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रेलवे ने मुख्य बाजार में खुलने वाला गेट किया बंद, अब यात्री दीवार कूद रास्ता पार करने काे मजबूर

डेगाना. दीवार फांदकर मुख्य बाजार पहुंचते लोग। मंत्री को ज्ञापन दे गेट खुलवाने की मांग, दिया आश्वासन इस...

Danik Bhaskar | Aug 12, 2018, 04:05 AM IST
डेगाना. दीवार फांदकर मुख्य बाजार पहुंचते लोग।

मंत्री को ज्ञापन दे गेट खुलवाने की मांग, दिया आश्वासन

इस मामले को लेकर शुक्रवार को लोगों ने रेलवे के इस गेट के सामने खड़े होकर प्रदर्शन किया और मंत्री अजयसिंह किलक को ज्ञापन सौंपकर जनहित में गेट को जल्दी खुलवाने की मांग की। इस दौरान लोगों ने रेलवे प्रशासन के निर्णय को गलत बताते हुए गेट नहीं खुलने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है। वहीं मंत्री किलक ने जनहित में जल्द ही निर्णय लिए जाने की बात कही है। प्रदर्शन के दौरान रेलवे सलाहकार समिति के बिरदीचंद तोषनीवाल, भाजपा नेता पवन पुरोहित, पार्षद भंवरलाल धोजक, राजेश राव, कृपाशंकर, रवि धनवानी, चंपालाल, इमरान खान, राजेंद्र धोजक, मुन्नालाल सैन, दीपचंद, रमेश, मांगीलाल समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।

पुराना गेट ही आने-जाने का प्रमुख रास्ता

गौरतलब है कि डेगाना रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 5 हजार सवारियों का आना-जाना होता है। यहां 50 वर्षों से एक ही गेट था। जो शहर के मुख्य बाजार के बीचोंबीच खुलता है। शहर की बनावट भी ऐसी है कि शहर का पूरा मार्केट इसी गेट के इर्द-गिर्द बसा है। प्राइवेट बसें भी यहीं रुकती है। वहीं रात के समय व्यस्तता के कारण यहां सुरक्षा की भी चिंता नहीं रहती। लेकिन करीब 7-8 साल पहले रेलवे द्वारा एक और गेट खोला गया। जो मार्केट से करीब बाहर एक छोर पर खुलता है। ऐसे में लोग पुराने गेट का ही उपयोग करते आए है। लेकिन डीआरएम के अचानक इस गेट को बंद करने से दुविधा बन गई है।

नोटिस में दिया सुरक्षा का हवाला गलत

रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य बिरदीचंद तोषनीवाल ने बताया कि चस्पा किए नोटिस में रेलवे ने सुरक्षा का हवाला दिया है। जबकि हकीकत ये है कि इस गेट के जरिए या इसके आस-पास कोई आपराधिक वारदात नहीं हुई है। वहीं पालिका प्रशासन की ओर से यहां हाईटेक सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है। जिन्हें डिप्टी ऑफिस से 24 घंटे निगरानी भी रखी जाती है। ऐसे में सुरक्षा का मुद्दा बिल्कुल झूठा है। मामला रेलवे की लापरवाही और तानाशाही का है।