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माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने से खाली हो जाएंगे प्रारंभिक के स्कूल

माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:05 AM IST
माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने से खाली हो जाएंगे प्रारंभिक के स्कूल
माध्यमिक शिक्षा में शिक्षकों की कमी को दूर करने में प्रारंभिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद रिक्त हो जाएंगे। ऐसे में अगले शिक्षा सत्र से आधे स्कूल शिक्षकों से खाली मिलेंगे।

पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे प्रारंभिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में से 440 शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा में भेजा जा रहा है। इससे माध्यमिक शिक्षा विभाग में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के सभी पद भर जाएंगे। साथ ही वरिष्ठ अध्यापकों के अधिकतर पद भी भर जाएंगे, लेकिन इसका विपरीत असर पूरी तरह से प्रारंभिक शिक्षा विभाग पर पड़ेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में 7 हजार में से 3140 शिक्षकों के पद रिक्त हो जाएंगे। इसका सीधा सा खामियाजा प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने जाने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। इन विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा। दरअसल अभी परीक्षाओं का दौर चल रहा है। इसके बाद प्रवेश प्रारंभ हो जाएंगे। सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव के तहत प्रत्येक शिक्षक को 5-5 विद्यार्थियों के प्रवेश का टार्गेट भी दिया जा रहा है। इससे साल दर साल सरकारी स्कूलों में प्रवेश बढ़ रहे हैं, लेकिन प्रवेश बढ़ने के साथ ही शिक्षकों की कमी भी होती जा रही है।

नए सत्र से ही शिक्षकों की कमी रहेगी

परीक्षाओं के कुछ ही समय बाद नए शिक्षा सत्र की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी। ऐसे में नए शिक्षा सत्र के शुरुआती दौर से ही विद्यार्थियों को शिक्षकों की कमी खलने लगेगी। इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों का मानना है कि शिक्षकों की कमी के चलते इंटर्नशिप करने वाले बीएड विद्यार्थियों से कुछ काम चलाया जा सकेगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सोमवार तक त्रुटि सुधार के लिए आपत्तियां मांगी हैं। उसके बाद सेटअप परिवर्तन से स्थानांतरण की सूची तैयार होगी।


ग्रामीण क्षेत्रों में है परेशानी

ग्रामीण और दूर दराज के क्षेत्रों में अभी शिक्षकों की कमी खासी परेशानी बनी हुई है। सेटअप परिवर्तन के द्वारा प्रारंभिक शिक्षा विभाग से माध्यमिक शिक्षा विभाग में होने वाले सेटअप परिवर्तन के बाद यह समस्या और अधिक बढ़ जाएगी। सबसे अधिक परेशानी का सामना उन्हैल, चौमहला, डग, मनोहरथाना, पिड़ावा और बकानी जैसे दूर दराज के क्षेत्रों के स्कूलों में अब शिक्षकों की समस्या और बढ़ जाएगी। शहरी और सड़क किनारों के स्कूलों में सालों से शिक्षक जमे हुए हैं। ऐसे में सड़क किनारों के स्कूलों में अभी भी रिक्त पदों से काफी अधिक शिक्षक लगे हुए हैं।

माध्यमिक शिक्षा विभाग में ऐसे की जाएगी कमी दूर

माध्यमिक शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापकों के 1625 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 470 पद रिक्त चल रहे हैं। वहीं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 1975 पद स्वीकृत हैं, इनमें से 387 पद रिक्त चल रहे हैं। जब प्रारंभिक शिक्षा विभाग से 440 शिक्षक यहां सेटअप परिवर्तन में आएंगे तो तृतीय श्रेणी के रिक्त चल रहे 387 पद पूरे ही भर जाएंगे। तृतीय श्रेणी शिक्षकों का एक भी पद खाली नहीं रहेगा। इसी तरह वरिष्ठ अध्यापक में 53 शिक्षकों की कमी दूर हो जाएगी। यानी वरिष्ठ अध्यापक के माध्यमिक शिक्षा विभाग में अब केवल 334 पद ही रिक्त रह जाएंगे। यहां पर दो साल पहले भी प्रारंभिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों के सेटअप परिवर्तन हुए थे। उसमें व्याख्याताओं के अधिकतर पद भर गए हैं।

पहले से चल रहे हैं 2700 शिक्षकों के पद रिक्त

जिले में प्रारंभिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में कुल 7 हजार शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 4300 शिक्षक कार्यरत हैं और 2700 शिक्षकों के पद रिक्त चल रहे हैं। अब 440 शिक्षकों के माध्यमिक शिक्षा विभाग में चले जाने से 3140 शिक्षकों की कमी हो जाएगी। इसकी पूर्ति कर पाना शिक्षा विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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