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छात्रों तक पेपर पहुंचने के 7 स्टैप, 4 कमजोर कड़ी

परीक्षा से तीन-चार माह पहले नवंबर-दिसंबर में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन तीन या चार विषय...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 06:55 AM IST

3 प्रिंटिंग प्रेस

कमजोर कड़ी

2011 में प्रिंटिंग प्रेस कर्मचारी के शामिल होने की जांच

सीबीएसई द्वारा आयोजित एआईईईई के प्रश्नपत्र लीक मामले में उस प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आई थी, जहां पेपर छापे गए थे। यह जानकारी बोर्ड ने अपनी जांच रिपोर्ट में दी। इतना ही नहीं वर्तमान में पेपर लीक मामले में भी पुलिस मध्य दिल्ली के एक प्रिंटिग प्रेस तथा कोचिंग संचालकों के बीच साठगांठ का पता लगाने में जुटी है।

5 बैंक

कमजोर कड़ी

2006 में बैंक मैनेजर शामिल मिला

इस बेहद चर्चित मामले में कक्षा 12वीं का बिजनेस स्टडीज पेपर लीक हुआ। सीबीएसई के इस प्रश्नपत्र के लीक हो जाने की जानकारी पुलिस को वाराणसी बम ब्लास्ट से जुड़ी पड़ताल के दौरान मिली। तब पुलिस आरोपियों की तलाश में हरियाणा के पानीपत शहर में होटल तथा ढाबों पर छापे मार रही थी। आरोपी तो हाथ नहीं लगे, लेकिन पुलिस को लीक प्रश्नपत्र मिल गए। बाद में पुलिस ने इस मामले में 6-7 लोगों की गिरफ्तारी की। इनमें एक बैंक मैनेजर तथा कैशियर भी शामिल था।



इस हफ्ते सबसे चर्चित रहा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई पेपर लीक मामला। इसने यह भी साफ कर दिया कि प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा हॉल तक पहुंचने की शृंखला में कई ऐसी कड़ियां हैं, जहां गड़बड़ी की आशंका है। ऐसे में यहां वो सबकुछ एकसाथ जो पेपर लीक के बारे में आप समझना चाहते हैं। साथ में इस एक्जाम सिस्टम की कमजोर कड़ियां। - भास्कर न्यूज नेटवर्क

2 सीबीएसई

कमजोर कड़ी

2004 में यहीं के कर्मचारी पर लगे थे आरोप

सीबीएसई-पीएमटी से पहले दिल्ली पुलिस के हाथ फिजिक्स तथा केमिस्ट्री के प्रश्नों का ऐसा सेट लगा, जो असल प्रश्नपत्र से हू-ब-हू मेल खाता था। इसमें उत्तर भी थे। पुलिस ने मामले में सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय के एक कर्मचारी को आरोपी बनाया। उस पर एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक को प्रश्नपत्र बेचने के आरोप थे। इस मामले की तरह 2011 में नागपुर में भी सीबीएसई के एक सीनियर अफसर प्रीतम सिंह को पैसों के लालच में एआईईईई के पत्र बेचने का आरोपी बनाया गया था। वे 2005 से यह काम करते आ रहे थे।


6 पर्यवेक्षक


4 परिवहन


7 परीक्षा केंद्र


हफ्ते का मुद्दा

कमजोर कड़ी

2011 में प्रिंसिपल दोषी

निकोबार में सीबीएसई की 12वीं का फिजिक्स व गणित का पेपर लीक हुआ था। मामले में पोर्ट ब्लेयर की विशेष कोर्ट ने नवंबर 2011 में चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसमें लापैथी के सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल कृष्णन राजू भी शामिल था। इस मामले में पेपर बैंक में नहीं, प्रिंसिपल के पास सुरक्षित थे।

ताजा केस में क्या-क्या हुआ?

28 मार्च

28 मार्च



29 मार्च


30 मार्च


कहां तक पहुंची जांच?: पुलिस सोर्स तक पहुंचने के लिए व्हाट्स-एप पर प्रश्नपत्र फॉरवर्ड करने वाले फोन नंबरों की चेन को खंगाल रही है। अभी तक ऐसे 40 मोबाइल नंबर हाथ लगे हैं। ये नंबर 10वीं के 24 और 12वीं के 10 छात्र हैं।

आगे क्या?: जानकारों का मानना है कि पेपर लीक करने वाला काफी चालाक है। इसलिए उसने पेपर हाथ से लिखे। वह इन्हें गैस पेपर बता सकता है। क्योंकि परीक्षा के दिनों में गैस पेपर बाजार में आना सामान्य बात है।

बोर्ड को चेताया या चुनौती दी?

क क्षा 10वीं का गणित का जो प्रश्न-पत्र लीक हुआ है, उसकी एक कॉपी एक दिन पहले सीबीएसई चेयरपर्सन के मेल पर भेजी गई थी। यानी पेपर लीक करने वाले गिरोह ने सीबीएसई के सामने खुली चुनौती पेश की। या फिर एक दिन पहले सीबीएसई को पेपर लीक की जानकारी देकर कोई व्हिसलब्लोअर का काम करना चाहता था?

08

लाख छात्र 12वीं के

देशभर के छात्र क्यों हुए प्रभावित?

इ स बार सीबीएसई का पेपर लीक होने से देशभर के छात्र प्रभावित हुए हैं। इसलिए कि सीबीएसई ने इसी साल देशभर में एक्जाम को सेंट्रलाइज्ड कर दिया है। पहले रीजन के लिहाज से प्रश्नपत्र अलग होते थे, लेकिन अब एक से होते हैं। इतना ही नहीं अब तक पेपर के कई सेट बनते थे। अलग-अलग सेट्स में सवालों में कुछ अंतर भी होता था। मगर इस बार सीबीएसई ने परंपरा तोड़ी और इकोनॉमिक्स के प्रश्नपत्र का एक ही सेट बनाया। इससे देशभर के 12वीं के छात्र प्रभावित हुए।

1000

छात्र

ये एसएससी जैसा लीक या अलग?

स्टा फ सेलेक्शन कमीशन यानी एसएससी द्वारा इस साल 17 से 22 फरवरी तक हुई कम्बाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के दूसरे चरण से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर लीक हुए थे। एसएससी ने 21 फरवरी का पेपर-वन रद्द करने की घोषणा तीन दिन बाद की। लीक सोशल मीडिया पर हुआ, लेकिन अंतर यह है कि एसएससी अॉनलाइन थीं, सीबीएसई ऑफलाइन। इसलिए एसएससी में परीक्षा आयोजित करवाने वाली निजी एजेंसी व सेंटर संचालक जांच के घेरे में हैं।

इन्हें फिर से परीक्षा देनी होगी। 10वीं के 16.38 लाख छात्र, लेकिन सभी की दोबारा परीक्षा नहीं होगी।

सेे ज्यादा तक पहुंच चुका था, सीबीएसई का लीक प्रश्नपत्र, ऐसी पुलिस ने आशंका जताई है।