ईडवा ने कहा- किला तो चूने पत्थर का है, उसकी आत्मा जौहर व बलिदान है, यह समझिए

Chittorgarh News - चित्तौड़गढ़ | आठवीं कक्षा की अंग्रेजी पुस्तक से जौहर का फोटो हटाने का मुद्दा गरमा रहा है। विपक्ष और राजपूत समाज के...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:40 AM IST
Chittorgarh News - rajasthan news edwa said the fort is of lime stone its soul is jawar and sacrifice understand this
चित्तौड़गढ़ | आठवीं कक्षा की अंग्रेजी पुस्तक से जौहर का फोटो हटाने का मुद्दा गरमा रहा है। विपक्ष और राजपूत समाज के बाद अब कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और चित्तौड़गढ़ से लोकसभा प्रत्याशी व पीसीसी उपाध्यक्ष गोपालसिंह ईडवा ने भी नाराजगी जताई है।

पुस्तक के पहले अध्याय में चित्तौड़ को इंगित करते हुए जौहर का फोटो लगा था। नए शिक्षा सत्र में इस चित्र को हटाकर चित्तौड़ दुर्ग का चित्र लगा दिया गया। इसे लेकर विवाद और विरोध पर शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने सफाई दी थी कि हम 21वीं सदी की बच्चियों को सती या जौहर करना नहीं सिखा सकते। जौहर के चित्र की जगह चित्तौड़गढ़ किले का फोटो लगाया है। क्या यह गर्व करने वाला दृश्य नहीं है? मंत्री डोटासरा के इस सवाल का जवाब देने के लिए शुक्रवार को उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद गोपालसिंह ईडवा शेखावत सामने आ गए। ईडवा ने दैनिक भास्कर को बताया कि किला तो ईंट, चूना व पत्थर से बना है। उसकी आत्मा जौहर जैसे त्याग, बलिदान और शौर्य की गाथाएं ही हैं। वे इस मुद्दे पर आज उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिले। शिक्षा मंत्री डोटासर से बात कर कहा कि नासमझी में चूक हो गई है। वे सीएम अशोक गहलोत से भी मिलेंगे। सरकार के परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि जौहर भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है, जिसे कोई मिटा नहीं सकता। तीन दिन पहले इस मुद्दे पर चित्तौड़ के जौहर भवन में राजपूत समाज ने बैठक कर आक्रोश जताया था। पदाधिकारियों ने सबसे पहले समाज से जुड़े मंत्री खाचरियावास को ही फोन कर समाज की नाराजगी से अवगत कराया। यह भी उल्लेखनीय है कि गत महीने यहां जौहर मेले में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए खाचरियावास ने कहा था कि नेताओं के कहने से हम हिंदुस्तान का इतिहास नहीं बदल सकते। एक महीने बाद खुद उनकी सरकार पर ही यह आरोप लग गया कि वह इतिहास को बदलने व झुठलाने का प्रयास कर रही है।

शिक्षा मंत्री की दलील


चित्तौड़गढ़ | आठवीं कक्षा की अंग्रेजी पुस्तक से जौहर का फोटो हटाने का मुद्दा गरमा रहा है। विपक्ष और राजपूत समाज के बाद अब कांग्रेस सरकार के मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और चित्तौड़गढ़ से लोकसभा प्रत्याशी व पीसीसी उपाध्यक्ष गोपालसिंह ईडवा ने भी नाराजगी जताई है।

पुस्तक के पहले अध्याय में चित्तौड़ को इंगित करते हुए जौहर का फोटो लगा था। नए शिक्षा सत्र में इस चित्र को हटाकर चित्तौड़ दुर्ग का चित्र लगा दिया गया। इसे लेकर विवाद और विरोध पर शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने सफाई दी थी कि हम 21वीं सदी की बच्चियों को सती या जौहर करना नहीं सिखा सकते। जौहर के चित्र की जगह चित्तौड़गढ़ किले का फोटो लगाया है। क्या यह गर्व करने वाला दृश्य नहीं है? मंत्री डोटासरा के इस सवाल का जवाब देने के लिए शुक्रवार को उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद गोपालसिंह ईडवा शेखावत सामने आ गए। ईडवा ने दैनिक भास्कर को बताया कि किला तो ईंट, चूना व पत्थर से बना है। उसकी आत्मा जौहर जैसे त्याग, बलिदान और शौर्य की गाथाएं ही हैं। वे इस मुद्दे पर आज उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट से मिले। शिक्षा मंत्री डोटासर से बात कर कहा कि नासमझी में चूक हो गई है। वे सीएम अशोक गहलोत से भी मिलेंगे। सरकार के परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि जौहर भारतीय इतिहास का अभिन्न अंग है, जिसे कोई मिटा नहीं सकता। तीन दिन पहले इस मुद्दे पर चित्तौड़ के जौहर भवन में राजपूत समाज ने बैठक कर आक्रोश जताया था। पदाधिकारियों ने सबसे पहले समाज से जुड़े मंत्री खाचरियावास को ही फोन कर समाज की नाराजगी से अवगत कराया। यह भी उल्लेखनीय है कि गत महीने यहां जौहर मेले में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए खाचरियावास ने कहा था कि नेताओं के कहने से हम हिंदुस्तान का इतिहास नहीं बदल सकते। एक महीने बाद खुद उनकी सरकार पर ही यह आरोप लग गया कि वह इतिहास को बदलने व झुठलाने का प्रयास कर रही है।

परिवहन मंत्री का जवाब


इन्होंने जौहर व सती का घालमेल कर दिया


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