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 बजट बताओ चैलेंज

 हाउसिंग के लिए सरकार क्या करेगी?  होमलोन पर ब्याज छूट सीमा 2 से बढ़ाकर 3 लाख करेगी।  होमलोन के प्रिंसिपल...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:20 AM IST
 बजट बताओ चैलेंज
 हाउसिंग के लिए सरकार क्या करेगी?

 होमलोन पर ब्याज छूट सीमा 2 से बढ़ाकर 3 लाख करेगी।

 होमलोन के प्रिंसिपल अमाउंट की सीमा बढ़ाएगी।

 अ और ब दोनों हो सकते हैं।  इनमें से कोई नहीं।

  इनमें से कोई नहीं

इस प्रश्न का जवाब 1.87 लाख लोगों ने दिया। इसमें से 11 प्रतिशत यानी करीब 20 हजार लोगों का अनुमान सही साबित हुआ।

35% बोले होमलोन पर ब्याज छूट सीमा 2 से बढ़ाकर 3 लाख करेगी।

33% का मानना था कि अ और ब दोनों होंगे।

 किसानों के लिए सरकार क्या करेगी?

 किसानों की न्यूनतम आय तय करने के लिए कदम उठाएगी।

 कृषि कर्ज पर मिलने वाली ब्याज छूट और बढ़ाएगी।

 अ और ब दोनों हो सकते हैं।  इनमें से कोई नहीं।

  किसानों की न्यूनतम आय तय करने के लिए कदम उठाएगी।

इस प्रश्न का जवाब 1.87 लाख लोगों ने दिया। इसमें से 23 प्रतिशत यानी 41 हजार लोगों का अनुमान सही साबित हुआ।

23% किसानों की न्यूनतम आय तय करने के लिए कदम उठाएगी।

40% अ और ब दोनों।

...तो Rs.467 आएंगे हर गरीब के हिस्से में

नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद 18,529 करोड़ की ब्लैकमनी मिली। मोदी ने दावा किया था कि स्विस बैंकों में जमा कालाधन आए तो हर गरीब को 15-20 रुपए लाख मिल जाएंगे।

नोटबंदी में जो पैसा आया उसे गरीबों में बांटें तो हर एक के हिस्से में करीब ‌Rs.467 आएंगे।

ई-पेमेंट

मोबाइल बैंकिंग और एम-वॉलेट ट्रांजैक्शन बढ़े, फिर गिरे; अब स्थिर





जनवरी

अप्रैल

11.7करोड़ विमान यात्री 2017 में, 6 साल में दोगुना, 2011 में 5.98 करोड़ यात्री थे

86.1% क्षमता के साथ उड़ान भरी एयरलाइंस ने पिछले साल, 6 साल में उन्होंने क्षमता 68% बढ़ाई

11 लाख करोड़ का होगा रियल्टी मार्केट 2020 तक। कृषि के बाद दूसरा अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र। 3.5 करोड़ लोग काम करते हैं।

12% जीएसटी लगता है फ्लैट खरीदने पर। पहले 4.5% सर्विस टैक्स और 1% वैट था। 6.5% ज्यादा टैक्स लग रहा है। साथ में स्टांप ड्यूटी भी।

(स्रोत : आर्थिक सर्वेक्षण, एनपीसीआई, आरबीआई, डीजीसीए, आईएटीए)

हमें इस बजट में ऐसा ही लाभ मिला है

पु राने समय की बात है। काशी में प्रताप नाम का राजा था। उसके बेटे व्रज का स्वास्थ्य खराब रहता था। एक बार व्रज ने प|ी चंद्रप्रभा से कहा- मैं मर जाऊं तो चिता में मेरा सारा धन रख देना। प|ी के होश उड़ गए। आखिर जब व्रज का देहांत हो गया, तो चंद्रप्रभा ने एक बड़ा डिब्बा चिता पर रखा। परिवार ने पूछा ऐसा क्यों कर रही हो? चंद्रप्रभा ने जवाब दिया- वो मेरे पति थे, मैं उनसे झूठ नहीं बोल सकती थी। मैंने सारा धन राजकोष में जमा करवा लिया है और चिता पर उनके नाम का भुगतान पत्र (चेक) रख दिया है। इतनी चतुराई से वादा निभाने पर चंद्रप्रभा की काफी प्रशंसा हुई। लोगों ने पूछा चंद्रप्रभा कौन हैं?

