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वाशिंग मशीन के पाइप में एलईडी बल्ब लगाकर भ्रूण जांच का नाटक, तीन पकड़े

स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल ने रविवार को चौमू के मोरीजा गांव स्थित एक घर में भ्रूण लिंग जांच करते तीन युवकों को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 16, 2018, 02:35 AM IST

स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल ने रविवार को चौमू के मोरीजा गांव स्थित एक घर में भ्रूण लिंग जांच करते तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जांच टीम ने अदा किए गए नोट (35 हजार रुपए) बरामद किए। इन आरोपियों को 13 जनवरी 2017 को भी चौमू में ही फर्जी जांच के मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपियों से जब्त उपकरणों को देखकर अफसर हैरान रह गए। आरोपी लिंग जांच के नाम पर वॉशिंग मशीन की पाइप से एलईडी बल्ब जोड़ते और गर्भवती के पेट पर टच कर सामने लगी एलसीडी स्क्रीन पर गर्भ में भ्रूण का वीडियो दिखाते थे। गर्भ में लड़की बता देते। गिरफ्तार आरोपियों में एक नीमकाथाना का है। पीसीपीएनडीटी टीम आरोपी युवकों को सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अध्यक्ष समुचित प्राधिकारी (पीसीपीएनडीटी) व मिशन निदेशक (नेशनल हेल्थ मिशन) नवीन जैन ने बताया कि इस साल जनवरी में 7, फरवरी में 4, मार्च में 2 व अप्रैल में अब तक 3 डिकॉय ऑपरेशन कर कोख में कत्ल करने वालों को पकड़ा जा चुका है। एक गिरोह द्वारा भ्रूण जांच की सूचना मिल रही थी।

ये हैं आरोपित

चौमू. कार्रवाई में जब्त गैस की पाइप व एलईडी बल्ब, जो फर्जी लिंग जांच में उपयोग लिए जाते थे।

पीड़ित परिवार को यूं घुमाते थे आरोपित

गर्भवती डिकोय महिला व सहयोगी को झुंझुनूं जिले से दलाल द्वारा सीकर बुलाया गया। सीकर से रींगस बुलाया। वहां से चौमू बुलाया गया।

गर्भवती महिला के पीछे तो कोई अन्य नहीं होने के डर से चौमू में इधर-उधर दो घंटे घुमाता रहा।

इससे पूर्व पुष्टि करवाने दलाल झुंझुनूं व सीकर की गर्भवती महिलाओं को चौमू बुलाता था।

गर्भवती महिलाओं की रैकी करने के लिए 2 से 3 लोगों की टीम बनाकर डिकॉय महिला के आगे पीछे रहते थे।

ऐसे समझें भ्रूण जांच और ठगी की पूरी कहानी

जब्त बोलेरो।

एलईडी बल्ब पेट पर घुमाते और कन्या भ्रूण का वीडियो दिखाते

डिकॉय गर्भवती महिला को चौमू के मोरीजा गांव लेकर गए जहां पर चार्जेबल एलईडी बल्ब को वाशिंग मशीन की पाइप से लगाकर गर्भवती महिला के पेट पर एलईडी बल्व को घुमाते और स्क्रीन पर कन्या भ्रूण का वीडियो दिखाते। सोनोग्राफी मशीन से ही जांच की जा रही है। लेकिन बिना किसी सोनोग्राफी मशीन के आरोपियों द्वारा गर्भवती महिला को लड़की बताया और गर्भपात के लिए प्रेरित किया।

रींगस और चौमू के हॉस्पिटलों में करा देते थे गर्भपातभ्रूण लिंग जांच में लड़की बता देते थे। इसके बाद गर्भवती महिला का रींगस और चौमू के अस्पताल में गर्भपात करा देते थे। 12 हजार रुपए लेते थे। पूछताछ में आरोपियों ने ढोढ़सर के एक मेडिकल स्टोर संचालक के भी गिरोह से जुड़े होने की जानकारी दी है। जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी है।

आरोपित बोले-गर्भपात करवा लो, पैसे दो दिन बाद दे देनाआरोपियों ने गर्भवती महिला को कहा कि यदि वो आज ही गर्भपात करवाना चाहती है। पैसे वो एक या दो दिन बाद में दे सकती है।

गिरफ्तार आरोपितबोलेरो मालिक दसवीं पास सुरेन्द्र डॉक्टर की भूमिका निभाता था। सहयोगी द्वारा टीम को इशारा करते ही गोविंदराम पुत्र रामसहाय, गांव कानपुरा चौमू, शीशराम पुत्र प्रभुदयाल, नीमकाथाना व सुरेन्द्र पुत्र रूडमल, मोरिजा चौमू को मौके से गिरफ्तार किया।

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