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दो कमरों को बाहर से बंद कर एक को छोड़ा, जो सूना था उससे 15 लाख के जेवर व नकदी ले गए
खिड़की तोड़कर आए और मेनगेट से भागे
गांधीनगर सेक्टर दो में शनिवार देर रात बाद एक मकान से बदमाश करीब 15 लाख रुपए के जेवर व नकदी आदि चुरा ले गए। बदमाशों ने दो कमरों को बाहर से बंद किया, जिसमें गृहस्वामी और एक बेटा सो रहा था। जो कमरा सूना पड़ा था, उसमें रखी दो आलमारियों में रखा माल समेट कर ले गए।
गांधीनगर सेक्टर दो निवासी मनोहर पुत्र बंशीलाल सोनी के मकान में रात करीब तीन बजे बदमाश चारदीवारी लांघकर अंदर आ गए। मेन गेट के पास के कमरे की खिड़की की ग्रिल उखाड़ कर मकान के अंदर घुस गए। ग्रांउड फ्लोर पर सो रहे मनोहर के पुत्र सुभाष का कमरा बाहर से बंद कर नाल से फर्स्ट फ्लोर पर पहुंच गए। वहां सो रहे मनोहर सोनी के कमरे को भी बाहर से कुंदी लगाकर बंद कर दिया। जिस कमरे का बाहर से केवल कुंदा लगा था। बदमाश इसी में घुसे और उसमें रखी दो आलमारियों के ताले तोड़कर सामान बाहर बिखेर दिया। इनमें से करीब 300 ग्राम सोने के जेवरात, सिक्कों और तीन किलो चांदी के साथ एक लाख 85 हजार की नकदी निकाल ले गए।
इसी मकान से 60 फीट दूर के मकान में एक माह पूर्व हुई थी पांच लाख की चोरी
गांधीनगर सेक्टर दो में बीती रात जिस मकान से करीब 15 लाख की चोरी हुई। उसके करीब 60 फीट दूर के ही एक मकान से भी एक महीने पहले ही करीब पांच लाख की चोरी हुई। यह वारदात भी रविवार को ही प्रकाश में आई। सुरेश पुत्र झमकूलाल तेली के मकान में 29 फरवरी की रात बदमाश दरवाजा तोड़ कर घुस गए थे। सुरेश की पुत्र वधू व अन्य सदस्य घर पर सो रहे थे। चोरों ने इनको बाहर से बंद कर एक कमरे में रखी अलमारी का ताला खोल दिया। करीब पांच लाख रुपए के सोने चांदी के जेवरात व नकदी चुरा कर फरार हो गए थे। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने जानकारी जुटाई।
खटपट सुनकर भाई ने जगाया, युवक ने बाहर देखा तो आलमारी वाला कमरा खुला था
रिपोर्ट के अनुसार बदमाश मकान में खिड़की की ग्रिल उखाड़ कर घुसे। चोरी के बाद वापस नाल से नीचे आकर मेन गेट खोलकर बाहर निकले। फिर दीवार फांद कर फरार हो गए।
पुलिस ने कहा- कोई घर का ही भेदी दिख रहा
मौके पर पहुंचे कोतवाली थाने के एसआई खेमसिंह ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के बजाय यह कहते हुए सकते में डाल दिया कि इस चोरी में घर का कोई सदस्य भेदी है। बिना भेदी के यह चोरी संभव नहीं लगती है। खेमसिंह ने जल्द ही राज खोलने की बात भी कही।
बदमाशों ने सूने कमरे को निशाना बनाने से पहले गृहस्वामी मनोहर और नीचे सो रहे बेटे सुभाष के कमरों को तो बाहर से बंद किया पर मनोहर के ठीक पास सो रहे निर्मल सोनी का कमरा बाहर से बंद नहीं किया। परिवार के अनुसार इस कमरे का दरवाजा बंद करते समय आवाज करता है। शायद इस वजह से बदमाश बंद नहीं कर पाए। रात करीब सवा तीन बजे नीचे सो रहे सुभाष को अपने कमरे की छत पर खटपट सुनाई दी। चोरी वाला कमरा उसके ठीक ऊपर ही है। सुभाष ने छोटे भाई निर्मल को मोबाइल कर पूछा कि छत पर खटपट क्यों हो रही है। निर्मल के अनुसार वो उठा तो किसी के भागने की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो अलमारियों वाला कमरा खुला हुआ था। अंदर सामान बिखरा पड़ा था। पिता मनोहर सोनी व भाई सुभाष के कमरे बाहर से बंद थे।