सबसे फिट महिला: 4.8 फुट लंबी सिमोन 1 मिनट हवा में रह सकती हैं**

Chittorgarh News - गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली चुनाव में \"गोली मारो\' और \"भारत-पाक मैच\' जैसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे। - और...

Feb 15, 2020, 11:06 AM IST
Rashmi News - rajasthan news best fit woman 48 feet tall simone can stay in the air for 1 minute

{गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली चुनाव में "गोली मारो' और "भारत-पाक मैच' जैसे बयान नहीं दिए जाने चाहिए थे।

- और यह बात खुद उन्हें भी "करंट' वाला बयान देने के बाद ही समझ में आई होगी।

{दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष (अब पूर्व) सुभाष चोपड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी विज्ञापनों के कारण चुनाव जीती।

- और जनता को उनके इस बयान के बाद पता चला कि दिल्ली कांग्रेस का कोई प्रदेश अध्यक्ष भी है।

{खुदरा महंगाई 6 साल के सबसे ऊंचे स्तर 7.59% पर पहुंची।

- अब भाजपा के प्रवक्ता पाकिस्तान की महंगाई का उदाहरण देकर देश की जनता को खुश कर सकते हैं।

{दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 66 सीटों पर चुनाव लड़ा और 63 सीटों पर जमानत जब्त हो गई।

- पार्टी को शेष तीन उम्मीदवारों को जमानत बचाने की खुशी में थ्री नाइट फोर डेज का सिंगापुर पैकेज तो देना ही चाहिए।

{विदेश मंत्री जयशंकर प्रसाद ने कहा है कि नेहरू, पटेल को अपनी कैबिनेट में नहीं रखना चाहते थे।

- अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों का जवाब देने के लिए जवाहरलाल नेहरू को अब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ही लेनी चाहिए।

{दिल्ली में भाजपा के 62 लाख सदस्य हैं, जबकि चुनाव में 35 लाख लोगों के ही वोट मिले।

- भाजपा कह सकती है कि पहले उसने बिना जीएसटी काटे आंकड़े बता दिए थे, जबकि वोटिंग जीएसटी काटकर हुई है।

{पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार रसोई गैस के दामों का बढ़ना और घटना हमारे हाथ में नहीं है।

- जब भाजपा विपक्ष में होती है तो यूं ही सड़क पर सिलेंडर लेकर बैठ जाया करती है।

ह्यूमर ट्यूमर  सौरभ**

}जिन लड़कों के कहने पर घर में चाय तक नहीं बनती, उन्होंने भी कल वैलेंटाइन डे पर चांद तारे तोड़ लाने के वादे कर लिए!

}चाहे कितने ही महंगे हॉस्पिटल में चले जाओ, डॉक्टर को दिखाने के समय बैठना तो स्टूल पर ही पड़ता है!

}खुद को हमेशा स्पेशल समझो और बाकी सब को फ़ालतू, मन को बहुत शांति मिलेगी!

}जब से स्मार्टफोन आए हैं, बच्चे बस में खिड़की वाली सीट की जिद नहीं करते!

}बिस्तर पर चाय और प्यार में धोखा आंख खोलने में मदद करता है!

फनी लॉज़  प्रहलाह सिंह शक्तावत
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जो खुद गुलाब हो उसे मैं गुलाब क्या दूं, ये बोलकर वैलेंटाइन डे पर कई लड़कों ने 50 रुपए बचा लिए !
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लो कर लो शेयर **

हास्य बत्तीसी  लहरी**

जनरल नायिका: नायिकाओं में एक नायिका होती है जनरल नायिका, जैसे जनरल स्टोर। जिस तरह जनरल स्टोर में सब सामान मिलता है, वैसे ही जनरल नायिका में सब गुण मिलते हैं। चंचल वह, गंभीर वह, त्याग व मर्यादा की साक्षात मूर्ति वह, यौवन उसमें, रूप और गुण उसमें। जनरल नायिका की एक विशेषता यह होती है कि उसमें एक विशेषता नहीं होती, बल्कि सभी विशेषताएं होती हैं। निर्देशक अपनी सुविधानुसार, जब चाहे उसके त्याग और मर्यादा के गुण को भुना सकता है और जब चाहे उसके यौवन और नृत्य को कैश करा सकता है। आजकल जनरल नायिका कुछ ज्यादा ही जनरल हो गई है। उधर हर मोहल्ले में जनरल स्टोर खुल गया है, इधर हर फिल्म में जनरल नायिका पाई जाने लगी है।

