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डेढ़ साल में शुभलक्ष्मी योजना की दूसरी किश्त लेने नहीं पहुंचे भास्कर की खबर के बाद 6 घंटे में 258 को साढ़े 5 लाख दिए

Churu News - डेढ़ साल पहले बंद हुई शुभलक्ष्मी योजना में बेटियों के 12 लाख 32 हजार 700 रुपए बुधवार को लैप्स होने के डर से एक ही दिन में 300...

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:40 AM IST
डेढ़ साल में शुभलक्ष्मी योजना की दूसरी किश्त लेने नहीं पहुंचे भास्कर की खबर के बाद 6 घंटे में 258 को साढ़े 5 लाख दिए
डेढ़ साल पहले बंद हुई शुभलक्ष्मी योजना में बेटियों के 12 लाख 32 हजार 700 रुपए बुधवार को लैप्स होने के डर से एक ही दिन में 300 से ज्यादा लाभार्थियों ने दस्तावेज जमा करवा दिए। इसमें 258 जनों को तो दूसरी किश्त के 2100 रुपए भी मिल गए। करीब छह घंटे के दरमियान लगातार लाभार्थियों की अस्पतालों में दस्तावेज जमा करवाने वालों की झड़ी सी लग गई।

बुधवार को शेखावाटी भास्कर में शुभलक्ष्मी योजना की दूसरी किश्त के लिए आज अंतिम मौका, फिर लैप्स होगी राशि... शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद लाभार्थी अपने-अपने दस्तावेज लेकर संबंधित चिकित्सा संस्थानों में पहुंच गए। आरसीएचओ डॉ. सुनील जांदू ने बताया कि सुबह 11 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक 300 से ज्यादा लाभार्थियों ने किश्त लेने के लिए अपने दस्तावेज जमा करवाए, जिनमें से चिकित्सा विभाग की टीम ने 258 लाभार्थियों को पांच लाख 41 हजार 800 रुपए का भुगतान भी कर दिया। बाकी बचे आवेदकों के भी दस्तावेजों की जांच कर किश्त दी जाएगी। गौरतलब है कि मातृ-मृत्यु दर कम करने और बालिका जन्म पर उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना डेढ़ साल पहले राजश्री योजना में बदल गई, लेकिन शुभलक्ष्मी योजना की शहरी व देहात की 587 लाभार्थी महिलाओं ने दूसरी किश्त अब तक नहीं ली थी। बार-बार सूचना देने के बाद भी लाभार्थियों की ओर से दस्तावेज जमा नहीं कराए जा रहे हैं। 28 फरवरी तक दस्तावेज जमा नहीं कराए जाने पर कुल 12 लाख 32 हजार 700 रुपए लैप्स होने थे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री राजश्री योजना के अनुसार बालिका के जन्म के समय 2500 रुपए की आर्थिक सहायता मां को दी जाती है। दूसरी किस्त के रूप में भी पहले जन्मदिन पर 2500 रुपए बालिका को दिए जाते हैं, लेकिन इसमें पूर्ण टीकाकरण होना शामिल हैं। पहली कक्षा में प्रवेश लेने पर बालिका की माता के खाते में 4 हजार रुपए, जब बेटी इसके बाद छठी कक्षा में प्रवेश लेगी तो फिर से पांच हजार रुपए दिए जाते हैं।

587 महिलाओं को मिलनी थी दूसरी किश्त, राशि लैप्स के डर से एक ही दिन में पहुंच गए

28 फरवरी को प्रकाशित समाचार

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डेढ़ साल में शुभलक्ष्मी योजना की दूसरी किश्त लेने नहीं पहुंचे भास्कर की खबर के बाद 6 घंटे में 258 को साढ़े 5 लाख दिए
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