जवाब मिला- राजा की बहू चंद्रप्रभा अपने इसी चातुर्य के लिए प्रसिद्ध हैं और राज्य में वित्त विभाग संभालती हैं। वर्षों से जनता को ऐसे ही खुश कर रही हैं।

 जानिए सरकार के इस कड़े कदम के बाद अब डिजिटल इकोनॉमी के क्या हैं हाल

आंकड़े करोड़ में

जुलाई

सितंबर

32% कृषि कर्ज पर मिलने वाली ब्याज छूट और बढ़ाएगी।

05% इनमें से कोई नहीं।

अगस्त 2016 में लोगों ने कैश निकाले

यानी नोटबंदी के पहले के दिनों से अब ज्यादा कैश निकाला जा रहा है

नवंबर

100उड़ानें हर घंटे, 2011 में 67 उड़ानें हर घंटे थीं, 6 साल में 49% बढ़ोतरी हुई

58 हजार रेसिडेंशियल यूनिट लांच हुए पहल छमाही में, 5 साल में सबसे कम। अक्टूबर में बिना बिके घरों की संख्या 8.07 लाख थी।

21% ने कहा होमलोन के प्रिंसिपल अमाउंट की सीमा बढ़ाएगी।

11% ने कहा इनमें से कोई नहीं।

वर्ल्ड बैंक की 2013 की रिपोर्ट के अनुसार

30%

गरीब भारत में हैं

एटीएम

नोेटबंदी के महीने में निकाले

2025 में चीन और अमेरिका के बाद भारत सबसे बड़ा मार्केट होगा। अभी चौथे नंबर पर।

अक्टूबर 2017 में निकाले

आंकड़े लाख करोड़

500 विमान हैं अभी सर्विस में, 2025 तक 800 नए विमान खरीदे जाएंगे

 

सस्ते घरों को ज्यादा कर्ज के लिए फंड, और यह

5जी के लिए आईआईटी चेन्नई में सेंटर

भारतनेट के लिए पिछले साल के बराबर 10,000 करोड़। 5जी के लिए आईआईटी चेन्नई में विशेष सेंटर। एआई जैसी टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए टेक्नोलॉजी विभाग को 3,073 करोड़।

टेलीकॉम का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। मार्च 2019 तक 2.5 लाख गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने का लक्ष्य है।

100 करोड़ तक की कंपनियों को टैक्स में छूट

खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का आवंटन 715 करोड़ से 1,400 करोड़ किया गया है। 100 करोड़ बिजनेस वाली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों को पांच साल तक टैक्स में छूट मिलेगी।

टैक्स छूट से ‘ऑपरेशन ग्रीन’ योजना को समर्थन मिलेगा। किसानों की कमाई बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

किसान को लागत का डेढ़ गुना मिलेगा खरीफ समर्थन मूल्य

11 लाख करोड़ रुपए कृषि कर्ज का लक्ष्य, 10% ज्यादा

22 हजार हाट को एग्री मार्केट में बदला जाएगा, इससे 86% किसानों को फायदा

दिल्ली | बजट में कृषि कर्ज का लक्ष्य 10 से बढ़ाकर 11 लाख करोड़ किया गया है। मत्स्य और पशुपालन के लिए अलग से 10,000 करोड़ दिए गए हैं। वित्तमंत्री ने दावा किया कि रबी फसलों का एमएसपी लागत का 1.5 गुना हो गया है। खरीफ का एमएसपी भी लागत का 1.5 गुना होगा। इससे किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। 2017 में धान का एमएसपी 1,550 और अरहर का 5,450 रुपए प्रति क्विंटल था। हालांकि किसानों काे अब भी एमएसपी नहीं मिल रहा है।

व्यवस्था सुधार के उपायों पर ज्यादा जोर



वर्ष 2018-19 के बजट में यह स्पष्ट है कि सरकार ने वित्तीय क्षेत्र में सुधार के उपायों पर ज्यादा फोकस किया है। ये ऐसे प्रयास हैं, जो पिछले तीन वर्ष से जारी हैं।

रशेष शाह

प्रेसीडेंट-फिक्की

जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला अच्छा है। साथ ही 5 लाख रु. स्वास्थ्य बीमा का लाभ अच्छा है। किरण मजूमदार शॉ, सीएमडी, बायोकॉन

हमसे जुड़ी इंडस्ट्री को क्या मिला

टमाटर-प्याज के लिए अलग योजना

आलू, टमाटर, प्याज उगाने वाले किसानों के लिए 500 करोड़ की आॅपरेशन ग्रीन योजना। 2,000 करोड़ का एग्री इन्फ्रा फंड बनेगा। 1290 करोड़ रुपए का नेशनल बैम्बू मिशन।

कीमत में ज्यादा गिरावट से किसानों को नुकसान कम होगा। किसान उत्पादक संघों और प्रोसेसिंग यूनिटों को लाभ।

ब जट में सोशल सिक्योरिटी फ्रेमवर्क को विस्तार देने के साथ ही वित्तीय क्षेत्र की नीव को और मजबूती देने की कोशिश की गई है। इसके पहले सरकार ने देशभर में जनधन योजना, जीवन ज्योति योजना और सुरक्षा बीमा योजना की शुरुआत की थी, जिसे व्यापक स्तर पर सफलता मिली और समाज के सभी वर्गों तक उसका लाभ पहुंचा। इस बजट में मुझे जो सबसे अच्छा और प्रभावी लगा, वह है प्रत्येक परिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 5 लाख का बीमा।

