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गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष नवम्बर माह

गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष नवम्बर माह में राजस्थान में बड़ी बजरी लीज खानों पर मंशा पत्र के जरिए...

Dainik Bhaskar

May 13, 2018, 04:45 AM IST
गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष नवम्बर माह में राजस्थान में बड़ी बजरी लीज खानों पर मंशा पत्र के जरिए हो रहे बजरी के खनन पर रोक लगाने के बाद इसी माह में हाईकोर्ट ने भी एक याचिका पर आदेश देते हुए नदी किनारों की कृषि भूमि पर बजरी खनन करने पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद लूणी नदी क्षेत्र में बजरी खनन कर रहे एसटीपी धारकों व कृषि भूमि पर जारी खनन पट्टों द्वारा किए जा रहे बजरी खनन कार्य पर भी रोक लग गई है। अवैध खनन की रोकथाम के लिए हाईकोर्ट ने अपने आदेश में संबंधित जिला कलेक्टर को एसआईटी टीम बनाने और निर्माण कार्यों में बजरी के उपयोग पर बिल्डर या संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाने व कालाबाजारी रोकने के लिए संबंधित पुलिस थानाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इस आदेश के यहां अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार देर रात उपखण्ड अधिकारी गौरीशंकर शर्मा के निर्देशन में तहसीलदार सांवरलाल अबासरा डेगाना डिप्टी अंतर सिंह व थांवला एसएचओ ने राजस्व कार्मिकों व पुलिस जाब्ते के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 6 ट्रेक्टरों को जब्त किया है। समाचार लिखे जाने तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है।

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