उदयपुर-अजमेर ट्रैक विद्युतीकरण पूरा, चेतक एक्सप्रेस होगी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन

Chittorgarh News - राजनारायण शर्मा | चित्तौड़गढ़ रेलवे अगले दो महीने में किसी भी समय उदयपुर-दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक पावर से ट्रेनें...

Jun 24, 2019, 07:40 AM IST
Chittorgarh News - rajasthan news udaipur ajmer track electrification completed chetak express will be the first electric train
राजनारायण शर्मा | चित्तौड़गढ़

रेलवे अगले दो महीने में किसी भी समय उदयपुर-दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक पावर से ट्रेनें चला सकता है। उदयपुर से अजमेर खंड पर विद्युतीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सीआरएस निरीक्षण कर 100 से 110 की स्पीड से ट्रेन चलाने की अनुमति दे चुके हैं। कुछ कार्य शेष है, जिसकी इलेक्ट्रिफिकेशन विभाग मुख्यालय अहमदाबाद से निगरानी की जा रही है। इस ट्रैक पर इलेक्ट्रिक पावर से चलने वाली सबसे पहली चेतक एक्सप्रेस होगी।

इस रुट के समीपवर्ती डेट, चंदेरिया, बेराज, घोसुंडा, कपासन भूपालसागर आदि स्टेशनों पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है। चित्तौडगढ जंक्शन स्टेशन को इलेक्ट्रीफाइड कवर किया जा चुका है। हेवी बिजली लाइनिंग, कवर्ड शेड के अलावा ट्रांसफार्मर और कंट्रोल रूम बन चुके हैं। लाइनिंग में समय समय पर टेस्टिंग कर परखा जा रहा है। हेवी लाइन से दूर रहने के चेतावनी बोर्ड लग गए। रेलवे की ओर से अब अजमेर-चित्तौडगढ-उदयपुर खंड पर जुलाई या अगस्त तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसका प्रपोजल मुख्यालय भेज दिया गया है। जल्द हरी झंड़ी मिलने की संभावना रही है। अधिकारी मान रहे हैँ कि इस रूट पर पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन चेतक एक्सप्रेस होगी। इसकी योजना बना ली गई है। गौरतलब है कि इलेक्ट्रिफिकेशन को सीएसआर से ओके रिपोर्ट अप्रैल में ही हो गई थी। विलंब का कारण जयपुर के फुलेरा व अजमेर के पास मदार स्टेशन पर काम पूरा नहीं हो पाना है। वहां पोल लग चुके हैं। वायर, सब स्टेशन का काम अधूरा है। इसके जुलाई में पूरा होने की संभावना है।

जुलाई 2020 तक चित्तौड़गढ़ इलेक्ट्रीफाइड जंक्शन हो जाएगा, चार साल बाद चित्तौड़गढ़ से रतलाम तक डबल लाइन भी

इस समय चित्तौड़गढ़ जंक्शन की सभी दिशाओं में इलेक्ट्रिफिकेशन काम चल रहा है। रतलाम-जावरा का काम मई में पूरा होने के बाद सीआरएस 110 किमी की स्पीड ट्रॉयल कर चुके हैं। विद्युतीकरण मुख्यालय अहमदाबाद ने नवंबर में चित्तौडगढ से नीमच तक तथा जुलाई 2020 तक चित्तौड़गढ़ से रतलाम तक इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा करने का लक्ष्य दिया है। गौरतलब है कि रतलाम से कोटा तक भी 317 करोड़ से विद्युतीकरण कार्य चल रहा है। इसमें कोटा चंदेरिया के बीच 165 किमी का काम पूरा हो चुका है। अब रतलाम-चंदेरिया के बीच 183 किमी सेक्शन में काम चल रहा है। इस तरह आने वाले साल में चित्तौड़गढ़ पूर्णतया इलेक्ट्रीफाइड जंक्शन होगा। चित्तौड़गढ़-नीमच दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। चार साल बाद रतलाम तक दोहरीकरण हो जाएगा। इससे ट्रेनों की संख्या व गति और बढ़ जाएगी।




अब वापस जयपुर भी जुड़ सकता... ब्रॉडगेज के बाद चेतक एक्सप्रेस से जयपुर छुट गया। यह फुलेरा से दिल्ली की ओर बढ़ जाती है। इसका एक बड़ा कारण इस रूट का इलेक्ट्रीफाइड नहीं होना भी रहा। जबकि जयपुर से दिल्ली तक इलेक्ट्रीफाइड ट्रैक है। अब उदयपुर-अजमेर विद्युतीकरण के बाद इसके रूट में वापस जयपुर भी जुड़ सकता है। इस रूट की सबसे लंबी दूरी की और पुरानी ट्रेन होने से ही रेलवे सबसे पहले इसे ही इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने की तैयारी कर रहा।

295

किमी कुल रेलखंड

8 अगस्त 2016 को शुरू हुआ अजमेर-उदयपुर विद्युतीकरण

31 मार्च 2019 तक थी डेडलाइन

कब-कब हुआ सीआरएस निरीक्षण

दिसंबर-2018

320

करोड़ की लागत

चंदेरिया से चित्तौड़गढ़ व उदयपुर मार्ग पर घोसुंडा तक

में अजमेर से डेट तक

जनवरी 2019

डेट से चंदेरिया

मार्च 2019

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