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वेद संस्कृति और ज्ञान के प्रतीक

एक वर्ष पहले
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राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पंडित विनोद शास्त्री ने कहा है कि वेद संस्कृति और ज्ञान के प्रतीक हैं, जिनके माध्यम से लोगों को सद‌् मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

पूर्व कुलपति शास्त्री उपखंड के थूणिधिराजपुरा ग्राम में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में सरस्वती के नवनिर्मित मंदिर के लोकार्पण व मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित करते हुए अपने उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गुरुजनों द्वारा दिए जाने वाले ज्ञान को आत्मसात कर शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम अर्जित करें। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। संस्कृत के विकास से ही संस्कृति की रक्षा संभव है। उन्होंने यज्ञ में आहुतियां देकर लोक कल्याण की कामना की। कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट सुरेशचंद्र शर्मा, ग्राम सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद शर्मा, पूर्व सरपंच जगदीश मीणा, बाबूलाल मीणा, बृजमोहन चतुर्वेदी, सूरजमल जोशी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

लालसोट| सरस्वती माता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित करते संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति पं. विनोद शास्त्री।
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