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भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ गांधीनगर स्थित मेवाड़ गलर्स कालेज परिसर में श्रीमदभागवत भागवत कथा महोत्सव...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:40 AM IST

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

गांधीनगर स्थित मेवाड़ गलर्स कालेज परिसर में श्रीमदभागवत भागवत कथा महोत्सव शुरू हो गया है। कथा महोत्सव के दूसरे दिन व्यास पीठ से रामस्नेही संत दिग्गविजयराम महाराज ने मनुष्य के कर्म और उसके भक्ति मार्ग को बताया। गदिया परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह महोत्सव के दूसरे दिन गुरूवार को वरिष्ठ रामस्नेही संत रमताराम महाराज के शिष्य श्रीदिग्विजयराम महाराज ने संगीतमय भागवत कथा वाचन में भागवत महात्म्य और भक्ति की महिमा का उल्लेख किया। संत श्रीदिग्विजय राम महाराज ने कपिल देवहुति प्रसंग, सती प्रसंग और ध्रुव चरित्र पर चर्चा करते हुए भागवत ग्रंथ की महिमा को बताया। उन्होंने कहा कि जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है। इसलिए जीवन को सत्कर्म में लगाए। हर परिस्थिति में सहन करना सीखे। भक्ति अपने ईष्ट के प्रति ऐसा समर्पण भाव है, जो हमारे मन में यह विश्वास जगाता है कि उनकी शरण में हम सदा शांति से, सुरक्षित व सदाचारी रहेंगे। भक्ति के लिए कोई समय नहीं होता है। भक्ति मार्ग ही नारायण से साक्षात्कार के योग्य बनाता है। भक्ति के बिना परमात्मा की शरण में कोई नहीं जा सकता है। संत दिग्विजय राम महाराज ने कहा कि व्यक्ति को ईश्वर और मौत को हमेशा याद रखना चाहिए। उपकार को हमेशा भूल जाना चाहिए। जीवन बडी मुष्किल से मिलता है। इसलिए जीवन को सत्कर्म में लगाकर हर परिस्थिति को सहन करना सीखे। इस मौके पर संत श्रीरमताराम महाराज, बगुलामुखी शक्तिपीठ खाचरोद के पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज भी मंच पर आसीन रहे।

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