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सद‌्विचारों से अपने मन को बदलें: भोलाराम

चित्तौड़गढ़ | अपने विचार बदलने से ही अपने मन को बदला जा सकता है। विचारों से सद कर्मों के भाव मन में आते है सद कर्मों...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 04:15 AM IST
चित्तौड़गढ़ | अपने विचार बदलने से ही अपने मन को बदला जा सकता है। विचारों से सद कर्मों के भाव मन में आते है सद कर्मों से इंसान महान बनता है। संसार में परिवारों में भाई-भाई के नहीं बनती तकरार का भाव बेर का भाव, निंदा का भाव, अहंकार के भाव, व्याप्त है। भाई-भाई में मतभेद विचारों में मतभेद, दो भाईयों के बीच दीवार सी बनी हुई है। अतः आज जरूरत है कि हम अपने विचारों को बदल कर अपने मन के भावों को परिवर्तित करें।

यह विचार संत निरंकारी मिशन के संयोजक महात्मा भोलाराम मल्होत्रा ने साप्ताहिक सत्संग के दौरान स्टेशन रोड़ स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में धर्मसभा को व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमें सदा ही संतों की सेवा करके जीवन को सार्थक बनाना है। सेवा हमेशा निष्काम भाव से एवं निरिछित भाव से करनी चाहिए जो सदगुरु को परवान हो। हमें सेवा के साथ हर पल सिमरन एवं सत्संग करते हुए जीवन को सार्थक बनाना चाहिए। सत्संग में निष्ठा, काजुल बंधु, देविका बंधु , सुराज, भंवर, औंकार जी, दुर्गा बहन, रामदीन यूपी, लालूराम, रामसिंह, रामेश्वरी आहुजा, रतन, दिलखुश बहिन, नारायणलाल, गोविंद, कांता, धीरज पारेता ने विचारों एवं भक्ति रचनाएं प्रस्तुत की। सत्संग का संचालन महिला क्लब की सचिव महक जैनानी ने किया।