसीसर/झुंझुनूं

मलसीसर में कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना का बांध टूटने के मामले में इसका निर्माण करने वाली नार्गाजुना कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनसीसी) के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद के खिलाफ हजारों लोगों की जान को दांव पर लगाने और करोड़ों रुपए बर्बाद करने का मामला दर्ज हुआ है। लेकिन मजे की बात तो यह है कि जिन धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है, वे जमानत काबिल हैं और थाने में ही जमानत भी मिल जाएगी। तारानगर हैड पर तैनात जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेश कुमार मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद की लापरवाही से डेम टूटा। हजारों लोगों की जान और उनके माल का खतरा पैदा हो गया। धारा 336ए में जान और माल के नुकसान की आशंका तथा धारा 427 में आर्थिक नुकसान की बात है।

रिपोर्ट में लिखा गया है कि मलसीसर में एनसीसी लिमिटेड हैदराबाद द्वारा निर्मित रा वाटर रिजरवायर क्षमता 4790 मिलियन लीटर टूट जाने के कारण लगभग 4400 मिलियन लीटर पानी व्यर्थ बह गया। इस कारण जान माल का खतरा उत्पन्न हुआ। राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की आर्थिक हानि हुई। घटना के लिए मैं एनसीसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर बी प्रसाद की आपराधिक लापरवाही मानता हूं। इसलिए उनके विरुद्ध समुचित धाराओं में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करें।

नहीं बनता कोई संगीन अपराध

एडवोकेट सुरेंद्र सिंह किशनावत ने बताया कि धारा 336 में कहा है कि ऐसा उपेक्षापूर्ण कृत्य करना जिससे किसी के जीवन को संकट पैदा हो जाए। इसके तहत तीन महीने का कारावास दिया जा सकता है और जमानती धारा है। धारा 427 में लोक या किसी व्यक्ति को आर्थिक नुकसान कारित करना है। इसके तहत दो वर्ष की सजा का प्रावधान है। यह भी जमानती अपराध है। दोनों ही धाराओं में कोई संगीन मामला नहीं बनता।

झुंझुनूं जिला

सरकार ने माना-गुणवत्ता खराब होने से टूटा बांध, आईआईटी दिल्ली या रुड़की करेगी जांच

राज्य सरकार यह मान चुकी है कि निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण ही बांध के टूटने की नौबत आई है, जिससे आठ करोड़ लीटर पानी बह गया है। बांध को जो हिस्सा टूट है, वह पूरे बांध का तीन फीसदी है। ऐसे में प्रश्न यह है कि शेष 97 फीसदी की गुणवत्ता की क्या स्थिति है। भविष्य में फिर तो कहीं बांध न टूट जाए। इसकी गारंटी तय करने के लिए सरकार पूरे प्रोजेक्ट की जांच आईआईटी दिल्ली या आईआईटी रुड़की से कराएगी। जांच के दौरान यदि यह पाया गया कि बांध के किसी दूसरे हिस्से में गुणवत्ता खराब है तो उसे समय ठीक किया जाएगा, जिससे भविष्य में सरकार की फजीहत होने से बचाया जा सके।

बांध बनाने वाली एनसीसी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह साफ है कि खराब गुणवत्ता के कारण ही बांध टूटा है। ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता की जांच आईआईटी दिल्ली या रुड़की से कराई जाएगी। साथ ही अगले एक माह के भीतर रेस्टोरेशन का कार्य करके 30 से 40 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरु कर दी जाएगी। -रजत मिश्र, प्रमुख सचिव जलदाय विभाग

कहर बरपा गई 40 साल की मीठे पानी की उम्मीद, दर्द आंखों से बह निकला

मलसीसर/झुंझुनूं. करीब 40 सालों से थी मीठे पानी की उम्मीद शनिवार को लापरहवाह अधिकारियों की भेंट चढ़ गई। ऐसा कहर बरपा गया कि अब मीठे पानी की मंजिल और दूर हो गई। मीठे पानी आया भी था, लेकिन ऐसा दर्द दे गया कि लोगों की आंखों से बह निकला। शनिवार को जब कुंभाराम लिफ्ट केनाल परियोजना का मलसीसर रॉ वाटर रिजर्वायर (आरडब्ल्यूआर) टूटा तो कस्बे की राजगढ़ रोड पर वार्ड में 12 में कोई अपनी दुकान पर सामान तोल रहा था तो कोई महिला रसोई में खाना बना रही थी। कुछ युवक गलियों में टोली बना कर बैठे गप्पें लड़ा रहे थे। अचानक ‘पानी आ गया, पानी आ गया’ का शोर सुना तो सभी घरों-दुकानों से बाहर दाैड़े। इससे पहले कि वे कुछ सोच-समझ पाते पानी घरों व दुकानों में भर गया और हाय-तौबा मच गई।

