कोटा बैराज से छोड़ा 3.50 लाख क्यूसेक पानी सुबह तक पहुंचेगा धौलपुर, अलर्ट जारी

Dholpur News - इस सीजन में पहली बार चंबल नदी में चार बार बाढ़ आई है। जबकि सितंबर में हर बार गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान चंबल...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:15 AM IST
Dholpur News - rajasthan news 350 lakh cusec water released from kota barrage will reach dholpur by morning alert issued
इस सीजन में पहली बार चंबल नदी में चार बार बाढ़ आई है। जबकि सितंबर में हर बार गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान चंबल शांत नजर आती थी और लोग पास में ही किनारों पर जाकर विसर्जन करने और परिवार संग सैर करने पहुंचते थे। लेकिन इस साल पहली बार चंबल नदी सितंबर में उफन रही है।

बता दें कि चंबल नदी को लेकर प्रशासन ने भी चंबल किनारे बसे गांवों में लगातार अलर्ट कर रखा है। इससे गांव के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं चंबल पर रेलवे ट्रैक की तीसरी लाइन के लिए पुल निर्माण भी बाधित हुआ। इस सीजन में सबसे ज्यादा चंबल नदी का गेज अगस्त मेंे 140 मीटर को पार कर गया था। वर्ष 1996 मेें आई चंबल में बाढ़ के चलते पुल के ऊपर चंबल का पानी बह रहा था। चंबल नदी का खतरे का निशान 129.79 मीटर की तुलना मेंे ये अब शुक्रवार को 133.90 मीटर दर्ज किया गया। अब कोटा बैराज से साढे तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से चंबल नदी का गेज शनिवार सुबह आैर बढने की संभावना है। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता हरिद्वारी लाल शर्मा ने बताया कि कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। पहले दो लाख और फिर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे पानी की आवक बढ़ेगी और सुबह तक जल स्तर में खासी वृद्धि होने की संभावना है।

शर्मा ने बताया कि कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के नदी में आ जाने के बाद नदी का जल स्तर 136 मीटर से अधिक होने की संभावना है। नदी में पानी की आवक ज्यादा होने की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों और सरकारी मशीनरी को अलर्ट मोड है।

आप भी जानिए...चंबल में बाढ़ से जलीय जीवों काे क्या है खतरा

जब चंबल में बाढ़ आती है तो इससे घडियाल के छोटे बच्चे पानी के तेज बहाव में मर जाते हैं। लेकिन इस बार चंबल में चार बार बाढ आने से जलीय जीवोंं के विचरण में उथल पुथल होने से उनके नेस्टिंग पाइंट भी गडबडाएंगे। वहीं पुराने नेस्टिंग पाइंट चंबल के बहाव से हट जाने से घडियालों को नए सिरे से अपने नेस्ट व पानी में रहने वाले गहरे पूल तैयार करने की जरुरत होगी। देवरी सेंटर में घडियाल के पल रहे बच्चे बडे होने पर चंबल में रिलीज करने का प्रोग्राम चलता है, लेकिन इस बार बच्चे रिलीज नहीं हो पाए। कारण है कि पानी के तेज बहाव में बच्चों को रिलीज करने से उनको मरने का खतरा पैदा हो जाता है।

धौलपुर. कोटा बैराज से छोड़े गए 3.50 लाख क्यूसेक पानी से चंबल का जलस्तर बढ़ने लगा है।

X
Dholpur News - rajasthan news 350 lakh cusec water released from kota barrage will reach dholpur by morning alert issued
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना