उच्च कक्षाओं में प्रवेश के अब लिए जाति, मूल निवास और अाय प्रमाण-पत्र जरूरी नहीं

Dholpur News - इस बार की आठवीं, दसवीं और बारहवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम पूर्ण हो चुका है। ऐसे में अब आगामी कक्षाओं में प्रवेश...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 08:00 AM IST
Dholpur News - rajasthan news no longer required caste original residence and non certificates for entry into higher classes
इस बार की आठवीं, दसवीं और बारहवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम पूर्ण हो चुका है। ऐसे में अब आगामी कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हाे गई है। इसके साथ ही जनजाति क्षेत्र में जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील और ई-मित्र काउंटर पर अभिभावकों और बच्चों की भीड़ रहती है।

जिले भर की तहसील कार्यालयों में जून और जुलाई माह में हजाराें नए आवेदन आ जाते है। इसमें अधिकांश प्रमाण पत्र हर साल बनाने के लिए आते है। कई तो डिजिटल प्रमाण पत्र होने के बावजूद नया आवेदन कर देते है। अब अभिभावकों और बच्चों को इस परेशानी से राहत मिलेगी। शिक्षा उपनिदेशक की ओर से प्रवेशोत्सव के समय बगैर किसी प्रमाण-पत्र के सीधे अगली कक्षा और नई स्कूल में प्रवेश देने के आदेश दिए है। ऐसे में प्रवेशोत्सव के दौरान किसी भी बच्चे को प्रवेश के समय फॉर्म के साथ जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र लगाना जरुरी नहीं होगा। उस बालक फॉर्म भरने के साथ ही एक बार उसका प्रवेश सुनिश्चित होगा। शिक्षक वर्ग को भी गत कक्षा की मार्कशीट की प्रतिलिपि लगाकर देनी होगी। इसी दस्तावेज को मान्य किया जाएगा। इससे बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जा सके। फॉर्म लेने के बाद उसे भरकर वार्ड पंच, सरपंच और पटवारी से वेरिफाई करना। इसके बाद ई-मित्र पर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। इसके बाद कलर डिजिटल प्रमाण पत्र निकलवाने तक करीब 200 से 500 रुपए खर्च होते है। इस सारी प्रक्रिया में करीब 7 से 20 दिन का समय बर्बाद होता है। कक्षा 1 से 12 तक सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जनजाति वर्ग के बच्चों को छात्रवृति देने का प्रावधान है। जो स्कूल के माध्यम से खुले बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होती है। ऐसे में किसी भी बच्चे के पुराने बैंक खाते को ही नई स्कूल में अपडेशन कराने की व्यवस्था होगी। इस बार किसी भी सीनियर और सैकंडरी स्कूल के नवप्रवेशी बच्चों को अलग से बैंक खाता नहीं खुलवाना होगा। पुराने बैंक खाते का नंबर स्कूल में देना होगा।

पहले से बने मूल निवास सहित अन्य प्रकार के प्रमाण-पत्र होंगे मान्य

सरकारी और निजी स्कूलों में प्रवेश के समय डिजिटल मूल निवास, ऑफ लाइन बने मूल निवास और जाति प्रमाण पत्र मान्य होते हैं। इसके लिए गत वर्ष प्रवेश ली गई स्कूल के प्रमाण पत्र भी नई स्कूल में देकर प्रवेश सुनिश्चित हो सकता है। इसके लिए हर वर्ष अलग से नया प्रमाण पत्र बनाने की आवश्यकता नहीं होती है। एक बार बनाए गए प्रमाण पत्र का हमेशा उपयोग किया जा सकता है।

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