विकास केड़िया - जब पानी भरा उस वक्त घर में कोई नहीं था। पापा (राजेंद्र केडिया) हमारी किराने की दुकान पर थे। मां मेरी प|ी का चैकअप कराने डॉक्टर के गई हुई थी। मैं चिड़ावा में एक सीए के यहां काम करता हूं, सो सुबह ही ड्यूटी पर निकल गया था। पड़ोसी ने फोन करके बताया कि बांध टूट गया और घरों में पानी घुस गया है। पानी में घर में साइड की दीवार ताेड़ कर नीचे से घुसा है। मैं तत्काल घर के लिए रवाना हो गया। मेरा परिवार पड़ोसी के घर में सुरक्षित था।

संतोष जोगी-मैं उस वक्त रसोई में खाना बना रही थी। बहू भी दूसरे कमरे में काम कर रही थी। पति निरंजन लाल अपनी चक्की पर गए हुए थे। अचानक बाहर शोर सुना कि पानी आ गया, पानी आ गया। एकदम से घबरा कर मैं रसोई से बाहर निकली, उधर बहू भी कमरे से बाहर भागी, इतने में तो पानी घर में कमर तक भर गया और गैलेरी से होते हुए पीछे भी भर गया। दीवार के नीचे होते हुए पीछे पड़ोसी के घर तक चला गया। जैसे-तैसे रात गुजारी।

लियाकत अली काजी-पिछले 12 साल से यहां रह रहे हैं। अभी छह साल पहले ही नया घर बनाया था। दो बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी विकलांग है। शनिवार को घर के बाहर शोर सुना कि बांध टूट गया है और पानी इधर ही आ रहा है। देखने कमरे से बाहर की दौड़ा ही था सामने से पानी आ रहा था। दीवार का सहारा लेकर खड़ा हो गया तो बच गया। पानी घर में चार फीट तक भर गया। दौड़कर विकलांग बेटी को गोद में उठाया और दीवार फांदकर बाहर निकला।।

सुरेश केडिया - मैं अपनी दुकान पर था। बेटा काम से कस्बे से बाहर गया हुआ था। घर में बीवी और बहू थी। वे लाेग रसोई में खाना बना रहे थे। प|ी ने बताया कि दाेपहर को करीब सवा-डेढ़ बजे अचानक घर से बाहर शोर सुनाई दिया। अचानक घर के बाएं कोने की दीवार के नीचे एक बड़ा सुराख हो गया और कुछ ही सैकंड में पानी घर में भर गया। प|ी ने फोन करके घटना की जानकारी दी तो घर पहुंचा। पड़ोस के युवकों ने घर से सामान निकालने का काम किया।

भ्रष्टाचार कर बांध बनाने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर लेकिन जो धाराएं लगाई हैं, उनमें थाने में ही मिल जाएगी जमानत

मलसीसर के तहसील भवन से दस्तावेज लाने के लिए पानी से जाते हुए नायब तहसीलदार फूलचंद मीणा व उनका साथी।

परियोजना के नियंत्रण कक्ष में भरा पानी तथा भवन में आई दरारें।

झुंझुनूं ,सोमवार 2 अप्रैल, 2018 |

36 घंटे बाद लौटी बिजली, अभी काफी काम शेष

मलसीसर डेम टूटने के बाद से मलसीसर में शनिवार दोपहर गुल हुई बिजली रविवार रात बहाल कर दी गई। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि अभी तो 33 केवी जीएसएस में पानी भरा है। जीएसएस तक बीच में कई जगह पानी भरा हुआ होने से राहत के लिए संसाधन भी नहीं मंगवा पा रहे हैं। एक पंप पंचायत समिति में तथा दो बिसाऊ नगर पालिका के दो पंप कस्बे में रास्तों तथा लोगों के घरों में पानी निकालने का काम कर रहे हैं। बिजली निगम के चीफ जेएस मांझू ने बताया कि फिलहाल मलसीसर को जाबासर और झटावा फीडर से जो़ड़ कर रात करीब नौ बजे कस्बे की सामान्य बिजली बहाल कर दी गई है।

तीन चीफ इंजीनियर पहुंचे मलसीसर

जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव रजत मिश्रा ने भास्कर को बताया कि तीन चीफ इंजीनियर स्पेशल प्रोजेक्ट महेश करल, रूरल के डीएम जैन व नागौर में चल रहे जायका प्रोजेक्ट के सीएम चौहान मलसीसर आ चुके हैं। इन तीनों की एक कमेटी बनाई है जो इस पूरे मामले में जांच करेगी कि डेम क्यों टूटा, इसके निर्माण में क्या खामी रही, और यह डेम आगे भी मजबूत रहेगा या नहीं, इसकी एक-एक इंच की गहन जांच होगी। मिश्रा ने बताया कि डेम निर्माता कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

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