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मुआवजे के ~3.60 लाख हड़पने के लिए बड़े भाई ने की थी छोटे की हत्या

एक वर्ष पहले
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पांच सितंबर को संवासा मोड़ के पास सड़क किनारे खेत में मृत मिले मुकेश बैरवा (27) की हत्या उसके बड़े भाई अमरचंद बैरवा (35)ने ही की थी। जमीन की आवाप्ति के बदले मिली मुआवजा राशि को हड़पने के लिए अमरचंद ने मुकेश की हत्या की। पुलिस ने छह महीने बाद हत्या का खुलासा करते हुए अमरचंद को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि 3 सितंबर को मुआवजे के 3.60 लाख रुपए को लेकर हुए आपसी विवाद में खेत में लाठी से सिर फोड़कर अमरचंद ने मुकेश को मारा था। हत्या का राज छिपाने व पुलिस को भ्रमित करने के लिए अमरचंद ने मुकेश के शव को पहले अपने ही खेत में बाजरे की फसल में छुपा कर पटक दिया। अगले दिन 4 सितंबर की रात को मुकेश की लाश को उठाकर संवासा मोड पर सड़क किनारे खाली खेत में पटक दिया। 5 सितंबर को शव मिलने के बाद हत्या का पता चला।

भाई ही निकला हत्यारा

3 सितंबर को सिर फोड़कर की थी हत्या
6 माह बाद खुलासा

पिता का एटीएम लेकर अमरचंद मुआवजे की राशि खर्च करने लगा तो मुकेश ने किया था विरोध


पिछले दिनों दौसा-कोथून मेगा हाइवे से मृतक एवं आरोपी के पिता गणपत राम बैरवा की करीब 1 बीघा जमीन अवाप्ति की थी। जिसमें मुआवजा के करीब 3 लाख 60 हजार मृतक के पिता गणपतलाल को मिले थे। मृतक के पिता गणपत लाल का एटीएम अमरचंद ने ले लिया और उसने राशि को अपने काम में लेना शुरू कर दिया। इस बात से मुकेश बैरवा नाराज था और इसी बात को लेकर दोनों भाइयों में झगड़ा हुआ था। 3 सितंबर की रात को समय 9-10 बजे के करीब अमरचंद बाजरे के खेतों से गायों को भगाने खेतों पर गया था ।तब खेत की मेड के सहारे मुकेश बैरवा शराब के नशे में पास की ढाणी से घर की तरफ आता हुआ मिला। आमना सामना होते ही मुकेश बैरवा ने मुआवजे में से अपने हिस्से की राशि को मंगना शुरू कर दिया और इसके बाद दोनों भाइयों में झगड़ा शुरू हो गया। और इसी झगड़े में मुलजिम अमरचंद ने अपने भाई मुकेश के सिर में लाठी मार दी। जिससे वह मर गया। मुकेश के मरने के बाद में उसकी लाश को पास ही बाजरे के खेत में छुपा कर पटक दिया। तथा अगले दिन 4 सितंबर की रात को मुकेश की लाश को उठाकर संवासा मोड पर सड़क किनारे खाली खेत में पटक दिया।

भाई की हत्या के दो दिन बाद अमरचंद ने ही पुलिस में दर्ज कराया था मामला

थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि घटना की रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई अमरचंद ने दी। घटना 3 सितंबर की थी तथा जानकारी 5 सितंबर को मिली। लाश सड़ी-गली मिली थी। जबकी सड़क किनारे का खेत था सूचना देरी से क्यों दी गई जबकि खेत सड़क किनारे का था? आम आदमी की नजर पड़ती है।

> लोगों से सूचनाएं एकत्रित की गई व परिवार के बारें में जानकारी ली गई। पुलिस को पता चला कि मुआवजे की राशि को लेकर आए दिन मुकेश बैरवा व अमरचंद के बीच कहासुनी व झगड़े होने की बात सामने आने पर अमरचंद की भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी।

> बार बार की पूछताछ व बारीकी जांच से मिले तथ्यों को आधार बना कर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। अमरचंद पर निगरानी
बढ़ाई गई।

> यह भी तथ्य सामने आया कि अमरचंद परिवारजनों को धमकियां देता था।

> पुलिस ने आरोपी अमरचंद से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। जिसमें उसने मुआवजे की राशि हड़पने के लिए अपने ही सगे छोटे भाई की हत्या करना स्वीकार किया। गुरुवार अमरचंद को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की गई।

पुलिस टीम जिसने मामले को सुलझाया : हत्या का खुलासे में थाना प्रभारी अमित कुमार की अगुवाई में सहायक उपनिरीक्षक गुलाब सिंह, कौशल कुमार, रामकेश, दिलीप, लहरी लाल की टीम का उल्लेखनीय कार्य रहा।

लालसोट| छोटे भाई का हत्यारा अमरचंद पुलिस गिरफ्त में।

मृतक मुकेश
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