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शराब दुकान के लिए दिल्ली-हरियाणा तक से आवेदक, धरोहर राशि जमा होते ही सौंपेंगे
{कड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन भी लगाई ... हजारों आवेदकों देखते हुए सुरक्षा के कडे प्रबंध रखे गए। डीएसपी शाहना खानम की अगुवाई में सीआई कोतवाली सुमेरसिंह राठौ, सदर विक्रमसिंह, महिला थानाधिकारी सुशीला खोईवाल ,आबकारी सीआई दिनेश सुखवाल आदि मय जाब्ता तैनात रहे। बाहर यातायात पुलिस लग से तैनात रही। ऑडिटोरियम में कई जगह एलईडी लगाकर लाइव बताया जा रहा था। संचालन सहायक आबकारी अधिकारी हरीश रोलन ने किया।
आगामी वित्तीय वर्ष के लिए देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानों का आवंटन गुरुवार को लाॅटरी के जरिये हुआ। जिसमें भाग लेने के लिए राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से भी शराब कारोबारी आवेदक बनकर पहुंचे। अब चयनित आवेदकों के धरोहर राशि जमा कराने के बाद उनको दुकानें सौंपी जाएगी।
लॉटरी प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सुबह 11 बजे नगरपरिषद के इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में शुरू हुई। कलेक्टर चेतन देवडा, एसपी दीपक भार्गव व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अश्विनी कुमार की मौजूदगी में सबसे पहले जिला आबकारी अधिकारी रेखा माथुर ने वर्ष 2020-21 के बंदोबस्त कार्य की प्रक्रिया की जानकारी दी। जिले में देशी शराब के 168 समूहों की 206 दुकानों के लिए 6650 तथा अंग्रेजी शराब की 20 दुकानों के लिए 1707 आवेदन जमा हुए थे। पहले अंग्रेजी शराब की दुकानों के लिए लाटरी निकाली गई। दोपहर एक बजे देशी शराब दुकानों की लाटरी शुरू हुई। सबसे पहले बेगूं के श्रीपुरा की दुकान की लाटरी निकली गई। जिसके 80 दावेदार थे। हर दुकान के लिए आए आवेदकों के नाम की पर्चियां बनाकर प्लास्टिक के बड़े ड्रम में डाली जाती रही। कई बार मिलाने के बाद कलेक्टर, एसपी आदि अधिकारी पर्ची निकालते रहे। जिले की शराब दुकानें लेने के लिए इस बार भी जिले और राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों से भी शराब कारोबारी पहुंचे। हालांकि कारोबारियों ने डमी नामों से खूब फार्म भरे।
एक बजे देशी शराब दुकानों की लाटरी शुरू हुई। सबसे पहले बेगूं के श्रीपुरा की दुकान की लाटरी निकली गई। जिसके 80 दावेदार थे। हर दुकान के लिए आए आवेदकों के नाम की पर्चियां बनाकर प्लास्टिक के बड़े ड्रम में डाली जाती रही। कई बार मिलाने के बाद कलेक्टर, एसपी आदि अधिकारी पर्ची निकालते रहे। जिले की शराब दुकानें लेने के लिए इस बार भी जिले और राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों से भी शराब कारोबारी पहुंचे। हालांकि कारोबारियों ने डमी नामों से खूब फार्म भरे।
{महिलाओं के नाम खुली लॉटरी लेकिन वे नजर नहीं आईं ... पेशेवर शराब कारोबारियों या अन्य व्यवसाय से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों ने डमी या महिलाओं के नाम से भी आवेदन भरे। ऐसे में लॉटरी में कई दुकानें महिलाओं के नाम भी खुलती रही। निंबाहेड़ा की पांच दुकानों के लिए लाटरी में चंद्रकांता मीणा, दशरथ, नाथीदेवी, पंकज अग्रवाल, देवकुमारी मेवाड़ा जैसे नाम सामने आए। रावतभाटा की दो दुकानों के लिए 485 आवेदन थे। रावतभाटा व चित्तौड़गढ़ में भी महिलाओं के नाम लॉटरी खुली। मजेदार बात यह कि इतनी भीड़ मेंं महिलाओं के चेहरे देखने को नहीं मिले।
{आगे क्या ... चयनित आवेदकों को एक माह में धरोहर राशि आबकारी विभाग में जमा करानी होगी। उल्लेखनीय है कि इस बार गत सालों की तुलना में आवेदन कम आने से आवेदन तिथि और लाटरी की तिथि को विभाग को बढ़ानी पड़ी थी।
{दिनभर बाइपास मार्ग और इंदिरा प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम पर बनी रही गहमागहमी
अाॅडिटोरियम के अंदर और बाहर बाइपास रोड पर भारी गहमागहमी बनी रही। पहले अंग्रेजी शराब और फिर देशी शराब की दुकानों के आवेदकों को अंदर लिया गया। एक ही व्यक्ति ने एक ही दुकान के लिए अलग अलग नाम से एक दर्जन तक आवेदन किए थे। सबसे ज्यादा उत्सुकता अंग्रेजी शराब की चित्तौड़ शहर में जोन नंबर टू और रावतभाटा शहर के अलावा देशी शराब में गंगरार, भदेसर क्षेत्र की कुछ दुकानों को लेकर थी।