पारिवारिक नायिका: पारिवारिक नायिका पारिवारिक फिल्मों में पाई जाती हैं। यह घरेलू किस्म की सती-सावित्री औरत होती है। जब पतिव्रता होने पर उतारू होती है तो इतनी पतिव्रता हो जाती है कि अपने पति को भी हाथ नहीं लगाने देती। इसमें अत्याचार सहने की गजब की शक्ति होती है। हिंदुस्तानी सास ऐसी बहू को पर्दे पर देखकर ठंडी आहें भरती है और अपनी बहू से उम्मीद करती है कि वह इस देवी से कुछ सीखें। पारिवारिक नायिका लोरी और आरती गाने में विशेषज्ञ होती है। उसने भक्ति में डूबी आरतियां गाकर कई भगवानों को प्रसन्न किया। ममता में डूबी लोरियां गाकर कई बच्चों को मीठी नींद सुलाया। अब वही बच्चे जागकर बड़े हुए तो डिस्को और पॉप म्यूजिक के रंग में रंग गए। वे आरती और लोरी के नाम से दूर भागने लगे। पारिवारिक नायिका का भूतकाल भले ही गौरवशाली रहा हो, लेकिन उसका भविष्य अंधकारमय लगता है, क्योंकि युवा वर्ग को चाहिए डिस्को और पॉप म्यूजिक। पारिवारिक नायिका को फिल्मों में बने रहना है तो उसे अपने आप को बदलना होगा। उसे डिस्को-आरती और पॉप-लोरी गानी होगी।

कॉलेज जाने वाली नायिका: इस तरह की नायिका में डिक्शनरी में बताई गई नायिका की तरह यौवन और रूप भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जहां तक गुण संपन्न होने का सवाल है तो अभी उसमें समय लगेगा और हाल-फिलहाल उसको इसकी जरूरत भी नहीं है। कॉलेज जाने वाली नायिका कॉलेज की यूनिफॉर्म पहनने में विश्वास नहीं करती। वह वहां पढ़ने या पढ़ाने नहीं, बल्कि नायक की नींद और बाकी विद्यार्थियों के होश उड़ाने जाती है। वह वहां डिग्री नहीं, नायक का दिल लेने जाती है। कॉलेज जाने वाली नायिका स्क्रीन पर नई नहीं है। फिल्म ‘मेरे महबूब' में नायिका साधना और नायक राजेंद्र कुमार टकराए तो एक अमर गीत का जन्म हुआ - ‘मेरे महबूब, तुझे मेरी मोहब्बत की कसम...' और कॉलेज में टकराने की स्वस्थ परंपरा को भी जन्म दिया, जो कई सालों तक चली...। हाय! कहां गए वो लोग और कहां गया वह टकराना।

डिग्री नहीं, नायक का दिल लेने व नींद उड़ाने के लिए कॉलेज जाती है नायिका**

हैप्पीक्रेसी  आश करण अटल
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गुलाबो... ज़रा

पॉपकॉर्न खिला दो...

>नसीब अपना-अपना। -राजीव महेन्द्रू, जयपुर

>अभी तो पार्टी शुरू हुई है। -बृजेश मीणा, दौसा

>टीवी की गर्मागर्म बहस, पॉपकॉर्न के संग।
-राजेश नागर

>हर कुत्ते के दिन आते हैं, पर इसके कुछ ज्यादा ही आ गए। -श्याम मारोडीया/लक्ष्य ताम्रकर

