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चंबल के घाट से रोजाना ट्रैक्टर से हो रहा सैकड़ों ट्राॅली बजरी का दोहन, सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी बेअसर

Dholpur News - जिला में चंबल नदी से अवैध बजरी खनन रोकने की खनिज व वन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलते ही चंबल नदी से अवैध...

Dec 04, 2019, 12:11 PM IST
Saramathura News - rajasthan news hundreds of trolley gravels being exploited daily by tractor from chambal ghat supreme court order also ineffective
जिला में चंबल नदी से अवैध बजरी खनन रोकने की खनिज व वन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी मिलते ही चंबल नदी से अवैध बजरी खनन रूकने के बजाए बढ़ने लग गया है। उपखंड में पहली बार खुलेआम चंबल नदी से बजरी का अवैध दोहन किया जा रहा है, खनिज व वन विभाग के अधिकारी जानबूझकर अनजान बने हुए है। जबकि दोनों विभागों के अधिकारियों की बजरी माफियाओं से सांठगांठ होने के कारण प्रतिदिन सैकडों ट्राॅली चंबल नदी से बजरी का दोहन किया जा रहा है जिसके कारण बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद है।

आलम यह है कि सरमथुरा उपखंड के झिरी व मदनपुर स्थित चंबल नदी के घाटों से प्रतिदिन खुलेआम सैकडों टेक्टर-ट्राॅली बजरी का अवैध रूप से दोहन किया जा रहा है लेकिन खनिज व वन विभाग के अधिकारी बजरी माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने से कन्नी काट रहे है। यही नही बजरी माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि सरमथुरा के मैन बाजार में भी एंट्री करने लग गए है। जिसके कारण कभी भी कोई बडा हादसा घटित हो सकता है। अवैध बजरी खनन के कारोबार में पत्रकार भी शामिल हो गए है जिसके कारण छोटे कर्मचारियों ने खामोशी धारण की हुई है। अवैध बजरी माफियाओं के हौसलों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उपखंड में निर्माणाधीन सरकारी भवनों के निर्माण में भी अवैध चंबल बजरी का जमकर उपयोग हो रहा है वही अवैध बजरी के ढेर लगे हुए है। जबकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंबल नदी से बजरी खनन पर पूरी तरह रोक लगाई हुई है। लेकिन खनिज व वन विभाग के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ताक में रखकर चंबल नदी से बजरी खनन कराने में लगे है।



सरमथुरा. वरौली अस्पताल में निर्माण के लिए पड़ी चंबल बजरी।

चंबल नदी के झिरी और मदनपुर घाट अवैध बजरी दोहन का बना जरिया

उपखंड में खनिज, वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चंबल नदी के झिरी, शंकरपुर, दुर्गसी, हल्लूकापुरा, सहित मदनपुर के कारीतीर घाट से धड़ल्ले से बजरी का दोहन किया जा रहा है। जबकि खनिज व वन विभाग के उच्च अधिकारियों को उपखंड में चंबल नदी से अवैध बजरी दोहन से पूरी तरह बाकिब है। लेकिन बजरी माफियाओं से उच्च अधिकारियों की सांठगांठ होने के कारण रेंज में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी चंबल बजरी के दोहन में लगे वाहनो के खिलाफ कार्यवाही करने की जोखिम भी नही उठा पा रहे हैं।

कुछ पत्रकार करा रहे कस्बे में चंबल बजरी की सप्लाई

सूत्रों के अनुसार उपखंड में चंबल से अवैध बजरी दोहन में कई पत्रकार भी शामिल है। जिसके कारण खनिज, वन विभाग के छोटे कर्मचारी शांत रहते है। आलम यह है कि कस्बे में निर्माणाधीन मकानों पर पत्रकार ही बजरी सप्लाई कर रहे हंै। ऐसे कई घर है जिनमें संलिप्त पत्रकारों के कारण चंबल बजरी का स्टाॅक लगा हुआ है। अवैध कारोबार में पत्रकारों के शामिल होने के कारण बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। कस्बा में आलम यह है कि इन वाहनों के गुजरने के दौरान स्पीड को देख रास्ता अपने आप खाली हो जाता है। माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से कारोबार फल-फूल रहा है।

आप भी जानिए... क्या बोले अधिकारी

चंबल नदी के घडियाल प्रतिबंधित क्षेत्र से अवैध बजरी का दोहन रोकने की जिम्मेदारी वन विभाग के अधिकारियों की है। वन विभाग के अधिकारी ही चंबल नदी से अवैध बजरी खनन पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है। - रामनिवास मंगल, एमई धौलपुर

अवैध बजरी के दोहन की मुझे जानकारी नहीं है, मदनपुर में दौरे के दौरान वन अधिकारियों व कर्मचारियों को खनन रोकने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन झिरी का अभी दौरा नहीं किया है। चंबल नदी से अवैध बजरी खनन पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। - केसी मीणा, डीएफओ धौलपुर

वनकर्मियों के अभाव के बावजूद अवैध बजरी खनन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद स्टाफ की तैनाती नहीं की गई है। उच्च अधिकारियों के निर्देशन में चंबल नदी से बजरी खनन रोकने का प्रयास किया जाएगा। - हेमराजसिह चाैधरी, रेंजर सरमथुरा

पुलिस भी नहीं कर रही अवैध खनन पर कार्रवाई

जिला में चंबल नदी से अवैध बजरी खनन रोकने की जिम्मेदारी खनिज व वनविभाग को मिलते ही पुलिस पीछे हट गई है। अवैध बजरी खनन रोकने की कार्यवाही करने के लिए दोनों विभागों के अधिकारी पुलिस की इमदाद जरूर ले सकते हंै। लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर अवैध बजरी खनन रोकने के प्रयास बंद कर दिए है। जिसका असर दिखाई देने लग गया है। माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं।

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