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गोधुली वेला में हुआ होलिका दहन, रंगों से सराबोर हुआ शहर, सनावड़ा में 20 गांवों के गेरियों ने किया गेर नृत्य

बाड़मेर . पुलिस लाइन में पुलिस जवान व अधिकारी होली खेलते हुए । भास्कर संवाददाता | बाड़मेर होली का पर्व जिलेभर...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:35 AM IST
बाड़मेर . पुलिस लाइन में पुलिस जवान व अधिकारी होली खेलते हुए ।

भास्कर संवाददाता | बाड़मेर

होली का पर्व जिलेभर में हर्षोल्लास व उल्लास के साथ मनाया गया। होली के दिन गुरुवार को शहर के विभिन्न मोहल्लों में होली बनाई गई। दिनभर युवाओं ने एक निश्चित स्थान पर होलिका की छपाई की तथा बीच में प्रह्लाद का रोपण किया। शाम को गोधुली वेला के बाद होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में विधि विधान व मंत्रोच्चार के साथ होलिका का दहन किया गया। इस दौरान युवाओं ने फाग व महिलाओं ने होली के भजन गाए। इस दौरान कई रस्मों का आयोजन भी हुआ। नवजात शिशुओं के लिए इस दौरान ढूंढ़ की रस्म भी अदा की गई। ढूंढ़िए घर घर जाकर नेग मांगा तथा नवजात के लंबी उम्र व खुशियों की कामनाएं की। इस दौरान शहर में शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त रही। इसी दिन शाम के समय भी बाजार में चहल पहल बनी रही। दुकानों पर भीड़ व खरीदारी का दौर जारी रहा। होली के दूसरे दिन धुलंडी पर लोगों ने रंग, गुलाल, अबीर के साथ होली खेली। एक दूसरे के घर जाकर होली की शुभकामनाएं दी तथा अबीर गुलाल व रंग लगाकर खुशियां मनाई। दिनभर रेयाण का दौर चलता रहा। महिलाओं ने गुलाल होली खेली। इस दौरान कई लोगों ने गोशाला में गायों के लिए चारे, दाले आदि के लिए दान पुण्य किया।

रही ढूंढोत्सव की धूम : धुलंडी के दिन शाम को महिलाओं ने होलिका दहन स्थल पर महिलाएं एकत्रित होकर मंगल गीत गाए तथा नवजात शिशुओं को परिक्रमा करवाकर मिठाइयां, गुड़ आदि वितरण कर मूंह मीठा करवाया। इस दौरान महिलाओं ने होली माता के भजन गाए तथा नवजात शिशुओं व परिवार के लिए खुशहाल जीवन की कामनाएं की।

बाड़मेर . रंग से होली खेलती महिला व नन्हा बालक।

173 साल पुरानी गेर देखने उमड़े लोग : एशियाड में धूम मचा चुके सनावड़ा गेर नृत्य की प्रस्तुति होली के दूसरे दिन धुलण्डी के अवसर पर सनावड़ा गेर मेले में हुई। विशेष पोशाक पहने सैकड़ों कलाकारों ने ढोल व थाली की थाप पर मनमोहक अंदाज में गेर नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में बाड़मेर जिलेभर से हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर एसडीएम नीरज मिश्र ने कहा कि इस वर्तमान दौर में 173 साल पुरानी संस्कृति को जीवित रखना चुनौती है। इस दौर में भी ग्रामीण इस परंपरा को जीवित रखते हुए अहम भूमिका निभा रहे है। इस दौरान तहसीलदार नानगाराम, सदर थानाधिकारी राजेंद्र चौधरी सहित कई अतिथि मौजूद रहे। इस दौरान गेर मेले में जाखड़ों की ढाणी, सनावड़ा, मूढ़ों का तला, रामदेरिया, जेठाणी जाखड़ों की ढाणी, सादुलानियों का तला, सुथारों का तला, कुम्हारों का तला, अणदे का तला, नवा तला, पिंडेलों का तला सहित 20 गांवों से गेर कलाकारों ने भाग लिया। भामाशाह सुनील जाखड़ की ओर से गेर कलाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