>गुलाबो... ज़रा पॉपकॉर्न खिला दो...।
-जूही श्रीवास्तव

>तेनु काला चश्मा जंचता वे, जंचता वे गोरे मुखड़े पे। -श्रेया प्रियदर्शी

>कुत्ता क्या जानें पॉपकॉर्न का स्वाद।
-दिनेश सिंगारिया

>गोरे-गोरे मुखड़े पे काला-काला चश्मा।
-रश्मि शर्मा/संदीप ककोड़

>अगले बजट तक पॉपकॉर्न से ही काम चलाना पड़ेगा। -योगेश अकोदिया, उज्जैन

>अरे मैं तो साहब बन गया। -करुणा बिरमपुरी

>यहां के हम हैं बादशाह। -जगराजसिंह देऊ

>चला मुरारी हीरो बनने। -सूर्य प्रकाश

>लो आ गए नए जमाने के स्वान।
-प्रेम मीणा हरलोदा

>अच्छे दिन आ गए... कुत्तों के। -अनूप रोहिला

>इंसान की खाल में। -शंकर मीना, जयपुर

>वैंलेटाइन डे पर पॉपकॉर्न खाते हुए अपने साथी का इंतजार। -कविता राज

>खा लो, मुस्कुरा लो, महफिल सजा लो। न जाने कब मालकिन आ जाएं। -रदीप सिंह बट्‌टू

इस हफ्ते का नॉनसेंस फोटो

इस तस्वीर को देखकर आपके भी दिमाग में मजेदार कैप्शन आ रहे होंगे। तो भेज दीजिए [email protected] पर...

ये फोटो नॉनसेंस है **

पिछले सप्ताह हमने यह फनी फोटो देकर पाठकों से कैप्शन आमंत्रित किए थे। पेश हैं कुछ चुनिंदा नॉनसेंस कैप्शन :


जी हुजूर, बैठक में अपना पक्ष रखने के लिए न्यूज चैनल्स के एंकरों को भी बुलवा लें?


हमारी पार्टी ही इकलौती ऐसी पार्टी है जो अपने पिछले परिणाम को मेंटेन रख पाई है।**

नड्डा जी, हार की समीक्षा के लिए जल्दी से बैठक बुलवाइए।**

दिल्ली चुनाव में भाजपा की 5 सीटें बढ़ी हैं तो आम आदमी
पार्टी की 5 सीटें कम हुई हैं...हमारी पार्टी का क्या हुआ?**

सेंसिबल मीम सौरभ जैन**

डेढ़ साल से यूके में है ओला...

जुलाई 2019 में ओला को पंद्रह महीने का यूके में लाइसेंस मिला था। ओला पिछले डेढ़ साल से यूके के 28 शहरों में काम कर रही है। ओला ने फरवरी 2018 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से अपना बिज़नेस शुरू किया था। इसके बाद न्यूजीलैंड और फिर यूके में अपनी सेवाएं शुरू कीं। ओला ने बीते साल जापान के सॉफ्ट बैंक ग्रुप से 1.1 अरब डॉलर (7.6 हजार करोड़ रुपए) लगाने का ऑफर ठुकरा दिया था। भाविश कंपनी में अपना अधिकार बनाए रखना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने सॉफ्टबैंक के 7.6 हजार करोड़ रुपए लेने से इनकार कर दिया था।

वर्क-लाइफ बैलेंस में विश्वास रखते हैं...

भाविश फिटनेस का खासा ध्यान रखते हैं। रोज़ाना स्कवॉश खेलने के साथ हफ्ते में दो बार साइकिलिंग करते हैं। वह नो शुगर डाइट का कड़ाई से पालन करते हैं। उनकी प|ी राजलक्ष्मी ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह रोज़ाना उनके लिए डिब्बा पैक करके देती हैं, ताकि उन्हें बाहर से कुछ भी खाने और मंगाने की ज़रूरत ही ना पड़े। राजलक्ष्मी को कुत्तों से बेहद लगाव है। हर रविवार को दोनों अपने डॉग्स के साथ पार्क में घूमने जाते हैं और उसके बाद पैट-फ्रेंडली रेस्तरां में नाश्ता करते हैं। भाविश अच्छे फोटोग्राफर भी हैं। खाली समय में तस्वीरें खींचना पसंद करते हैं।

जन्म- 28 अगस्त 1985

शिक्षा- बीटेक, सीएस (आईआईटी बॉम्बे)

