--Advertisement--

हिमाचल में धामी का पत्थर मेला; दो गांव के दो गुटों में आधा घंटा हुई पत्थरबाजी, यहां चोट लगना सौभाग्य माना जाता है

हिमाचल प्रदेश में शिमला से 30 किमी दूर हलोग धामी गांव में हर साल परंपरागत रूप से दिवाली के दूसरे दिन पत्थर मेला लगता...

Dainik Bhaskar

Nov 11, 2018, 09:00 AM IST
Sadas - dhamma stone fair in himachal half an hour in two groups of two villages rocking injury is considered good luck
हिमाचल प्रदेश में शिमला से 30 किमी दूर हलोग धामी गांव में हर साल परंपरागत रूप से दिवाली के दूसरे दिन पत्थर मेला लगता है। पत्थर का ऐसा अजीब खेल, जब तक खून न बहने लगे, तब तक पत्थरबाजी नहीं रुकती है। गुरुवार को इस मेले में हजारों लोग जुटे। धामी रियासत के राजा जगदीप सिंह के पहुंचते ही दो गुटों के बीच पत्थर चलने शुरू हो गए। आधे घंटे तक चली पत्थरबाजी के बाद जमोगी गांव के सुरेश को माथे पर पत्थर लगा और उसके खून से मां भद्रकाली का अभिषेक किया गया। मेले में पत्थर लगना सौभाग्य की बात मानी जाती है। धामी गांव में लगने वाला यह मेला प्रसिद्ध है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं।

नरबलि के बाद पशुबलि, अब पथराव

पहले यहां हर साल नरबलि दी जाती थी। राजा की मौत के बाद रानी सती हो गई। मरते समय रानी ने यहां पर नरबलि बंद करवा दी। इसके बाद पशुबलि शुरू हुई। फिर इसे भी बंद कर दिया। अब पत्थर मेला शुरू किया गया।

पत्थरबाजी के लिए दो टोलियां ही मान्य

एक ओर राज परिवार की टोली और दूसरी तरफ से जमोगी खानदान की टोली के सदस्य ही पत्थरबाजी में भाग ले सकते हैं।

जमोगी गांव के एक युवक को चोट लगी

Sadas - dhamma stone fair in himachal half an hour in two groups of two villages rocking injury is considered good luck
X
Sadas - dhamma stone fair in himachal half an hour in two groups of two villages rocking injury is considered good luck
Sadas - dhamma stone fair in himachal half an hour in two groups of two villages rocking injury is considered good luck
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..