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सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष बाजौर पहुंचे तिलानेस, कहा, शहीद मोडाराम के परिवार को दो माह में दिला देंगे जमीन

शहीद सम्मान यात्रा पर निकले सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राज्य मंत्री प्रेमसिंह बाजौर बुधवार को डेगाना के...

Danik Bhaskar | May 31, 2018, 03:30 AM IST
शहीद सम्मान यात्रा पर निकले सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष राज्य मंत्री प्रेमसिंह बाजौर बुधवार को डेगाना के तिलानेस गांव पहुंचे और शहीद ग्रेनेडियर मोडाराम के परिजनों का सम्मान किया। इस दौरान सभा में डेगाना गांव के शहीद गोविंदसिंह के परिजनों का भी सम्मान किया गया। इस दौरान सभा में पहुंचने पर प्रेमसिंह बाजौर को शहीद मोडाराम के परिवार की सरकारी अनदेखी की दर्द भरी दास्तां के बारे में बताया गया तो बाजौर ने कहा कि ये मामला उनकी जानकारी में नहीं था। लेकिन अब इस काम को प्राथमिकता से कराया जाएगा।

इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके वादे थोथी घोषणा नहीं होते। उन्होंने वादा किया कि 2 माह में शहीद के परिवार को जमीन आवंटन का कार्य करा दिया जाएगा। वहीं शहीद के परिवार के बीपीएल में होने पर बाजौर ने भावुकता से घोषणा की कि शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व गांव में राज्य सरकार की ओर से युद्ध शहीद ग्रेनेडियर मोडाराम की प्रतिमा लगाने की घोषणा की। उन्होंने मौके से ही अधिकारियों को शहीद की फोटो लेकर प्रतिमा बनाने की कवायद शुरू करने के निर्देश दिए।

सांजू| शहीद सम्मान यात्रा बुधवार को सांजू पहुंची। शहीद चंपालाल गील के घर पहुंचकर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर ने परिजनों का सम्मान किया। इस दौरान राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर ने कहा कि देश की रक्षा करने वाले जवान भगवान से कम नहीं होते है। उन्होंने कहा कि शहीद सम्मान यात्रा में हर शहीद के घर जाकर शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जा रहा है। इस दौरान शहीद की वीरांगना को शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इस दौरान डेगाना एसडीएम रविंद्रकुमार चौधरी व शहीद के परिजन बालाराम गील, मुगनाराम गील, गोपाल गील एवं पूर्व सैनिक खींयाराम कागट, ग्रामीण प्रेमसिंह राठौड़, मांगीलाल गील, हुकमाराम खोखर सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।

पहली बार सरकारी नुमाइंदा सम्मान करने आया

तिलानेस के पूर्व सरपंच रामनिवास खटकड़ ने बताया कि इन 50 सालों में पहली बार कोई सरकारी नुमाइंदा शहीद परिवार के घर पहुंचकर सम्मान करने आया है। इस दौरान खटकड़ ने कहा कि मंत्री शहीद परिवार का सम्मान करने आए। मंत्री बाजौर अब दो महीने में परिवार को जमीन आवंटन का वादा पूरा कर देंगे तो पूरी पंचायत द्वारा 10 सितंबर को शहीद मोडाराम की शहादत दिवस पर मंत्री बाजौर के सम्मान में कार्यक्रम रखा जाएगा। इस दौरान खटकड़ ने दैनिक भास्कर का आभार जताया और कहा कि भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद ही युद्ध शहीद की शहादत व अनदेखी सरकारी तंत्र के नजर में आई थी।

दैनिक भास्कर ने 21 जनवरी 2016 को उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि शहीद मोडाराम की शहादत की अनदेखी का मुद्दा दैनिक भास्कर ने 21 जनवरी 2016 को उठाया था। इस पर आयुक्त उपनिवेशन बीकानेर ने उप सचिव उप निवेशन से शहीद मोडाराम के मामले में विशेष सरकारी छूट के तहत आवंटन की आज्ञा मांगी थी। विधानसभा में विधायक हनुमान बेनीवाल द्वारा भी ये मुद्दा दो बार उठाया गया था। भास्कर द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद ये शहीद परिवार चर्चा में आया था। शहीद मोडाराम 1965 के भारत-पाक युद्ध में ऑपरेशन रिडिल के तहत जम्मू कश्मीर से लाहौर के रास्ते में ग्रेनेड दागते हुए शहीद हुए थे।

10 मई 1998 को मणिपुर के इम्फाल में आतंकवादियों से मुकाबला करते शहीद हुए सेना के जवान गोविंदसिंह अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और युवावस्था में ही शहीद हो गए थे। उनके जीजा आनंदसिंह ने बताया कि परिवार को सरकार द्वारा जैसलमेर में जमीन दे दी गई है। वहीं प्रतिमा शहीद के माता पिता स्वयं के स्तर पर तैयार करवा चुके है। उनकी मांग परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की है। जो पूर्व में सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा घोषणा की जा चुकी थी। वहीं स्कूल के नामकरण के लिए भी शहीद परिवार आवाज उठा रहा है। तिलानेस में हुए सम्मान समारोह में राज्य मंत्री प्रेमसिंह बाजौर ने शहीद की माता इंद्रा कंवर, बहन सरोज कंवर, भांजे दुष्यंतसिंह व जीजा आनंदसिंह का सम्मान किया।