कुल संपत्ति- 3100 करोड़ रुएए

प|ी- राजलक्ष्मी

देश की सबसे बड़ी कैब उपलब्ध कराने वाली कंपनी ‘ओला’ 2010 में शुरू हुई। भाविश अग्रवाल और उनके पार्टनर और आईआईटी बॉम्बे से ही पोस्ट ग्रैजुएट अंकित भाटी ने शुरुआत में इसे हॉलिडे ट्रिप उपलब्ध कराने वाली सर्विस के रूप में शुरू किया। एक साल बाद ही उन्होंने इसे रेंटल कार सर्विस के रूप में शुरू किया। शुरुआत में भाविश को अपनी प|ी राजलक्ष्मी को भी ओला इस्तेमाल करने के लिए मनाना पड़ा था। राजलक्ष्मी मुंबई की टैक्सी इस्तेमाल करने के लिए तैयार थीं, लेकिन ओला इस्तेमाल करने के लिए तैयार नहीं थीं। उनके परिवार वाले भी भाविश के निर्णय से बहुत हद तक सहमत नहीं थे। लुधियाना में रहने वाले भा‌ि‌वश के परिवार में जब उनके ड्राइवर ने नौकरी छोड़कर ओला से जुड़ने के लिए कार खरीदी, तब जाकर उनकी मां ने ओला का एप अपने मोबाइल में डाउनलोड किया और अपने बेटे के काम पर भरोसा हुआ।

भाविश लुधियाना में पैदा हुए। उनके पिता डॉक्टर हैं। परिवार के साथ वह कुछ समय तक अफगानिस्तान और यूके में भी रहे। इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए उन्होंने कोटा में कोचिंग की और आईआईटी बॉम्बे में उन्हें प्रवेश मिल गया। ग्रैजुएशन के बाद वह तीन महीने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया में रिसर्च इंटर्न रहे। इसके बाद दो साल माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया में असिस्टेंट रिसर्चर थे। इस दौरान उन्होंने दो पेटेंट हासिल किए और उनके रिसर्च पेपर इंटरनेशनल जर्नल्स में भी प्रकाशित हुए।

भाविश को ओला शुरू करने का आइडिया एक यात्रा के दौरान आया। वह बेंगलुरु से बांदीपुर किराए की कार में ट्रैवल कर रहे थे। बीच रास्ते में मैसूर में ड्राइवर ने गाड़ी रोककर और पैसे देने की मांग की। मना करने पर उसने सफर वहीं रोकने की धमकी दी। उसके खराब बर्ताव की वजह से भाविश को कार छोड़कर बाकी की यात्रा बस से करनी पड़ी। इस घटना के बाद भाविश ने कैब कंपनी बनाने का फैसला किया। एक इंटरव्यू में भाविश कहते हैं कि जब मैंने शुरुआत की तो मेरे माता-पिता सोच रहे थे कि मैं ट्रैवल एजेंट बनने जा रहा हूं। उन्हें समझा पाना काफी मुश्किल था, लेकिन जब ओला कैब्स को पहली फंडिंग हासिल हुई तो मेरे स्टार्टअप पर उन्हें भरोसा हुआ। 2012 में भाविश और उनके पार्टनर अंकित ने ओला फोन पर ऑन डिमांड कार सेवा शुरू की थी। शुरुआत में ड्राइवर्स को ओला के साथ जुड़ने के लिए मनाना मुश्किल था। इसके लिए वह अपनी गर्लफ्रेंड (राजलक्ष्मी) की कार लेकर जाते और फिर किसी को पिक और ड्रॉप करके ड्राइवर्स को फायदे गिनाते। शुरुआत में वह दिन में 12 घंटे तक मेहनत करते।

ओला के मालिक 3 साल तक प|ी को मनाते रहे- टैक्सी नहीं ओला से चलें**

22 साल की सिमोन अपनी ऊंचाई से दोगुना ऊंचाई तक जंप लगाती है... **

अच्छी है एयर अवेयरनेस

सिमोन के प्रशिक्षक कहते हैं कि वह जिम में जो करती हैं, वह किसी एथलीट के लिए भी करना बहुत मुश्किल है। वह एक मिनट तक हवा में रह सकती हैं। इस दौरान फ्लिप और ट्विस्ट करते हुए वह अपना संतुलन बनाए रखती हैं। वह कहती हैं कि उनकी एयर अवेयरनेस अच्छी है। वह कहां हैं और उनका शरीर कहां जा रहा है, इसका उन्हें अंदाज़ा रहता है। सिमोन कहती हैं कि उन्हें प्रेक्टिस के लिए किस ट्रेम्पोलीन की ज़रूरत नहीं। उनका शरीर ही एक तरह से ट्रेम्पोलीन है।

