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रेलवे ट्रैक का फ्रैक्चर रोकने के लिए 8 घंटे पेट्रोलिंग करेंगे कर्मी

Dholpur News - सर्दी में रेल सेवाएं बाधित न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा सहित अन्य मंडलों...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 02:51 AM IST
Dholpur News - railway track to stop fracture for 8 hours
सर्दी में रेल सेवाएं बाधित न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। उत्तर मध्य रेलवे के आगरा सहित अन्य मंडलों में हर साल चार-पांच ट्रैक फ्रेक्चर होने की शिकायतें आ जाती हैं। नवंबर में ही नौ फ्रेक्चर हो चुके हैं। इसका कारण दिन में तेज धूप व रात के तापमान में अचानक गिरावट माना जा रहा है। इससे निपटने के लिए आगरा रेल मंडल ने तैयारी कर ली है।

धौलपुर स्टेशन अधीक्षक जेपी मीणा ने बताया कि रेलवे ट्रैक फ्रैक्चर के खतरे को रोकने के लिए रात 10 से सुबह 6 तक कर्मियों की पेट्रोलिंग लगाई गई है। मंडल की बात करें तो करीब 350 रेलकर्मचारियों को ट्रैक पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए लगाया है। उन्हें जीपीएस दिए हैं। इससे उसकी लोकेशन रेलवे कंट्रोल रूम में पता लग सकेगी। सुरक्षा को देखते हुए रेल प्रशासन पटरियों की मशीन से टेस्टिंग भी करवा रहा है। ट्रैक के निरीक्षण में ट्रैक में जिस भी स्थान पर खामी पाई वहां रेल पटरी बदली है।

रेलवे बोर्ड ने पेट्रोल मैन व गेटमैन के साथ बदमाशों द्वारा की जाने वाली मारपीट की वारदातों को देखते हुए पेट्रोल मैन के साथ होमगार्ड जवानों को लगाए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी होम गार्ड पेट्रोलिंग के लिए नहीं मिले हैं।

जीपीएस से लैस भी होंगे कर्मचारी, जल्द ही होमगार्ड भी लगाए जाएंगे

धौलपुर. रेलवे ट्रैक की टूटी पटरी। (फाइल फोटो)

अधिकारी व सुपरवाइजर करेंगे फुट प्लेटिंग

फॉग शुरू होने पर रेलवे के मंडल के अधिकारी व सुपरवाइजर नियमित रूप से ट्रेन के इंजन में सवार होकर ड्राइवर के साथ ही ट्रैक की स्थिति को देखते हैं। यदि कहीं ट्रेन के संचालन के समय अचानक झटका लगता है तो उसके बारे में सूचना देकर ट्रैक को तुरंत दिखवाया जाता है ताकि किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो। मंडल ने फॉग (धुंध) से निपटने की भी तैयारी की है। पेट्रोल मैन चार्ट तैयार किया जा चुका है। पेट्रोल मैन रात 10 से सुबह 6 बजे तक जीपीएस लेकर पेट्रोलिंग करेंगे। इंजन ड्राइवरों को भी स्पीड को लेकर निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में देश में कई स्थानों पर पटरियों के टूटने से ट्रेन हादसे होने की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।


तापमान 15 से 20 डिग्री होने पर की जाती है पेट्रोलिंग

अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक की डि-स्ट्रेचिंग कर ट्रैक का टेंशन रिलीज किया जा चुका है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेल पटरी का टेंपरेचर 15 से 20 डिग्री होने पर पेट्रोलिंग की जाती है। फॉग में ट्रेन ड्राइवर को ट्रेन की स्पीड 60 किमी प्रति घंटे रखना होता है। यलो सिग्नल दिखने पर ड्राइवर को 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलानी होती है।

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