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ट्रूडो 3 दिन में पलटे, बोले- भारत ने बदनाम करने की कोशिश की

Chittorgarh News - कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो तीन दिन पहले ही एक हफ्ते की भारत यात्रा खत्म कर अपने देश वापस पहुंचे। यहां...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 06:10 AM IST
ट्रूडो 3 दिन में पलटे, बोले- भारत ने बदनाम करने की कोशिश की
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो तीन दिन पहले ही एक हफ्ते की भारत यात्रा खत्म कर अपने देश वापस पहुंचे। यहां पहुंचते ही ट्रूडो अपनी बातों से मुकर गए। भारत के खिलाफ बयान दिया है। ट्रूडो ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें कहा गया है कि भारत यात्रा के दौरान भारत के सरकारी अमले ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया है।

दरअसल, पीएम ट्रूडो पिछले दिनों भारत में थे। मुंबई में एक इवेंट में उनकी प|ी सोफी के साथ खालिस्तान आतंकी जसपाल अटवाल की तस्वीर सामने आई थीं, इसके कारण ट्रूडो की यात्रा विवादों में घिर गई थी। ट्रूडो के लिए दिल्ली में कनाडाई उच्चायुक्त की ओर से आयोजित डिनर में भी अटवाल को निमंत्रण मिला था। विवाद होने पर निमंत्रण वापस ले लिया गया था।

एनएसए ने क्या कहा था: इस विवाद पर ट्रूडो के दफ्तर ने मीडिया के लिए एक बैकग्राउंड ब्रीफिंग की थी। कनाडाई मीडिया के मुताबिक इसमें एनएसए डेनियल ज्यां ने कहा था कि अटवाल की मौजूदगी के पीछे भारत के उन सरकारी एजेंसियों का हाथ था, जो यह नहीं चाहते कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस विदेशी सरकार के काफी करीब आएं जो उनकी नजर में भारत को एक नहीं देखना चाहती।

अटवाल पर खलिस्तान मुहिम से जुड़े होने का आरोप है: भारतीय मूल के कनाडाई नागरिक अटवाल पर खालिस्तान की मुहिम से संबंध रखने का आरोप है। अटवाल प्रतिबंधित संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन का सदस्य है। इस संस्था को 2003 में बैन कर दिया गया। अटवाल पर 1986 में वैंकूवर आइलैंड पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री मलकीयत सिंह सिंधू की हत्या का प्रयास करने का आरोप है।

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भारत: आधारहीन बातें हमें मंजूर नहीं

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने कनाडा की संसद में हाल की चर्चा को देखा है। हम साफ कहना चाहते हैं कि चाहे वह मुंबई में अटवाल की मौजूदगी हो या नई दिल्ली में भोज में उसे न्योता दिए जाने का मामला हो। भारत की सुरक्षा एजेंसियों का अटवाल की मौजूदगी से कोई संबंध नहीं है। इस तरह की बातें आधारहीन हैं और हमें कतई मंजूर नहीं हैं।

मंगलवार को कनाडा की संसद में विपक्षी सांसदों ने खालिस्तान आतंकी जसपाल अटवाल से कनेक्शन पर हंगामा किया। सांसदों ने पीएम जस्टिन ट्रूडो से सवाल पूछा कि क्या उनके दफ्तर ने यह कहा है कि भारत सरकार की ओर से साजिश की गई। इस पर ट्रूडो ने एनएसए के बयान का समर्थन किया। पीएम ट्रूडो ने कहा कि जब हमारे टॉप अधिकारियों में से कोई एक कनाडा के लोगों से कुछ कहता है तो वो जानते हैं कि यह सच ही है।

कनाडा: ट्रूडो ने पहले सफाई दी थी

कनाडा की ओर से खालिस्तान आतंकी अटवाल को नई दिल्ली के भोज में बुलाने के विवाद पर पीएम ट्रूडो ने भारत में सफाई दी थी। ट्रूडो ने कहा था कि हमने इस मसले को गंभीरता से लिया है। उसे कोई भी निमंत्रण नहीं दिया चाहिए था। जैसे ही हमें इसकी जानकारी मिली, कनाडा के हाईकमीशन ने निमंत्रण रद्द कर दिया। संसद के एक सदस्य ने उसे बुलाया था।

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