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बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप

शहर के जयपुर रोड स्थित प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल में विधिक साक्षरता कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमाशंकर...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:25 AM IST
शहर के जयपुर रोड स्थित प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल में विधिक साक्षरता कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमाशंकर व्यास की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। जिसमें बाल विवाह रोकने संबंधित व महिलाओं तथा अव्यस्क बच्चों की सुरक्षा संबंधित कानून की जानकारी दी गई।

डीजे उमाशंकर व्यास ने कहा कि शादी योग्य लड़की की उम्र 18 व लड़के की 21 वर्ष है, लेकिन कम उम्र में शादी होती है, तो वह कानून की नजर में अपराध है। ऐसी शादी अमान्य है तथा कम उम्र की शादी होने से शारीरिक व मानसिक विकास नहीं हो पाता। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। छोटे बच्चों की शादी करने से पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं उठा पाने के कारण विवाद भी बढ़ते हैं। इससे परिवारों का विखंडन भी होता है। इसलिए बाल विवाह रोक कर मुकदमें बाजी भी कम की जा सकती है। बाल विवाह रोकने के लिए तहसील व जिला स्तर पर सूचना केंद्र बनाए गए हैं तथा सूचना प्राप्त होने पर कोई भी व्यक्ति न्यायालय की शरण ले सकता है।

कार्यक्रम में तालुका विधिक साक्षर समिति अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह साधू, अपर जिला सत्र न्यायाधीश चौमू जिला जयपुर एवं अपर मुख्य न्यायाधीश महेश कुमार पूनिया एवं सेक्रेट्री जिला विधिक सेवा एथोरिटी के कृष्णमुरारी जिंदल एवं मुंशीफ मजिस्ट्रेट प्रेम गढ़वाल तथा उपखंड अधिकारी प्रियव्रतसिंह चारण ने भी कार्यक्रम में बाल विवाह रोकथाम संबंधित कानून की जानकारी दी और कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक दीपक शर्मा, बार एसोशिएशन अध्यक्ष सुरेश बाज्या, थानाधिकारी जितेंद्र सिंह सौलंकी मौजूद थे। कार्यक्रम में आगंतुकों को प्रतीक चिंह देकर सम्मानित किया गया। प्रिंस इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए रैली व नाटक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। सभी विद्यार्थियों ने आगंतुकों अतिथियों व गणमान्य लोगों ने बाल विवाह रोकने की शपथ भी ली। आगंतुकों का आभार स्कूल के डायरेक्टर कैलाश चौधरी ने किया।