धर्म श्रद्धा का विषय, आस्था है तो रास्ता है आस्था नहीं है तो रास्ता नहीं: वैराज्ञानंद

Dholpur News - भागवत कथा ज्ञान, भक्ति, त्याग और वैराग्य का विषय है। भागवत की कथा वेदव्यास ने बोला, गणेश जी ने सरस्वती के तट पर लिखा,...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 08:15 AM IST
Dholpur News - rajasthan news religion is a matter of devotion faith is the way if there is no faith there is no way vairagyanand
भागवत कथा ज्ञान, भक्ति, त्याग और वैराग्य का विषय है। भागवत की कथा वेदव्यास ने बोला, गणेश जी ने सरस्वती के तट पर लिखा, गंगा के तट पर भागवत की कथा गाई गई। जमुना के तट पर भागवत कथा की लीला की गई। इसलिए गंगा जमुना सरस्वती का संगम है। भारत की इस धरा पर संपूर्ण जाति को भागवत सुनने का अधिकार है। यह प्रवचन यहां अनाज मंडी में चल रही भागवत कथा के नवें दिन महामंडलेश्वर स्वामी वैराज्ञानंद गिरि मिर्ची बाबा में श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पांडाल में कही। उन्होंने कहा कि विशेषकर नारद मुनि जी ने भागवत का प्रचार प्रचार किया। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्य नंद गिरी महाराज के साथ लोकेश आनंद महाराज अवधूत, महामंडलेश्वर देवी दास महाराज, महामंडलेश्वर आध्या नंद महाराज, भिंड के ऑपरेशन बाबा ने भी अपने प्रवचन दिए। महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्य नंद गिरी महाराज ने कहा कि देश में छुआछूत का भाव छोड़कर सत्कर्म और मंदिर तीर्थ जाने का सभी काे अधिकार है। इसलिए हमारे यहां सनातन धर्म सबसे ऊपर है और भारतवर्ष का प्रत्येक प्राणी गोपाल बनकर गोपाल कृष्ण का नाम पूर्ण करें। जिन्होंने गायों को पाला उनका ही नाम गोपाल हुआ। धर्म करने वाले किसी को पूछ कर धर्म नहीं करते हैं धर्म एक श्रद्धा का विषय है। आस्था है तो रास्ता है। आस्था नहीं है तो रास्ता नहीं है। स्वामी ने कहा लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती और कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। उन्होंने कहा कि परमात्मा को आप अपने हृदय में ही खोजें और 20 मिनट आप ईश्वर का ध्यान करें। महामंडलेश्वर ने कहा की जमुना की रक्षा के लिए और जमुना की स्वच्छता के लिए एक मुहिम छेडनी है जो कि भारतवर्ष के संत देश के प्रधानमंत्री से जमुना स्वच्छ हो इसकी मांग करेंगे। आगे गौ माता राष्ट्र माता घोषित हो इसके लिए भी केंद्र सरकार से मांग की जाएगी। उन्होंने धौलपुर के लोगों से कहा कि यहां का पत्रकार कृष्ण की भूमिका निभाकर समाज के उत्थान में काम करे। संत अवधूत महाराज ने कहा कि मीराबाई भक्ति का काल ऐसी संत थी जिनका सब कुछ कृष्ण भगवान के लिए समर्पित था। मीराबाई कृष्ण की प्रेम दीवानी थी। धर्म गुरु महाराज ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कोई ना कोई मित्र अवश्य ही होता है। जिससे वह अपने मन की बात को कहता है। कृष्ण सुदामा चरित्र प्रसंग पर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। इस मौके पर विद्वानों के सानिध्य में मां आरती और श्रीमद् भागवत कथा का विश्राम हुआ। आनंद गिरि महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा दुर्लभ है, जो करोड़ों पुण्य उदय होने पर श्रवण करने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने विश्व शांति आत्म कल्याण की भावना के साथ सभी की सुख समृद्धि की कामना की।

धौलपुर.भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु।

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