भावनाएं व्यक्त करने के लिए मातृभाषा का ज्ञान जरूरी: शर्मा

Dholpur News - राजकीय कन्या महाविद्यालय में गुरूवार काे प्राचार्य हरीदास मीणा की अध्यक्षता में विश्व मातृभाषा दिवस एवं विश्व...

Feb 21, 2020, 08:11 AM IST

राजकीय कन्या महाविद्यालय में गुरूवार काे प्राचार्य हरीदास मीणा की अध्यक्षता में विश्व मातृभाषा दिवस एवं विश्व सामाजिक न्याय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता डाॅ. बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि हमारे मानसिक विकास के लिए सबसे अधिक उपयोगी मातृभाषा है। मातृभाषा में हम अपने विचार और भावनाएं अच्छी तरह से व्यक्त कर सकते है। उन्होंने कहा कि माता का दूध जिस प्रकार बच्चे के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है, ठीक उसी प्रकार से बच्चे के मानसिक विकास के लिए मातृभाषा अनिवार्य है। अतः हमें मातृभाषा का उपयोग अधिकाधिक करना चाहिए। इस अवसर पर प्राचार्य हरीदास मीणा ने संविधान में प्रदत्त मूल अधिकार एवं कर्तव्यों का संतुलित उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमें जितना अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए उतना ही कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन करत हुए एनएसएस के जिला समन्वयक डाॅ. देवेंद्र सिंह परमार ने कहा कि सामाजिक न्याय व मातृ भाषा संवेदनशील विषय है, जिसका उपयोग करते समय ध्यान रखना चाहिए कि उनकी भाषा से किसी काे पीड़ा नही पहुंचे। अंत में पीके सिंह ने सभी का धन्यवाद दिया। इस अवसर पर डाॅ. लक्ष्मी गुप्ता, डाॅ. रेखा शर्मा, सुमन गोयल, प्रो. विष्णु कुमार, महेश कुमार अग्रवाल, शिवलाल, बबलू, तुषार श्रीवास्तव, मुकेश, नीतेश, शैली यादव सहित छात्राएं माेज्ूद रही।

प्रधानाध्यापक संगोष्ठी के नवीन नवाचारों का विद्यालय में प्रयोग करें: रामवीर सिंह

राजाखेड़ा| राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की वाकपीठ संगोष्ठी का आयोजन पीतम गिरी पहाड़ी पर किया गया जिसकी अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रामवीर सिंह ने की तथा मुख्य अतिथि अतिरिक्त परियोजना अधिकारी कैलाश सत्यार्थी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वेद प्रकाश कर्दम प्रधानाचार्य और रामबरन सिंह गुर्जर रहे। संगोष्ठी में उपस्थित प्रधानाध्यापकों को संबोधित करते हुए एसीपी ने कहा बदलते ज्ञान प्रवेश में प्रधानाध्यापकों को डिजिटल ज्ञान से लैस होना आवश्यक है। उन्होंने कहा जब तक प्रधानाध्यापक को कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है तो वह अपने विद्यालय की सूचनाओं को फीडिंग नहीं कर सकते हैं, विद्यालय की व्यवस्था एवं अनुशासन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है अतः प्रत्येक प्रधानाध्यापक को सचेत रहते हुए विद्यालय में अनुशासन कायम करते हुए विद्यालय प्रवेश को एक अच्छा स्थल बनाएं। जिससे विद्यार्थियों में अनुशासन का गुण वर्कर आएगा एवं विद्यालय का परीक्षा परिणाम गुणात्मक रहेगा उपस्थित प्रधानाध्यापकों को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि विद्यालय की भौतिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पहल कर रही है साथ ही गांव के भामाशाह को विद्यालय से जोड़ें और उनसे दान लेकर विद्यालय का भौतिक विकास करें।

धौलपुर. कार्यक्रम में मातृभाषा के बारे में जानकारी देते शिक्षक एवं मौजूद छात्राएं।

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