इनके नाम पर हैं दो मूव्स

इंटरनेशनल जिमनास्टिक्स फेडरेशन ने दो मूव्स का नाम सिमोन के नाम पर ‘द बाइल्स’ मूवमेंट रखा है। बाइल्स ने एथलेटिक्स की फील्ड में देर से शुरुआत की। छह साल की उम्र से ट्रेनिंग कर रहीं सिमोन के मजबूत बाइसेप्स और काफ मसल्स के चलते उनका नाम ‘स्वॉलजर’(स्वॉलन-सोल्जर) पड़ गया। विधिवत प्रशिक्षण के पहले भी उन्होंने खुद से फ्लिप करना सीख लिया था।

6 साल की उम्र में कुर्सी पर बैठे-बैठ फ्लिप किया...

जिमनास्टिक्स में सिमोन इत्तिफाकन आईं। छह साल की सिमोन बारिश के कारण बाहर मैदान में खेलने के लिए नहीं जा पाईं। इसलिए मजबूरी में वह एक जिम में चली गईं। जिम में सिमोन ने सीट ड्रॉप किया। आमतौर पर ट्रेम्पोलीन पर बच्चे ऐसी उछल-कूद करते हैं। बैठे-बैठ फ्लिप किया और फिर कुर्सी पर बैठ गईं। जिम ट्रेनर यह सब देखकर चौंक गए। ट्रेनर ने सिमोन के साथ एक लैटर भेजा, जो दरअसल एक आमंत्रण पत्र था। इसमें लिखा था कि सिमोन को या तो जिमनास्टिक्स के लिए भेजिए या चीयरलीडिंग के लिए। सिमोन ने जिमनास्टिक्स चुन लिया।

जन्म- 14 मार्च 1997, ओहियो (कोलम्बस)

शिक्षा- नेशनल कॉलेजिएट एथलेटिक्स एसो.

किताब- ‘करेज टू सोर’ सिमोन बाइल्स

22 साल की सिमोन बाइल्स दुनिया की सबसे ज्यादा अलंकृत (डेकोरेटेड) जिमनास्ट हैं। आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स खिलाड़ी सिमोन रियो ओलिंपिक में 4 गोल्ड और वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में 19 गोल्ड जीत चुकीं हैं। वह दुनिया की सबसे चुस्त-दुरुस्त महिला खिलाड़ियों में टॉप पर हैं। सिमोन इसी साल जुलाई-अगस्त में होने वाले ओलिंपिक्स की तैयारियों में व्यस्त हैं।

अमेरिका के ओहियो में जन्मी सिमोन के माता-पिता ड्रग एडिक्टेड थे। पिता जेल में थे और मां भी नशे की लत छुड़वाने के लिए नशामुक्ति केंद्र में रहती थीं। ऐसे में सिमोन अपने चार भाई-बहनों के साथ अनाथाश्रम में रहीं। छह साल की उम्र में सिमोन के नाना-नानी रॉन और नेली ने उन्हें और उनके भाई-बहनों को गोद लिया। सिमोन बचपन से हाईपरएक्टिव थीं। उन्हें अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) था। वह बताती हैं कि बचपन से ही इसकी दवाओं का उन पर प्रतिकूल असर हुआ। एडीएचडी से ग्रसित लोगों का किसी काम में मन नहीं लगता है। एकाग्रता की बेहद कमी के चलते सारे काम बिगड़ जाते हैं। हालांकि इसके चलते वह हर काम ज्यादा एकाग्र होकर करती थीं।

