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मृत काे जीवित बताकर कराते बीमा, चंद माह बाद मृत बताकर उठा लेते थे क्लेम

2 वर्ष पहले
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मृत व्यक्ति को जीवित बताकर बीमा कराने अाैर बाद में उसे मृत बताकर बीमा राशि का क्लेम पास कराने का डूंगरपुर-बांसवाड़ा जिले में बड़ा खुलासा हुअा है। यह गिराेह इन दाेनाें जिलाें के अलावा उदयपुर, प्रतापगढ़, जयपुर में भी सक्रिय है। चाैंकाने वाली बात यह है कि गिराेह ने मृत व्यक्ति को भर्ती दिखाने के लिए डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक को मैनेज कर रखा था।

इस मामले में गिरफ्तार डॉक्टर राजमल बामणिया, बीमा अधिकारी सौरभ से पूछताछ में यह खुलासा हुअा है। सागवाड़ा थाने की जांच में सामने आया कि लोहारिया आसोड़ा निवासी दीपक पंड्‌या व संदीप पंड्‌या ने यह गिराेह बना रखा है। इसमें एजेंट गांव-कस्बाें में जाकर एेसे लोगों की पहचान करते हैं जो गंभीर बीमारी कैंसर व टीबी से पीड़ित हैं। इनका एक रिश्तेदार नितेश जयपुर में रहता है। वहां से फर्जी पॉलिसी करा कर ये अपने रिश्तेदार केे माध्यम से जयपुर में बीमा अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव के पास भेजते थे। एेसी करीब 18-20 पॉलिसियां कराई गई। फर्जी बीमा क्लेम की राशि जारी करने से पहले बीमा कंपनी टीम भी जांच करती है, लेकिन गिराेह के सदस्य उसको भी मैनेज कर लेते थे। उनकाे भी क्लेम की राशि में से कमीशन दिया जाता था। इसके अलावा अस्पताल में मृत व्यक्ति को भर्ती दिखाने के लिए डॉक्टर से लेकर स्टाफ तक को मैनेज कर रखा था। फर्जीवाड़े में गिरफ्तार किए गए डॉक्टर बामणिया ने 10 हजार रुपए लेकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र देना स्वीकार किया।

मृत पति को जीवित बताकर उठा लिया 5 लाख का क्लेम

वमासा निवासी शोभा गामोठ के पति नितेश की 28 सितंबर 2016 को मौत हो गई, लेकिन उसने बजाज एलांयस जीवन बीमा के एजेंट से मिलकर पति को जीवित बताया। इसके बाद पांच लाख रु. की पॉलिसी जारी करा ली।

केस

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बजाज एलांयस जीवन बीमा कंपनी के डूंगरपुर में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक रूपसिंह चौहान ने ये मामला दर्ज कराए थे। पुलिस की जांच के बाद गिराेह का खुलासा हुअा।

कैंसर से मौत हो चुकी थी, जीवित बताकर कराया बीमा

डूंगरपुर के सतीरामपुर निवासी कांतिलाल के बेटे दीपक कोटेड़ की कैंसर से मौत हो गई थी। लेकिन उसे जीवित बताकर गुजरात के गांधी धाम शाखा में बीमा कराया गया। बाद में उसे मृत बताकर क्लेम उठाया गया।

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