टिकट व्यवस्था लागू करने के छह माह बाद भी नहीं बना टिकट घर

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Oct 13, 2019, 06:31 AM IST
भास्कर न्यूज | बांदीकुई ग्रामीण

विश्व प्रसिद्व पर्यटक स्थल आभानेरी चांदबावड़ी देखने के लिए पुरातत्व विभाग ने 6 माह पहले टिकट व्यवस्था को लागू कर दिया। लेकिन आज तक न तो यहां टिकट घर बनवाया ना ही पर्यटकों के लिए छाया की व्यवस्था की। इससे परेशान विदेशी पर्यटक यहां धूप में खड़े होकर टिकट लेने को मजबूर हो रहे है।

पर्यटक स्थलों की सूची में चांदबावड़ी का विश्व स्तर पर अच्छा नाम होने व यहां रोजाना बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों के आने के कारण पुरातत्व विभाग ने मई 2019 में बावड़ी को देखने के लिए टिकट व्यवस्था को लागू कर दिया। जिसमें भारतीय पर्यटकों के लिए 25 रुपए व विदेशी पर्यटकों के लिए 300 रुपए का शुल्क लागू कर दिया। इस व्यवस्था को लागू करने के बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने जल्दी ही यहां अलग से टिकट घर का निर्माण कराने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अभी तक टिकट घर नहीं बना। जबकि इन दिनों दिनभर में 300 से अधिक विदेशी पर्यटक चांदबावड़ी देखने के लिए आ रहे है। वहीं इस बारे में पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यहां टिकट घर स्वीकृत है। इसका निर्माण भी चालू हो गया है। जल्दी ही बनकर तैयार हो जाएगा।

चांदबावड़ी के बाहर छोटी से कोटडी में शुरु कर दिया टिकट घर

पुरातत्व विभाग ने चांदबावड़ी के बाहर की ओर टिकट व्यवस्था को लागू कर यहां इसका संचालन एक छोटे से कमरे में चालू कर दिया। इस कमरे के बाहर की ओर खिडकी लगाकर यहां से टिकट वितरण की व्यवस्था कर दी। न छाया ना ही बैठने की सुविधा पुरातत्व विभाग ने शुुरु की अस्थाई टिकट खिड़की पर पर्यटकों के लिए न तो छाया का इंतजाम किया ना ही बैठने की सुविधा दी। ऐसे में यहां आने वाले विदेशी व भारतीय पर्यटक मजबूरी में धूप में खडे होकर टिकट लेने को मजबूर हो रहे है। कई बार पर्यटकों की संख्या अधिक होने से काफी देर बाद टिकट मिलता है।

टिकट घर के बाहर कई बार भीड़ अधिक होने पर विदेशी पर्यटक धूप से बचने के लिए आसपास के पेड़ों की छाव में नीचे खडे हो जाते है। जब भीड़ कम होती है तब ही वे टिकट लेने के लिए जाते है।

रेलवे जंक्शन पर सुलभ काम्प्लेक्सों का ठेके पर संचालन हुआ बंद

बांदीकुई|
एक ओर रेल प्रशासन रेलवे में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहा है।वहीं दूसरी ओर ए श्रेणी के बांदीकुई रेलवे जंक्शन पर संचालित सुलभ काम्प्लेक्सों का जब से ठेके पर संचालन बंद हुआ है तब से रेलवे ने यहां हाथ धोने के लिए साबुन व हैंड वॉश रखना ही बंद कर दिया। जबकि रोजाना 400 से अधिक यात्री इन सुलभ काम्प्लेक्सों का उपयोग करते है। रेलवे की ओर से जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर तीन सुलभ कॉम्पलेक्स संचालित कर रखे है। एक साल से इनका ठेकों पर संचालन बंद पड़ा है। जब ये ठेके पर संचालित होते थे तब यहां यात्रियों की सुविधा के लिए साबुन व हैंड वॉश की सुविधा रहती थी। लेकिन जब से इनका ठेकों पर संचालन बंद हुआ है रेलवे ने इस सुविधा को बंद कर दिया। रेलवे की ओर से इसी प्लेटफार्म पर आधुनिक सुलभ कॉम्पलेक्स भी संचालित कर रखा है। लेकिन इसके भी यही हाल है।

बांदीकुई जंक्शन पर रोजाना 10 हजार यात्रीभार है। इनमें से रोजाना 400 से अधिक यात्री इन सुलभ काम्प्लेक्सों का उपयोग करते है। लेकिन वर्तमान में इन सुलभ काम्प्लेक्सों पर हाथ धोने के लिए साबुन व हैंड वॉश की व्यवस्था नहीं देख यात्री इनका उपयोग करने से कतरा रहे है। जो यात्री इनका उपयोग करता है वह पहले बाजार से साबुन लाने को मजबूर होता है।

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