माना जल चलता है लेकिन जीवन भी कभी रुकता नहीं

Chittorgarh News - कोटा की कई कालोनियों में 8 से 10 फीट तक पानी भरा है। खाई रोड पर महादेव की बाड़ी इलाके में पहली मंजिल पर फंसे परिवार को...

Sep 16, 2019, 07:16 AM IST
कोटा की कई कालोनियों में 8 से 10 फीट तक पानी भरा है। खाई रोड पर महादेव की बाड़ी इलाके में पहली मंजिल पर फंसे परिवार को बचाते लोग। फोटो : पंकज पारीक

काेटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्ताैड़गढ़ पानी-पानी, सेना व एनडीअारएफ ने संभाला माेर्चा

बाढ़स्थान

जयपुर | भारी बारिश का दाैर जारी है अाैर नदी-नाले उफान पर हैं। इस कारण बांधाें में सैलाब अा गया है। प्रदेश के बड़े बांधाें में शुमार काेटा बैराज, राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर अाैर माही बजाज जैसे बड़े बांधाें के सभी गेट खाेलने पड़े हैं। बीसलपुर बांध के भी 18 में से पहली बार 17 गेट खाेले गए। हालांकि, 2 घंटे बाद ही इनमें से 7 बंद कर दिए गए। बांधाें के गेट खाेले जाने और एक ही दिन में 10 इंच से ज्यादा बारिश होने के कारण काेटा, बेंगू, चित्ताैड़गढ, झालावाड़ में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इन इलाकाें में सेना अाैर एनडीअारएफ ने माेर्चा संभाला रखा है। जयपुर में रविवार काे सांगानेर में करीब सवा दाे इंच बारिश हुई।

काेटा में पानी चंबल से करीब 100 फीट ऊपर बने मकानों की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन के द्वारा इन सभी मकानों को खाली करने के लिए लगातार मुनादी की जा रही है।

चित्ताैड़गढ़ का बेगूं कस्बा टापू बना है। दोपहर तक नगर से बाहर निकलने वाले लगभग सभी मार्ग अवरुद्व रहे। बेगूं में इस सीजन में 1747 मिमी बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश गत 50 साल में भी नहीं हुई।

बूंदी के बसाेली में गुढ़ा बांध के रविवार को 4 गेट 6 फीट तक खोले गए। इससे 12 गांव को हाई अलर्ट कर दिया गया।

झालावाड़ के चौमहला, गंगधार, रायपुर क्षेत्र में घरों में पानी भरा। सेना के 70 जवानों ने चौमहला क्षेत्र में मोर्चा संभाला।

बारां में पार्वती, कालीसिंध व परवन नदी के उफान पर रहने से कई कस्बों से संपर्क कटा। पलायथा व सीसवाली कस्बे की निचली बस्तियों में पानी घुसा। प्रशासन ने घर छाेड़ने काे कहा।

बिना समय गंवाए कांस्टेबल ने पानी में लगाई छलांग, दो मासूमों को जीवित बाहर निकाला

काेटा शहर में चंबल के अासपास बसी बस्तियाें में सैकड़ाें लाेग फंसे हुए हैं। उनके बचाने के लिए नगर निगम व एनडीअारएफ की टीमें लगी हैं। इनके अलावा लाेग अपने स्तर पर भी बचाव कार्याें में जुटे हैं। चंबल के पास संजय काॅलाेनी में पानी बढ़ा ताे एक परिवार के लाेग सामान निकालकर बाहर अाए। वे वापस घर पहुंचते इससे पहले ही पानी का स्तर बढ़ गया। घर पर दाे मासूम फंस गए। चंबल की छाेटी पुलिया पर नयापुरा थाने के कांस्टेबल राकेश मीणा की ड्यूटी थी। परिजनाें की चीख-पुकार सुनकर वे माैके पर पहुंचे। उन्हें बिना समय गंवाए एक ट्‌यूब का इंतजाम किया अाैर 7-8 फीट गहरे पानी में कूद गए। वे दाेनाें बच्चाें तक पहुंचे। वहां पता लगा कि 5 अाैर लाेग भी फंसे हुए हैं। राकेश ने बच्चाें काे दाेनाें बांहाें में लेकर पानी से बाहर सुरक्षित निकाला। बाद में अन्य लाेगाें काे भी सुरक्षित निकालकर लाए। वाक्या सुबह करीब 8.30 बजे का है। प्रत्यक्षदर्शियाें ने कहा कि राकेश भगवान बनकर अाए।



