आंगनबाड़ी में सुपोषण दिवस मनाया
दौसा ग्रामीण| नांगल राजावतान मुख्यालय पर गुरुवार को आंगनबाडी केन्द्र पर सुपोषण दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, सहयोगिन सहित स्वंय सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने
भाग लिया।
पीआर मीणा ने कहा कि बाजरे का नियमित सेवन करने व इसके बने व्यंजन कुपोषण की बीमारी में छुटकारा दिलाने में रामबाण औषधि का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि न्यूट्री फार्म पायलेट प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्र में संचालित आंगनबाडी केन्द्रों पर बाजरे को बाहरमासी खाने के उपयोग लेने के लिए लोगों को जागरूक किया जा चुका है। कुपोषण की रोकथाम के लिए बाजरे से बने व्यंजन रामबाण औषधी का काम करते हैं। बाजरे में गेहूं के अनुपात में लौह तत्व प्रोटृीन, केैल्शियम, कार्बोज की मात्रा अधिक पाई जाती है। 100 ग्राम बाजरे की मात्रा में 361 मिली ग्राम कैलोरी, 68 ग्राम कार्बोज, 12 मिली ग्राम प्रोटृीन, 8 मिलीग्राम लौह तत्व, 5 मिली ग्राम वसा व 42 मिली ग्राम कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। जो मनुष्य के शरीर के लिए घी दूध से अधिक लाभ पहुंचते हैं। प्रधानाचार्य गोपालाल मीणा ने बताया कि देश में 43 प्रतिशत व राजस्थान में 51 प्रतिशत बालकों व महिलाओं में कुपोषण है। उन्होंने बताया कि महिलाओं व बालको को आंगनबाडी केंद्रों पर बाजरे के बिस्किट, मफीर्स, लडडू, मठरी, खाखरा बनाकर वितरण किए जाएंगे।