पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पीएसएलवी की इस साल की छठी उड़ान

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पीएसएलवी में मौजूद 30 सैटेलाइट में एक माइक्रो और 29 नैनो सैटेलाइट हैं। ये धरती से 636 किमी ऊपर कक्षा में रहेंगे।

देश का सबसे ताकतवर इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च
हायसिस धरती की सतह के साथ मैेैग्नेटिक फील्ड पर निगरानी रखेगा

एजेंसी | हैदराबाद

इसरो ने गुरुवार को आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (हायसिस) लॉन्च किया। इस सैटेलाइट को पीएसएलवी-सी 43 रॉकेट में रखकर रवाना किया गया। पीएसएलवी-सी 43 में हायसिस और आठ देशों के अन्य 30 सैटेलाइट हैं। इनमें सबसे अधिक अमेरिका के 23 सैटेलाइट हैं। कुल 30 सैटेलाइट में एक माइक्रो और 29 नैनो सैटेलाइट हैं। इसरो प्रमुख डॉ के सिवन ने हायसिस को अब तक का देश का सबसे ताकतवर इमेजिंग सैटेलाइट बताया।

पीएसएलवी की इस साल यह छठी उड़ान थी। सभी उपग्रहों को धरती से 636 किमी ऊपर कक्षा में स्थापित किया गया। हायसिस धरती की सतह का अध्ययन करने के साथ मैग्नेटिक फील्ड पर भी नजर रखेगा। इसे रणनीतिक उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। इस महीने इसरो की यह दूसरी लॉन्चिंग है। इससे पहले 14 नवंबर को एजेंसी ने अपना संचार उपग्रह जीसैट-29 छोड़ा था।

हाइसइस 230 टन वजनी रॉकेट में सवार होकर उड़ा
इसरो ने हायसिस समेत आठ देशों के 30 सैटेलाइट भेजे, इनमें सबसे अधिक 23 उपग्रह अमेरिका के हैं
हाइसइस 44.4 मीटर लंबे और 230 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट से छोड़ा गया। पीएसएलवी चार चरण का लॉन्चिंग व्हीकल है। हाइसइस का वजन 380 किलोग्राम, जबकि 30 अन्य सैटेलाइट का वजन 261.5 किलो है। लॉन्चिंग के एक घंटे 52 मिनट बाद मिशन पूरा हो गया।

ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, मलेशिया और स्पेन के सैटेलाइट लॉन्च

लॉन्च किए गए सैटलाइट में अमेरिका के 23 और ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन के एक-एक सैटेलाइट हैं। इन सैटेलाइटों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए अन्य देशों ने एंट्रिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ करार किया था।

खबरें और भी हैं...