अगर वे नाव का इंतजार करते अाैर मदद मिलने में जरा सी देर हाे जाती ताे बच्चाें का जीवन खतरे मंे पड़ सकता था। राकेश काे तैरना अाता था। उधर, खाईराेड के पास गुजराती बस्ती में भी 20 से अधिक लाेगाें काे नाव की मदद से नयापुरा पुलिया पर तैनात कांस्टेबल राधेश्याम सांखला अाैर अन्य लाेगाें की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

कांस्टेबल राकेश मीणा ने दाे बच्चाें की जान बचाई।

काेटा शहर में चंबल के अासपास बसी बस्तियाें में सैकड़ाें लाेग फंसे हुए हैं। उनके बचाने के लिए नगर निगम व एनडीअारएफ की टीमें लगी हैं। इनके अलावा लाेग अपने स्तर पर भी बचाव कार्याें में जुटे हैं। चंबल के पास संजय काॅलाेनी में पानी बढ़ा ताे एक परिवार के लाेग सामान निकालकर बाहर अाए। वे वापस घर पहुंचते इससे पहले ही पानी का स्तर बढ़ गया। घर पर दाे मासूम फंस गए। चंबल की छाेटी पुलिया पर नयापुरा थाने के कांस्टेबल राकेश मीणा की ड्यूटी थी। परिजनाें की चीख-पुकार सुनकर वे माैके पर पहुंचे। उन्हें बिना समय गंवाए एक ट्‌यूब का इंतजाम किया अाैर 7-8 फीट गहरे पानी में कूद गए। वे दाेनाें बच्चाें तक पहुंचे। वहां पता लगा कि 5 अाैर लाेग भी फंसे हुए हैं। राकेश ने बच्चाें काे दाेनाें बांहाें में लेकर पानी से बाहर सुरक्षित निकाला। बाद में अन्य लाेगाें काे भी सुरक्षित निकालकर लाए। वाक्या सुबह करीब 8.30 बजे का है। प्रत्यक्षदर्शियाें ने कहा कि राकेश भगवान बनकर अाए।



अगर वे नाव का इंतजार करते अाैर मदद मिलने में जरा सी देर हाे जाती ताे बच्चाें का जीवन खतरे मंे पड़ सकता था। राकेश काे तैरना अाता था। उधर, खाईराेड के पास गुजराती बस्ती में भी 20 से अधिक लाेगाें काे नाव की मदद से नयापुरा पुलिया पर तैनात कांस्टेबल राधेश्याम सांखला अाैर अन्य लाेगाें की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

गेट खोल बारिश

पहली बार बीसलपुर के 18 में से 17 और 13 साल बाद कोटा बैराज के सभी गेट खुले

बांध कुल गेट खुले

राणाप्रताप सागर 17 17

काेटा बैराज 19 19

जवाहर सागर 11 11

माही बजाज 16 16

बीसलपुर बांध 18 17


प्रदेश में 42% ज्यादा बारिश

बारिश हाेनी थी 508.50 मिमी

अब तक हाे चुकी 722.28

पिछले साल हुई थी 493.75

जयपुर में 26% ज्यादा बारिश

बारिश हाेनी थी 506.60

हाे चुकी 640.28

पिछले साल हुई थी 488.17

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