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पहले दिन छह इंटर स्टेट ई-वे बिल कटे, बिल जनरेट नहीं करने पर लगेगा जुर्माना

अन्य स्टेट से 50 हजार रुपए से अधिक का माल खरीदने व बेचने के लिए अब ई-वे बिल साथ रखना होगा, अन्यथा जुर्माना लगेगा। यह...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:50 AM IST
अन्य स्टेट से 50 हजार रुपए से अधिक का माल खरीदने व बेचने के लिए अब ई-वे बिल साथ रखना होगा, अन्यथा जुर्माना लगेगा। यह व्यवस्था जीएसटी ने कर चोरी रोकने के लिए की है। इसलिए टैक्स फ्री आइटम पर ई वे बिल लागू नहीं होगा। प्रदेश में यह व्यवस्था शनिवार रात से प्रारंभ हो गई है। बिल जनरेट नहीं करने पर जुर्माना भी देना होगा।

पहले दिन छह इंटर स्टेट ई-वे बिल कटे। सीए भरतपुर ब्रांच के अध्यक्ष सीए विनय गर्ग ने बताया कि बिल की तीन कापी तैयार की जाएंगी, जिसमें एक खरीददार, दूसरी विक्रेता तथा तीसरी ट्रांसपोर्टर को देनी होगी। ई-वे बिल के बिना अगर कोई भी माल परिवहन करते पाया गया तो वाणिज्यकर विभाग जुर्माना, जब्ती और ब्याज की कार्रवाई कर सकता है। अगर किसी कारणवश व्यापारी एक ई-वे बिल की वैधता तक दी गई दूरी नहीं तय कर पाता तो उसके पास ई-वे बिल फिर से इश्यू कराने का विकल्प रहेगा। वह अगर दूसरी गाड़ी से माल लाता है तो भी ई-वे बिल लेना होगा। अन्यथा पेनल्टी लगेगी। उल्लेखनीय है कि जिले में सरसों तेल, स्टोन और क्रशर गिट्टी का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है और 95 प्रतिशत तक उत्पादन अन्य स्टेट यानी दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहारी, बंगाल, उड़ीसा आदि इलाकों में सप्लाई किया जाता है। साथ ही अधिकांश वस्तुओं की खरीद आगरा और दिल्ली से होती है। रात-दिन ट्रांसपोर्टेशन होता है। इसलिए भरतपुर व धौलपुर जिले के व्यापारियों के लिए ई वे बिल महत्वपूर्ण है। तेल कारोबारी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि हमने आज दो बिल काटे हैं।

ई-वे बिल नहीं तो पेनल्टी के ये प्रावधान:

यदि करदाता खुद माल लेकर जा रहा है और ई-वे बिल नहीं है तो 10 हजार या टैक्स चोरी राशि के बराबर पेनल्टी होगी। और अगर किसी ट्रांसपोर्टर से माल भिजवाया जा रहा है तो 25 हजार रुपए तक तक पेनल्टी होगी। ई-वे बिल के साथ ही इनवायस व अन्य दस्तावेज नहीं हैं तो टैक्स राशि और इसके बराबर ही पेनल्टी लगेगी। माल लेने कोई नहीं आया तो उसे जब्त कर लिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने सख्ती करना शुरू कर दिया है।

जीएसटी ट्रान -टू फाइलिंग की तिथि 30 जून तक बढ़ाई, दो हजार व्यापारियों को राहत

जीएसटी कौंसिल ने ट्रान -टू फार्म की फाइलिंग की अंतिम तिथि 30 जून तक बढ़ा दी है। पूर्व में यह फार्म 31 मार्च तक फाइल करना था। इससे करीब 2 हजार व्यापारियों को राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि जीएसटी लागू होने से पहले ऐसे व्यापारी जिनके पास टैक्स पेड माल था। जिसका इनपुट लेने के लिए व्यापारियों को ट्रान -वन भरवाया गया था, जिसमें स्टाक की जानकारी मांगी गई थी। यह सामान कस्टमर को अगले छह महीने में इस माल को व्यापारी को बेचना था और इस व्यापारी टैक्स का जो फायदा लेता उसे ग्राहकों को हस्तांरित करना था। इस टैक्स का इनपुट लेने के लिए व्यापारियों को ट्रान-टू फार्म भरना था। सीए विनय गर्ग ने बताया कि अब ट्रान -टू फार्म भरने की समय सीमा तीन माह बढ़ाई है।

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