रेट्रोफिटिंग से गांव-गांव में होगा सोना खाद का निर्माण

Dausa News - सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत पूर्व में बनाए गए 38000 शौचालयों रेट्रो फिटिंग से जोड़ने का अभियान चलाया है।...

Jan 16, 2020, 09:31 AM IST
Lalsot News - rajasthan news gold fertilizer will be manufactured in every village due to retrofitting
सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत पूर्व में बनाए गए 38000 शौचालयों रेट्रो फिटिंग से जोड़ने का अभियान चलाया है। योजना के तहत गावों में बने शौचालयों को 1 गढढे से 2 गढढे के रूप में परिवर्तित किया जाएगा। 320 लाभार्थियों को पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में 15 लाख रुपए की राशि से रेट्रो फिटिंग अभियान से लाभ दिया जाएगा। वहीं सोना खाद का निर्माण व विक्रस होने से लाभार्थी को प्रति वर्ष 12 हजार रुपए की आय भी होगी। योजना के तहत दिए गए लक्ष्यों में से 179 लोगों को अभियान में चयन किया जा चुका है तथा सर्वे स्वच्छता ग्रहियों द्वारा पंचायत स्तर पर किया जा रहा है ।ग्राम पंचायतों द्वारा लाभार्थियों के प्रस्ताव को अनुमोदित किए जाने के बाद आवेदकों के नाम सूची में जुड़ा जाने की कार्यवाही की जा रही है।

द्वितीय चरण में जोड़ा जाएगा

पहले चरण में सरकार द्वारा 320 लोगों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयन कर योजना से लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत एससी, एसटी, बीपीएल तथा दिव्यांग को ही लाभान्वित किया जाएगा।लालसोट क्षेत्र में 38000 शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है । पूर्व निर्मित शौचालयों में रेट्रोफिटिंग से जोड़ने के लिए सर्वे किया जा रहा है।

प्रत्येक रेट्रोफिटिंग पर 45 सौ रुपए

योजना के तहत सरकार द्वारा 15 लाख रुपए रिट्रोफिटिंग के रूप में खर्च किए जाएंगे ।प्रत्येक लाभार्थी को साडे चार हजार रुपए स्वीकृत किए जाएंगे। जो ग्राम पंचायत के माध्यम से संबंधित वैंडर द्वारा रेट्रो फिटिंग की कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के तहत पूर्व निर्मित गटर टेंक के पास एक बाई एक मीटर चौडा लंबा व एक मीटर गहरा टैंक का निर्माण किया जाएगा । जिसमें एक जंक्शन बॉक्स पर लगाया जाएगा।जो एक गड्ढे को भरने के बाद दूसरे गड्ढे को खोलने तथा बंद करने के काम आएगा।

कैसे हागा सोना खाद का निर्माण

रेट्रोफिटिंग के माध्यम से बनाए जाने वाले गड्ढे से सोना खाद का निर्माण होगा ।जो केसर की खेती के साथ-साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने का काम करेगा । एक गड्ढे को मानव मल से भर जाने के बाद 1 वर्ष तक उपयोग नहीं लेने से गड्ढे में भरा हुआ मल चाय की पत्ती जैसी भुरभुरी खाद में तब्दील हो जाएगा। जिसे गढढे से निकालकर पैकिंग कर खुले बाजार में 300 प्रति किलो की दर पर बेचा जा सकेगा। एक गड्ढे में 40 किलो सोना खाद का निर्माण होगा। बाजार दर 30 प्रति किलो होने से प्रत्येक लाभार्थी को 12000 साल का लाभ मिलेगा।

पर्यावरण का प्रदूषण हटेगा

स्वच्छ वातावरण का निर्माण होगा ,खुले में फैल रही गंदगी पर रोकथाम लगेगी ।लोगों को गंदगी जनित बीमारियों से निजात मिलेगी।

निवाई में लगती है मंडी

ब्लाक स्वच्छता समन्वयक संतोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने बताया कि सोना खाद का निर्माण होगा। 1 गढढे में 40 किलो खाद का उत्पादन होगा। इसका बाजार भाव 300 रुपए किलो है तथा निवाई में सोना खाद को बेचने के लिए मंडी लगाई जाती है।

बीडीओ पंस योगेश मीणा ने बताया कि योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट में 320 लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। प्रत्येक रेट्रोफिटिंग पर 4500 रुपए स्वीकृत किए जाएंगे । 179 लोगों का चयन किया जा चुका है बाकी का चयन के लिए सर्वे जारी है।

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