सिमोन ने जिमनास्टिक्स की शुरुआत छह साल की उम्र से की। इसके बाद वह हर रविवार अपनी बहन अदीरा के साथ चर्च में जीसस के सामने घुटने टेककर, आंख बंदकर अपने परिवार और यूएस जिम्नास्ट टीम के लिए प्रार्थना करती थीं। अपने भविष्य को लेकर सपने देखती थीं कि उनका चयन नेशनल टीम में हो गया है। चमकता हुआ लियोटार्ड (जिम्नास्ट में पहने जाना वाला ड्रेस) पहने हैं, गुलाटी मारते हुए हवा में प्रदर्शन कर रही हैं। पूरा गला मैडल्स से भरा हुआ है, हाथ-पैर चॉक डस्ट से भूरे हो गए हैं। 14 साल की उम्र में यह सब उनके जे़़हन में किसी फिल्म की तरह चलता था। 250 लड़कियों के शोषण मामले में वूमेन जिम्नास्टिक्स टीम के डॉक्टर लैरी नस्सार ने सिमोन का भी दैहिक शोषण किया था। सिमोन ने ट्‌वीट करके अपनी पीड़ा ज़ाहिर की थी।

{सिमोन का खाना: नाश्ते में एग वाइट या रेड वैरीज़ खाती हैं। लंच में चिकन या फिश ही खाती हैं। देर रात कुछ फ्रूट्स खाती हैं। वर्कआउट के पहले वह कोर पाउडर पीती हैं। यह एक रिकवरी ड्रिंक है। इसके अलावा केला और पीनट बटर लेती हैं। इससे मसल्स में क्रैंप्स की आशंका कम हो जाती है। एक्सरसाइज के बाद मछली-चावल और गाजर खाती हैं।

{और उनकी एक्सरसाइज: सिमोन स्ट्रेचिंग के लिए स्पिलिट्स करती वह रोज़ान छह घंटे जिम करती हैं। इसके अलावा हफ्ते में दो बार डेढ़-डेढ़ किलोमीटर तैराकी, सप्ताह में एक बार 16 किलोमीटर की आउटडोर रनिंग करती हैं। इसके अलावा क्रॉस ट्रेनिंग, पैरों की एक्सरसाइज करती हैं। हैं।

कुर्सी की गर्मी

कुर्सी की गर्मी का
जलवा बड़ा
शीतलहर में भी
पारा चढ़ा।

मुद्रा

जब-जब दिखी
प|ी की प्रसन्न ‘मुद्रा'
तब-तब गई जेब से
कुछ न कुछ मुद्रा।

गले मिलना

वे रोज ही मिलते हैं
मुस्करा कर ‘गले'
बात तो तब है, जब मन का मैल भी ‘गले'।

वंदना

करना है तो करो
भारत वंदना
निजी स्वार्थों की खातिर
करो भारत ‘बंद -ना'।

कल कल कल

बहती हुई नदी
कल कल कल
बहती थी नदी
कल? कल?? कल???

जीना

मत चढ़ो

अलगाववाद का ‘जीना'

नामुमकिन है लगाव

के बिना ‘जीना'।

पोएटिक फन  घनश्याम मैथिल ‘अमृत'
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पात्रों का पोस्टमार्टम

सिनेमाई


डिक्शनरी के हिसाब से नायिका के कई मतलब होते हैं, जैसे वह स्त्री जो यौवन तथा रूप-गुण से सम्पन्न हो, वह स्त्री जो नाटक, उपन्यास आदि की प्रधान पात्र हो, वह स्त्री जो नायक की प|ी या प्रेमिका हो, वह स्त्री जो राह दिखाने वाली या कहीं पहुंचाने वाली हो। आज डिक्शनरी में बताई गई नायिका से फिल्मों की नायिका की तुलना करेंगे। पाठकों की सुविधा के लिए हमने इन्हें कुछ भागों में बांटा है।

, भीलवाड़ा, शनिवार, 15 फरवरी, 2020

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न्यूज़मेकर भाविश अग्रवाल  क्योंकि इनकी कैब सर्विस कंपनी ओला ने हाल ही में लंदन में अपनी सेवाएं शुरू की है। भाविश ओला के सह-संस्थापक और कार्यकारी निदेशक हैं।
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लाइमलाइट में सिमोन बाइल्स  क्योंकि अमेरिका की जिमनास्ट सिमोन लगातार तीसरी बार दुनिया की सबसे फिट महिला खिलाड़ी हैं। अमेरिका की 66 साल पुरानी मैग्जीन स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड ने दुनिया के टॉप-50 फिट खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है।**

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