दूल्हा बारात के साथ मंडप में करता रहा होने वाली पत्नी का इंतजार, दुल्हन अपना मेडीकल कराने अस्पताल मैं बैठी 6 घंटे, जानिए क्या है पूरा मामला / दूल्हा बारात के साथ मंडप में करता रहा होने वाली पत्नी का इंतजार, दुल्हन अपना मेडीकल कराने अस्पताल मैं बैठी 6 घंटे, जानिए क्या है पूरा मामला

दूल्हा पहुंचने के एक घंटे बाद बालिग साबित हुई दुल्हन

Bhaskar News

Feb 11, 2019, 04:28 PM IST
Churu Sikar Rajasthan story of unique wedding a minor bride

चुरु/सीकर(राजस्थान)। एक दुल्हन को शादी के ही दिन खुद को बालिग साबित करने के लिए छह घंटे तक सरकारी अस्पताल में बैठना पड़ा। चौंकाने वाली बात तो ये है कि इस दौरान दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंच गया। बारात पहुंचने के एक घंटे बाद दुल्हन बालिग साबित हुई। छह घंटे के लंबे अंतराल के चलते दुल्हन के घर विवाह की होने वाली कुछ रस्में भी चार बजे बाद शुरू हुई। नाबालिग होने की शिकायत के बाद ये सारा मामला बिगड़ा था। हम बात कर रहे हैं तहसील के गांव सांगासर की बेटी लक्ष्मी की। लक्ष्मी की शादी रविवार को होनी थी।

घर में विवाह की तैयारियां अंतिम रूप में थी। सुबह किसी व्यक्ति ने प्रशासन से बाल विवाह की शिकायत कर दी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। एसआई गोपालसिंह ने प्रशासन को सूचना दी, जिस पर नायब तहसीलदार मुकन्नसिंह शेखावत भी पहुंचे। प्रशासन ने लक्ष्मी के परिजनों से आयु संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन किसी भी तरह का आयु से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर प्रशासन बालिका को आयु प्रमाणित करवाने के लिए मेडिकल मुआयना करवाने सरकारी अस्पताल साथ लेकर आ गए। प्रशासन ने दुल्हन की आयु प्रमाणित करवाने के लिए अस्पताल प्रशासन को मेडिकल मुआयना करवाने के निर्देश दिए।


सुजानगढ़ के गांव डूंगरास से आई थी बारात

गांव में बारात पहुंचने पर ग्रामीण एक तरफ तो बारातियों के स्वागत में लग गए। दूसरी ओर रतनगढ़ मेडिकल जांच करवाने ले गए दुल्हन का इंतजार करने लगे। रविवार व रेडियोलोजिस्ट के अवकाश पर होने पर लंबा समय लगा। रेडियोलोजिस्ट आने के बाद मेडिकल जांच हो पाई, जिसमें वह बालिग साबित हुई।


पीएमओ बोले-आज रविवार, रेडियोलोजिस्ट नहीं, एसडीएम ने किया हस्तक्षेप


पीएमओ डा. राजेंद्र गौड़ ने तहसीलदार से कहा कि आज रविवार है, इसलिए मेडिकल मुआयना नहीं हो सकता। अवकाश के चलते रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है। प्रशासन ने कहा कि आयु का प्रमाण साबित करना अभी जरूरी है। फिर भी बात नहीं बनने पर नायब तहसीलदार ने जानकारी एसडीएम संजू पारीक को दी। एसडीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दुल्हन का तुरंत प्रभाव से मेडिकल मुआयना करवाने के निर्देश दिए। उसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया तथा बीकानेर गए अस्पताल के डॉक्टर विजयंत निर्वाण को वापस रतनगढ़ बुलाया गया। करीब 2.30 बजे वे रतनगढ़ पहुंच दुल्हन के मेडिकल मुआयना की कार्रवाई शुरू की, जो शाम चार बजे समाप्त हुई।

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