इसके दायरे में करीब-करीब एक तिहाई परिवार शामिल हो जाएंगे, यह घोषणा/फैसला इस बजट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अतिरिक्त सरकार ने लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योगों (एमएसएमई) को आसानी से वित्त मुहैया कराने एवं उन्हें बढ़ावा देने के प्रयास भी किए हैं, जिसका लाभ प्रत्येक व्यक्ति के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी होगा। इसमें बैंकों से भी सहयोग की उम्मीद की गई है, ताकि वे इन उद्योगों को ऑनलाइन लोन स्वीकृति की सुविधाएं दें। ऐसा होने से बैंकों की मुद्रा का प्रबंधन अच्छा होगा। इसके अतिरिक्त वित्त कार्य संबंधी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से छोटे उद्योगों को दिए जाने वाले लोन की स्वीकृति में समय कम होगा। इस तरह के प्रयास अच्छे हैं।

बॉन्ड मार्केट को लेकर कॉर्पोरेट्स को प्रोत्साहित करने वाले प्रस्ताव भी प्रशंसनीय हैं, इससे बैंकों पर भार घटेगा और वे छोटे उद्योगों पर फोकस कर पाएंगे। फिक्की ने कॉर्पोरेट क्षेत्र के ऋण मार्केट को मजबूत बनाने की मांग लंबे समय से कर रखी थी। दिवालिया कानून में पिछले वर्ष किए गए सुधार के उपाय बहुत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके टैक्स संबंधी विषय जटिल बने हुए हैं। इसके अतिरिक्त सरकार ने वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में उपाय किए हैं जो अच्छे हैं, इसमें अवैध लेन-देन को बढ़ावा देने वाली क्रिप्टोकरेंसी को सिस्टम से हटाने के प्रावधान भी हैं।

सरकार ने नई नेशनल गोल्ड पॉलिसी लाने और गोल्ड एक्सचेंज की व्यवस्था लाने की बात कही है, जो स्वागतयोग्य है। इससे कंज़्यूमर गोल्ड डिपॉज़िट अकाउंट खोलने के प्रति आकर्षित होंगे। फिक्की इस बारे में पहले भी सरकार से कह चुका है और उसके समक्ष अपनी बातें रख चुका है।

5.9 लाख करोड़ खर्च होंगे, 21% ज्यादा

5.97 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह 2017-18 से 21% ज्यादा है। रेलवे और सड़क क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड आवंटन। पूरे साल में 9,000 किमी हाईवे बनेगा।

रोड नेटवर्क, एयरपोर्ट, रेलवे, पोर्ट और वाटर-वे के डेवलपमेंट में मदद मिलेगी। अंतत: जीडीपी ग्रोथ रेट बढ़ेगी।

टीवी, मोबाइल पर ड्यूटी बढ़ी

टीवी पर कस्टम ड्यूटी 7.5 से बढ़ाकर 15% और मोबाइल पर 15 से 20% की गई है। पार्ट्स पर 15% ड्यूटी। स्मार्टवाच और वियरेबल पर 10 की जगह 20% आयात शुल्क लगेगा।

इनका आयात महंगा होगा। पर देश में इनकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के मौके भी बनेंगे।

मंत्रालय बजट घटे/बढ़े अंतर

परिवहन 1,34,872  25.6%

कृषि 63,836  12.8%

गृह 93,450  6.0%

शिक्षा 85,010  3.83%

मंत्रालय बजट घटे/बढ़े अंतर

स्वास्थ्य 54,667  2.76%

शहरी विकास 41,765  2.48%

ग्रामीण विकास 1,38,097  1.83%

ऊर्जा 41,104  1.38%

खुशी की बात है कि मुद्रा योजना में 76% कर्ज महिलाओं को दिया है। इस योजना में 3 लाख करोड़ के नए कर्ज बांटने का लक्ष्य है। इससे महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मीनल पटोले, सीईओ, अगोरा माइक्रो

24 जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज बनेंगे, स्कूली शिक्षा सुधरेगी

शिक्षा: वडोदरा में रेल विवि की स्थापना। प्राइम मिनिस्टर रिसर्च फैलोशिप। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अतिरिक्त सेस।

रेलों के लिए प्रोफेशनल तैयार करने के लिए उपयोगी होगी। 100 बीटैक छात्रों को छात्रवृत्ति। वहीं सेस से 11000 करोड़ अतिरिक्त मिलेंगे।

