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बाल विवाह जीवन के लिए बड़ा अभिशाप

राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जी.आर. मूलचंदानी ने कहा कि बाल-विवाह के दुष्परिणाम बच्चों के साथ-साथ पूरे...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:05 AM IST

बाल विवाह जीवन के लिए बड़ा अभिशाप
राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जी.आर. मूलचंदानी ने कहा कि बाल-विवाह के दुष्परिणाम बच्चों के साथ-साथ पूरे समाज को भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई से लड़ने के लिए आमजन को जागरूक करने के साथ चेतना जागृत करना जरूरी है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा रविवार को कोर्ट परिसर में आयोजित बाल विवाह रोकथाम अभियान के शुभारंभ समारोह में न्यायाधिपति ने कहा कि बाल विवाह समाज व जीवन के लिए एक अभिशाप है। बाल विवाह से शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। उन्होंने कहा कि कानून होने के बाबजूद हर साल बड़ी संख्या में कच्ची उम्र में ही विवाह बंधन में बंध जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी जिम्मेदारी का अहसास नहीं हो रहा है। बाल विवाह रोकथाम के लिए गोष्ठियों व बैठकों का आयोजन कर आमजन में चेतना जागृत करना जरूरी है। कलेक्टर नरेश कुमार शर्मा ने कहा कि बाल-विवाह संपूर्ण विकास में बाधक है। उन्होंने कहा कि जिले में बाल विवाह नियंत्रण के लिए सभी अधिकारी, कर्मचारी टीम भावना से काम करें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनूप कुमार सक्सैना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिवर्ष आखा तीज, पीपल पूर्णिमा एवं अबूझ सावों पर बड़ी संख्या में बाल विवाह होते हैं, जिन्हें रोकने के लिए अवेयरनेस टीम के सदस्यों द्वारा विधिक जागरूकता कैंपों का आयोजन, एसपी चूनाराम जाट ने कहा कि जिले में बाल विवाह पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी सक्रिय रहकर टीम भावना से कार्य आमजन में भरोसा कायम करें।

रैली निकालकर दिया बाल विवाह रोकने का संदेश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल-विवाह रोकथाम अभियान के तहत छात्र-छात्राओं की रैली को राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति जी. आर. मूलचंदानी, जिला एवं सैशन न्यायाधीश अनूप कुमार सक्सैना ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस दौरान छात्र छात्राओं ने दुष्परिणामों के बारे में लोगों को जानकारी प्रदान की।

बाल विवाह के सहयोगियों पर भी होगी कार्रवाई

बाल विवाह में सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह बच्चों के माता-पिता हों, बाल विवाह में शामिल नातेदार-रिश्तेदार, पंडित, टैंट वाला तथा हलवाई पर भी कार्रवाई होगी। इसमें दो वर्ष तक के कठोर कारावास एवं एक लाख तक के जुर्माने से दंडित किया जा सकता है।

कंट्रोल रूम बनाया

बाल-विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम में शिकायत करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश जोशी ने भी विचार व्क्त किए। संचालन कमला शर्मा ने किया।

दौसा. बाल विवाह रोकथाम अभियान के शुभारंभ समारोह में उपस्थित लोग।

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