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नए कानून से 20 लाख की जगह 1 करोड़ तक के मामले सुन सकेगी जिला अदालतें

एक वर्ष पहले
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जानिए क्या है उपभोक्ता दिवस

सब कुछ सही रहा तो उपभोक्ता संरक्षण विधेयक: 2019 अब जल्द ही लागू होगा। जो 34 साल पुराने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 1986 का स्थान लेगा। नए कानून में जिला अदालतों का क्षेत्राधिकार 20 लाख से बढ़कर एक करोड़ होगा। आनलाइन कारोबार के चलन को देखते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों की जवाबदेही तय की गई है। ग्राहक काे नुकसान पर सेलर के साथ उत्पादक व प्रोड्यूसर को भी जिम्मेदार बनाया गया है। दोषी लोगों को अपील दायर करने से पहले हर्जाने की 50 फीसदी राशि जमा करानी होगी।

रविवार 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता दिवस है। उपभोक्ता मामलों के जानकार अधिवक्ता रजनीश पितलिया ने बताया कि नए कानून में जिला उपभोक्ता मंचों का नाम जिला उपभोक्ता आयोग हो जाएगा। हालांकि 9 अगस्त 2019 को संशोधित नए कानून के अभी तक भी रुल्स नहीं बनने से उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल पाया है पर उम्मीद है कि अप्रैल में इसे लागू कर दिया जाएगा। अभी परिवाद विपक्षी के क्षेत्राधिकार में दर्ज होता है। नए एक्ट में दोनों के क्षेत्राधिकार में होगा। जिला आयोग का क्षेत्राधिकार 20 लाख से बढ़कर 1 करोड़ रुपये तक का हाेगा। राज्य आयोग 1 करोड़ से 10 करोड़ तक के मामलों को सुनेगा। इससे अधिक मूल्य के मामले राष्ट्रीय आयोग सुनेगा। राष्ट्रीय आयोग में अपील के लिए हर्जाने की 50 प्रतिशत राशि जमा करवाना जरूरी होगा। मौजूदा कानून में फैसले के बाद रिव्यू नही है। नए एक्ट में रिव्यू किया जाएगा। अपील का समय 30 दिन की बजाय 45 दिन होगा। किसी भ्रामक विज्ञापन के लिए 2 साल की सजा और 10 लाख रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा भ्रामक विज्ञापन देने पर जुर्माना 50 लाख रुपए तक। बार ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार भी उपभोक्ता को मिलेगा।

विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत संयुक्त राष्ट्र अमेरिका में राष्ट्रपति केनेडी ने संसद में 15 मार्च 1962 को बिल प्रस्तुत कर की थी। भारत में यह 1989 से मनाया जाता है। चित्तौड़गढ में गत 25 साल से उपभोक्ता मामलों की पैरवी कर रहे पितलिया के अनुसार शुरूआती दौर में उपभोक्ताओं में जागृति कम थी लेकिन धीरे धीरे लोगों का विश्वास कानून में बढा है। पहले आवासन मंडल और अब बिजली निगम से जुडे मामले ज्यादा आते हैं।

अपील के लिए अब जयपुर जरूरी नहीं, उदयपुर में ही सर्किट बेच

जिला अदालतों के आदेश के खिलाफ अपील राज्य आयोग में होती है। जिसका मुख्यालय जयपुर है। सरकार ने अब एक सर्किट बेच उदयपुर में भी कर दी है। जो प्रति माह एक सप्ताह संभाग के मामलों की सुनवाई करती है।

चित्तौड़गढ में 800 मामले लंबित

जिला उपभोक्ता मंच में वर्तमान में करीब 800 मामले विचाराधीन है। सरकार द्वारा लंबे समय से रिक्त बेच की गत दिनों नियुक्ति से अब इनकी जल्द सुनवाई के आसार है। हालांकि कर्मचारियों की कमी अभी भी परेशानी है।
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