आयुष्मान योजना का मिलेगा फायदा

इंडस्ट्री के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं, लेकिन 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रु. सालाना कवरेज देने की आयुष्मान योजना सेक्टर की अब तक की सबसे बड़ी घोषणा है।

इस कदम से हेल्थकेयर इंडस्ट्री का बिजनेस बढ़ेगा। अभी गरीब तो दूर, आम लोग भी महंगा इलाज नहीं करा पाते।

अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अलग फंड

एनएचबी के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए अलग फंड बनेगा। मार्केट वैल्यू और सर्किल रेट के मामले में भी रियायत दी गई है। सिंगल विंडो क्लियरेंस की मांग नहीं मानी गई।

अलग फंड से प्रायरिटी सेक्टर के तौर पर सस्ते घरों के लिए जल्दी और ज्यादा लोगों को कर्ज दिया जा सकेगा।

स्वास्थ्य: 24 जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज बनेंगे। डेढ़ लाख हेल्थ सेंटर के लिए 1,200 करोड़ का प्रावधान। टीबी मरीजों के लिए 600 करोड़।

हर 3 संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल होगा। इससे नई नौकरियां भी सृजित होंगी।

बजट में न सिर्फ कृषि बल्कि सभी ग्रामीणों तक लाभ पहुंचाने, उनकी जिंदगी में सुधार लाने के प्रयास किए गए हैं। निश्चित ही इसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। चंदा कोचर, सीईओ, आईसीआईसीआई बैंक

आंकड़े करोड़ रुपए में

लग्जरी कारें महंगी होंगी

कार और इनके पुर्जे पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है। प्रदूषण कम करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं, उससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।

लक्जरी कारें महंगी होंगी। अभी देश में इनके पार्ट्स कम ही बनते हैं। ई-वाहनों पर टैक्स कम नहीं हुआ।

र| पर आयात शुल्क 2.5% से 5% हुआ

डायमंड समेत सभी कट एवं पॉलिश्ड र|ों पर आयात शुल्क 2.5% से बढ़ाकर 5% किया गया है। इमिटेशन ज्वैलरी पर आयात शुल्क की दर 15% से बढ़ाकर 20% की गई है।

आयात शुल्क बढ़ने पर इनका निर्यात भी महंगा हो जाएगा। पिछले साल 2.3 लाख करोड़ का निर्यात हुआ था।

रेेलवे को मिले 1.48 लाख करोड़ रुपए, सभी ट्रेनों में वाई-फाई सुविधा होगी

रेलवे को बजट में इस बार 1,48,528 करोड़ रुपए दिए गए हैं। पिछले साल 1.31 लाख करोड़ थे। इसका बड़ा हिस्सा रेलवे की क्षमता बढ़ाने पर खर्च होगा। सभी ट्रेनों में वाई-फाई और सीसीटीवी, 25 हजार से ज्यादा फुटफॉल वाले स्टेशनों पर एस्केलेटर लगेंगे।

3,600 किमी पटरियां बदली जाएंगी। 4,267 अनमैंड फाटकों को समाप्त किया जाएगा। मुंबई उपनगरीय रेल का 11000 करोड़ से विस्तार होगा।

यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी। माल ढुलाई क्षमता भी बढ़ेगी। वाईफाई से यात्रियों को हर समय कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। एस्केलेटर से निशक्तजनों को सबसे अधिक लाभ होगा।

18,000 किलोमीटर की रेल लाइन को डबलिंग और थर्ड एवं फोर्थ लाइन वर्क तथा 5000 किमी को ब्रॉडगेज बनाया जाएगा।

रेल नेटवर्क का विस्तार होगा, नई यात्री एवं परिवहन ट्रेनें चलाने में मदद मिलेगी, कंजेशन कम होगा। ईस्टर्न एवं वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर पर काम पूरे जोरों पर।

राज्यों की परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे

कर्ज और ब्याज सब्सिडी के लिए 3,794 करोड़ का प्रावधान। मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपए देने का लक्ष्य रखा गया है। इनके एनपीए के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। जल्दी कर्ज मंजूरी की भी व्यवस्था की जाएगी।

इसको ज्यादा कर्ज दिया जा सकेगा। इंडस्ट्री का कैश फ्लो भी बढ़ेगा। हालांकि आवंटन पिछले साल से 41% कम है।

10.38 करोड़ लोगों को 4.6 लाख करोड़ का कर्ज दिया है अप्रैल 2015 में शुरू हुई मुद्रा योजना में अब तक। इनमें 76% महिलाएं हैं।

इस बार हेल्थकेयर को काफी कुछ है, जो स्वागतयोग्य है। गांवों में स्वास्थ्य की स्थिति में बदलाव आएगा। 5 लाख का बीमा देने का फैसला अद्‌भुत है। डॉ. तरंग ज्ञानचंदानी, सीईओ-जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुंबई

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