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दुष्कर्म जैसे अपराध पर मौन रहना है बड़ा अन्याय: चतुर्वेदी

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़ किसी का दुष्कर्म हो रहा हो और घर का दरवाजा बंद कर लंे, किसी लड़की से छेड़छाड़ हो और...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:45 AM IST

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

किसी का दुष्कर्म हो रहा हो और घर का दरवाजा बंद कर लंे, किसी लड़की से छेड़छाड़ हो और अपने मुंह पर दुपट्टा डाल लो या तमाशबीन बने रहना अन्याय है। हर लड़ाई बाजुओं से नहीं जिगर से लड़ी जाती है। यह बेबाकी राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षक आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने राजकीय कन्या कॉलेज में तेजस्विनी 2018 के पारितोषिक वितरण समारोह में दिखाई।

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवा का मतलब छात्र या छात्रा नहीं केवल युवा होता है, लेकिन अफसोस है कि आज का युवा केवल अपने भविष्य के लिए ही सोच रहा है, विदेशीकरण के लिए लालायत है, लेकिन अपनी धरती, राष्ट्र के लिए सोचने का वक्त नहीं दे रहा है। औरत की सहनशक्ति ताकत है, कमजोर बनकर घूमने की नहीं। मुख्य वक्ता एबीवीपी की प्रांत सह मंत्री गुंजन झाला थीं। विशिष्ट अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेंद्र पोखरना, नगर महामंत्री सागर सोनी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल थे। एबीवीपी के प्रांत मंत्री रवि वीराणी, जिला संयोजक मुकेश गुर्जर, रतन वैष्णव, पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद गुर्जर, रवि मेनारिया मौजूद थे। स्वागत भाषण प्राचार्य एलएल शर्मा ने दिया। छात्रसंघ अध्यक्ष प्रेरणा स्वर्णकार एवं पूर्व अध्यक्ष मेघा दमामी ने अतिथियों का स्वागत किया।

गर्ल्स कॉलेज में तेजस्विनी 2018 में बाल अधिकार संरक्षक आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने छात्राओं को खुद की ताकत समझाई

हम दो हमारे दो के कल्चर सहित कई मुद्दों पर बोलते हुए छात्राओं को दी सीख

भास्कर संवाददाता | चित्तौड़गढ़

किसी का दुष्कर्म हो रहा हो और घर का दरवाजा बंद कर लंे, किसी लड़की से छेड़छाड़ हो और अपने मुंह पर दुपट्टा डाल लो या तमाशबीन बने रहना अन्याय है। हर लड़ाई बाजुओं से नहीं जिगर से लड़ी जाती है। यह बेबाकी राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षक आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने राजकीय कन्या कॉलेज में तेजस्विनी 2018 के पारितोषिक वितरण समारोह में दिखाई।

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि युवा का मतलब छात्र या छात्रा नहीं केवल युवा होता है, लेकिन अफसोस है कि आज का युवा केवल अपने भविष्य के लिए ही सोच रहा है, विदेशीकरण के लिए लालायत है, लेकिन अपनी धरती, राष्ट्र के लिए सोचने का वक्त नहीं दे रहा है। औरत की सहनशक्ति ताकत है, कमजोर बनकर घूमने की नहीं। मुख्य वक्ता एबीवीपी की प्रांत सह मंत्री गुंजन झाला थीं। विशिष्ट अतिथि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, नगर परिषद सभापति सुशील शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष नरेंद्र पोखरना, नगर महामंत्री सागर सोनी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक ओमप्रकाश तोषनीवाल थे। एबीवीपी के प्रांत मंत्री रवि वीराणी, जिला संयोजक मुकेश गुर्जर, रतन वैष्णव, पीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष गोविंद गुर्जर, रवि मेनारिया मौजूद थे। स्वागत भाषण प्राचार्य एलएल शर्मा ने दिया। छात्रसंघ अध्यक्ष प्रेरणा स्वर्णकार एवं पूर्व अध्यक्ष मेघा दमामी ने अतिथियों का स्वागत किया।

कल्चर: हम दो हमारे दो का कल्चर पर तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा ही चला तो, देश में बुजुर्ग ही बुजुर्ग या अनुभवी ही रह जाएंगे। कहां से लाएंगे युवा।

तालियां: मैं 127 बच्चों का भरण पोषण कर रही हूं, यह मेरा परिवार है, लेकिन 127 में से 90 बेटियां है। इनमें एक बच्ची तो ऐसे हालातों में पाई थी कि उसे कुत्ते अपने मुंह मेें उठाकर ले जा रहे थे, उसकी चीख से लोग मदद के लिए दौडे़ आज वही लड़की कक्षा सातवीं में पढ़ रही है, यहां तालियां बनती है।

डरपोक: वे लोग डरपोक-कमजोर है जो गर्भ में बेटियों को खत्म करते हैं। दहेज की बात करना बंद करो, बाजुओं में दम पैदा करो।

ताकत: राजनीति का दौर चल रहा है, लेकिन सबसे बड़ी ताकत कॉमन मैन है, इसे पहचानाे और आगे बढ़ो।

भंसाली भांड ने इतिहास से छेड़छाड़ की...कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एबीवीपी की प्रांत सह मंत्री गुंजन झाला ने कहा कि भंसाली जैसे भांड ने पदमनी या पदमावत की मूवी बनाकर इतिहास से छेड़छाड़ करने की है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अब निशुल्क अावास एवं भोजन की व्यवस्था मिलेंगी... गर्ल्स कॉलेज में लंबे से बने 50 छात्राओं के निवास के लिए बना छात्रावास का संचालन अब जल्द चालू होगा। राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षक आयोग की मनन चतुर्वेदी ने छात्रसंघ अध्यक्ष प्रेरणा स्वर्णकार सहित छात्रसंघ पदाधिकारियों की मांग पर कहा कि अगले सत्र से इस छात्रावास में प्रवेश मिलेगा और इसमें निवास करने वाली छात्राओं के भोजन का खर्च सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को उठाने की जिम्मेदारी सौंपी है। नीलम गोस्वामी ने पापा खुद सहते हंै गीत सुनाया तो, आयोग अध्यक्ष ने गले से लगाकर बालिका का उत्साह बढ़ाया।

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