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शबरी एक भरोसा लेकर जीती रही, वह बूढ़ी हो गई, परंतु उसने आतुरता को बूढ़ा नहीं होने दिया : मोरारी बापू

Dholpur News - कस्बा के महाकालेश्वर मंदिर पर रामकथा के आठवें दिन दिव्य मोरारी बापू ने कथा का रसपान कराते हुए शबरी की नवदा भक्ति...

Nov 22, 2019, 10:55 AM IST
Saramathura News - rajasthan news shabari continued to live with confidence she got old but she did not let the agility grow old morari bapu
कस्बा के महाकालेश्वर मंदिर पर रामकथा के आठवें दिन दिव्य मोरारी बापू ने कथा का रसपान कराते हुए शबरी की नवदा भक्ति का उल्लेख कर कथा का रसपान कराया। उन्होंने कथा सुनाते हुए कहा कि सीताजी की खोज में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण मतंग ऋषि के आश्रम पहुंचे। वहां आश्रम में वृद्धा शबरी भक्ति में लीन थी। मतंग ऋषि अपने तप व योग के बल पर अन्य ऋषियों सहित दिव्यलोक पहुंच चुके थे। ऋषि मतंग ने शबरी से एक अपेक्षित घड़ी में कह दिया कि राम तुम्हारी कुटिया में आएंगे। ऋषि ने शबरी की श्रद्धा और सबूरी की परख करके यह भविष्य वाक्य कहा। शबरी एक भरोसे लेकर जीती रही। वह बूढ़ी हो गई, परंतु उसने आतुरता को बूढ़ा नहीं होने दिया।

वन-फलों की अनगिनत टोकरियां भरी और औंधी की। पथ बुहारती रही, राह निहारती रही। प्रतीक्षा में शबरी स्वयं प्रतीक्षा का प्रतिमान हो गई। जब शबरी को पता चला कि भगवान श्रीराम स्वयं उसके आश्रम आए हैं तो वह एकदम भाव विभोर हो उठी और ऋषि मतंग के दिए आशीर्वाद को स्मरण करके गद्गद हो गईं। वह दौड़कर अपने प्रभु श्रीराम के चरणों से लिपट गई। इसके बाद शबरी जल्दी से जंगली कंद-मूल और बेर लेकर आईं और अपने परमेश्वर को सादर अर्पित किए। पौराणिक संदर्भों के अनुसार, बेर कहीं खट्टे न हों, इसलिए अपने इष्ट की भक्ति की मदहोशी से ग्रसित शबरी ने बेरों को चख-चखकर श्रीराम व लक्ष्मण को भेंट करने शुरू कर दिए। श्रीराम शबरी की अगाध श्रद्धा और अनन्य भक्ति के वशीभूत होकर सहज भाव एवं प्रेम के साथ झूठे बेर अनवरत रूप से खाते रहे, लेकिन लक्ष्मण ने झूठे बेर खाने में संकोच किया। उसने नजर बचाते हुए वे झूठे बेर एक तरफ फेंक दिए। भगवान श्रीराम ने शबरी द्वारा श्रद्धा से भेंट किए गए बेरों को बड़े प्रेम से खाए और उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। माना जाता है कि लक्ष्मण द्वारा फेंके गए यही झूठे बेर, बाद में जड़ी-बूटी बनकर उग आए। अंत में आरती कर प्रसादी का वितरण किया गया।

सरमथुरा. कथा का रसपान करती महिला श्रद्धालु।

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