चित्तौड़गढ़

--Advertisement--

27,900 बच्चे 5वीं बोर्ड परीक्षा देने दूसरे स्कूल जाएंगे

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ इस बार 5वीं बोर्ड परीक्षा में बच्चों का परीक्षा केन्द्र दूसरे स्कूल में होगा।...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:40 AM IST
भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

इस बार 5वीं बोर्ड परीक्षा में बच्चों का परीक्षा केन्द्र दूसरे स्कूल में होगा। ऐसे में परिजनों को चिंता है कि उनके मासूम दूसरे स्कूल तक कैसे जाएंगे। सरकार ने विद्यार्थी के स्कूल से 4 किमी दायरे वाले आदर्श या फिर उत्कृष्ट सरकारी स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाने के निर्देश दिए हैं। जिले में 27,900 विद्यार्थी पांचवीं बोर्ड परीक्षा देंगे। जिसका समय सुबह 10 से दोपहर साढ़े 12 बजे तक है।

जिले में 489 केंद्र बनाए हैं, परीक्षा में जिले के 2400 स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। परीक्षा को अनिवार्य बनाया गया है। परीक्षा संचालन एसआईईआरटी उदयपुर एवं डाइट के संयुक्त तत्वावधान में होगा। पांचवीं बोर्ड परीक्षा के पीछे उद्देश्य है कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार हो। निशुल्क शिक्षा का अधिकार अधिनियम के कारण इसमें पास-फेल नहीं ग्रेडिंग दी जाएगी। अधिकांश बच्चों को परीक्षा देने औसतन दो किमी दूर जाना पड़ेगा। शिक्षा विभाग परीक्षा में पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसा कर रहा है। बीईईओ कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित होंगे तथा परीक्षा से संबंधित सूचनाएं डाइट में भिजवाएंगे। ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी प्रश्न पत्र संग्रहण एवं मूल्यांकन केंद्र प्रभारी तक पहुंचाएंगे।

परीक्षा तैयारी बैठक डाइट में डीईओ प्रारंभिक ओम प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। समस्त बीईईओ, नोडल प्रधानाचार्य एवं संग्रहण एवं मूल्यांकन केन्द्र के संस्थाप्रधान उपस्थित थे। प्रधानाचार्य डाइट जगदीशचंद्र पालीवाल ने बताया कि परीक्षा पांच से 13 अप्रैल तक होगी। परीक्षा में संग्रहण एवं मूल्यांकन केंद्र 27 रहेंगे। मूल्यांकन केंद्र पर प्रपत्रों की जांच का सत्यापन व सैंपल चेकिंग की जाएगी। परीक्षा में कृपांक तथा स्वयंपाठी बैठने का प्रावधान नहीं है।

प्रश्न पत्र में हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में प्रश्न होंगे। परीक्षार्थी अपने साथ तख्ती या क्लिप बोर्ड अनिवार्य रूप से लाए ताकि उन्हें लिखने में कठिनाई न हो।

बोर्ड परीक्षा

5वीं बोर्ड परीक्षा 5 अप्रैल से होगी , 9 से 10 साल तक के परीक्षार्थी बच्चे, 4 किमी दूर तक है केंद्र

परीक्षा में मिलेगी ग्रेडिंग, निजी स्कूलों के लिए अनिवार्य

सरकारी के साथ निजी स्कूलों के बच्चों को भी 5वीं बोर्ड परीक्षा देनी जरूरी होगी। बच्चों को इसमें शामिल नहीं करने पर संबंधित निजी स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की मूल्यांकन व्यवस्था के लिए प्रति छात्र 40 रुपए संबंधित स्कूल देगा। बीईईओ को 15 किमी दायरे वाले स्कूलों से ही शिक्षकों को वीक्षक लगाना होगा। इस परीक्षा के परिणाम में ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है। इसके अनुसार 91 से 100 अंक पर A+, 76 से 90 अंक पर A, 61 से 75 पर B, 41 से 60 पर C और 40 अंक पर D ग्रेड दी जाएगी।

X
Click to listen..