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बंदूकों की बिक्री पर बड़ा फैसला कर सकते हैं ट्रम्प

व्हाइट हाउस में हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी गवर्नरों को भोजन पर आमंत्रित किया। निश्चित ही वहां...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:05 AM IST
व्हाइट हाउस में हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सभी गवर्नरों को भोजन पर आमंत्रित किया। निश्चित ही वहां ‘गन कंट्रोल’ पर बात होनी थी, क्योंकि सभी गवर्नरों को अपने राज्य की जनता की आवाज सुननी पड़ रही है। फ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित मर्जोरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल में गोलीबारी में ज्यादातर बच्चों सहित कुल 17 लोगों की जान गई थी। इसके बाद अमेरिकी नागरिक ‘गन कंट्रोल’ पर सख्ती चाहते हैं। लेकिन, इसकी नीति ट्रम्प को ही बनानी होगी। हालांकि उन्हें वर्ष 2016 में प्रचार के दौरान नेशनल राइफल एसोसिएशन (एनआरए) की तरफ से भारी-भरकम चुनावी चंदा मिला था। इसके बावजूद भोज के दौरान ट्रम्प ने गवर्नरों से कहा- ‘यह समय गन-राइट्स लॉबी के साथ जूझने का है, आपको एनआरए का डर है, जबकि उससे डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

राष्ट्रपति ट्रम्प संभवत: एकमात्र ऐसे रिपब्लिकन हैं, जिन्होंने पार्कलैंड गोलीबारी के बाद बंदूकों पर अपना दृष्टिकोण बदला है। ट्रम्प चाहते हैं कि हथियारों के अलग प्रशिक्षक होने चाहिए, लेकिन अन्य रिपब्लिकन चाहते हैं कि ज्यादा क्षमता वाली मैग्जीन की बिक्री पर सख्ती होनी चाहिए। पार्कलैंड में गोलीबारी करने वाले के पास अधिक क्षमता की मैग्जीन वाली रायफल थी।

संभव है कि रिपब्लिकन नेता ‘गन कंट्रोल’ पर अब अपना विरोध वापस ले लें। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि अमेरिकी जनता धैर्य खो चुकी है। दो वरिष्ठ रिपब्लिकन सदस्यों ने कहा कि एनआरए ने उन्हें गन कंट्रोल पर नए नियम बनाने की हरी झंडी दे दी है, जबकि पिछले दशक में उन्हें बिज़नेस में भारी घाटा सहन करना पड़ा है। उधर, एनआरए की प्रवक्ता जेनिफर बेकर ने कहा कि उनकी मुख्य चिंता बंदूकों की बिक्री नहीं, बल्कि बंदूक रखने का अधिकार है। वह खत्म नहीं होना चाहिए।

इस उद्योग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि एनआरए ने ट्रम्प एवं अन्य रिपब्लिकनों को जिताने में 355 करोड़ रुपए खर्च किए थे। वे मानते हैं कि अगर हिलेरी क्लिंटन जीत जातीं, तो बंदूकों की बिक्री आसमान छूती, क्योंकि बिल क्लिंटन के प्रशासन में गन इंडस्ट्री तरक्की कर रही थी। ओबामा राष्ट्रपति बने थे, तब बंदूकों की बिक्री 42 फीसदी बढ़ी थी। परंतु अगर ट्रम्प बंदूकों की बिक्री या उसे खरीदने की उम्र सीमा बढ़ाने का फैसला लेते हैं तो गन इंडस्ट्री को भारी धक्का पहुंचेगा।