झाक . होली के अवसर पर गांव के चौहटे में झाख मठ महंत पारसनाथ महाराज के सानिध्य में शुभ मुहूर्त में मंत्रोच्चार के साथ होलिका का दहन किया गया। दूसरे दिन धुलंडी पर मठ परिसर में रियाण का आयोजन हुआ। जिसमें गांव के ग्रामीणों ने भाग लिया तथा ग्राम पंचायत की समस्याएं, आगामी फसलों का शगुन देखने सहित अन्य मामलों पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रसादी का आयोजन किया गया। चौहटे में गेर नृत्य का भी आयोजन हुआ।

बायतु . होली का त्योहार भाईचारा से मनाया। घर-घर जाकर मिठाइयां बांटी। चंग की थाप पर फाल्गुन के गीत पर युवाओं ने उत्साह से नृत्य किया। रामा श्यामा के दिन ग्रामीणों ने नशा मुक्ति व समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने का संकल्प लिया।

गुड़ामालानी . होली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया। शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। चंग की थाप पर युवाओं ने उत्साह से फाग गीतों पर नृत्य किया। ग्रामीणों ने अबीर-गुलाल लगा शांतिपूर्वक होली मनाई।

बाड़मेर बीएसएफ जवान रंग से होली खेलते हुए ।

बाड़मेर. सनावड़ा के चौहटे में गेर नृत्य की प्रस्तुति देते गेरिये।

शिव . उपखंड में होली का पर्व धूमधाम से मनाया। होली के दिन लोगों का उल्लास चरम पर था। ग्रामीणों ने एक दूसरे पर रंग व गुलाल लगा परस्पर गले लगा कर होली पर्व की शुभकामना दी। शुभ मुहूर्त में परंपरागत तरीके से होलिका दहन किया गया। साथ ही जहां-तहां बच्चों की ढूंढ के कार्यक्रम भी हुए। निकटवर्ती गांव गूंगा, बीसू, पुषड़, बलाई, आगोरिया व राजड़ाल में भी होली उत्साह से मनाई।

भियाड़ . होली पर युवाओं की टोलियाें ने मुख्य चौराहा व गांव की गलियों में फाग गीत गाए। युवाओं ने गुलाल से होली खेल पानी बचाने का संदेश दिया। महिलाओं ने भी उत्साह से फाग गीत गाए। दिन भर रियाण का दौर चला जिसमें अतिथियों को मिठाई खिला होली की बधाई दी।

पहली बार गांव की प्रतिभाएं सम्मानित : इस मौके पर पहली बार गांव के सरकारी सेवाओं में योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। प्रशासनिक सहित, राजनैतिक, सामाजिक उत्थान व अन्य सेवाओं में योगदान देने वाले लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। भामाशाह देराजराम बेनीवाल की ओर से अतिथियों के हाथों प्रोफेसर अचलाराम जाखड़, पूनमाराम, रामाराम पिंडेल, समाजसेवी ठाकराराम थोरी, रामचंद्र सियाग, जगदीश सारण सहित कई लोगों को सम्मानित किया।

सिणधरी . विभिन्न गली मोहल्लों में एकत्रित जनसमूह के साथ होली फागोत्सव मनाया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका दहन किया गया। ग्रामीणों ने नारियल कपूर के साथ पूजा अर्चना की। सभी ने समाज में व्याप्त बुराइयों को त्यागने का आह्वान किया। पारंपरिक वेशभूषा में सज धज कर चंग की थाप पर ग्रामीण बच्चों के ढूंढ़ोत्सव में शामिल हुए।

चौहटन . उपखण्ड क्षेत्र में होली का पर्व धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया। समूचे उपखण्ड में गुरूवार रात को शुभ मुहूर्त में अलग-अलग स्थानों पर परम्परा अनुसार होली का दहन किया। दूसरे दिन शुक्रवार को धुलंडी का पर्व मनाया गया। कस्बेवासियों ने टोलियां बनाकर एक दूसरे पर रंग,गुलाल ,अबीर डालकर एक दूसरे को बधाई दी।