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बिना नोटिस प्रशासन ने हटाए अतिक्रमण खुले आसमान के नीचे गुजारी सर्दी की रात

Dholpur News - पंचायत समिति के गांव नौरंगाबाद में सोमवार शाम के समय तहसील प्रशासन ने पोखर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए...

Dec 04, 2019, 12:05 PM IST
पंचायत समिति के गांव नौरंगाबाद में सोमवार शाम के समय तहसील प्रशासन ने पोखर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए पोखर की जमीन में बने दर्जनभर कच्चे व पक्के मकानों को तोड़ दिया। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से ग्रामीणों में अफरा तफरी मच गई। कार्रवाई के दौरान वर्षों पूर्व बने पक्के मकानों को भी तहसील प्रशासन के द्वारा तोड़ दिया गया। पक्के मकानों के टूटने पर महिला एवं छोटे-छोटे बच्चे बिलखते रहे लेकिन पुलिस प्रशासन को बिल्कुल भी तरस नहीं आया। पीड़ितों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई में तानाशाही का आरोप लगाया है। पीड़ितों का आरोप था कि प्रशासन के द्वारा उन्हें मकान हटाने के लिए न तो नोटिस दिए और ना ही कोई पूर्व सूचना। प्रशासन के साथ मौजूद पुलिस फोर्स के आगे बेबस ग्रामीण मकानों को टूटते हुए देखते रहे।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उपखंड मुख्यालय पर आयोजित रात्रि चौपाल में गांव नौरंगाबाद के कुछ ग्रामीणों के द्वारा पोखर की जमीन पर गांव के ही लोगों के द्वारा अतिक्रमण गांव में मौजूद पोखर की जमीन पर कच्चे एवं पक्के मकान बनाकर कब्जे की शिकायत की गई थी। शिकायत पर पटवारी से रिपोर्ट मांगी गई थी। पटवारी द्वारा अतिक्रमण की रिपोर्ट भेजने पर सोमवार शाम के समय कार्रवाई करते हुए तहसीलदार गिरधर मीणा के द्वारा जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटवाए गए। ग्रामीणों ने बताया कि कार्यवाही में करीब एक दर्जन कच्चे एवं पक्के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया है। पीड़ितों का आरोप है कि तहसील प्रशासन के द्वारा यहां मनमानी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के संबंध में ना तो उनको पूर्व में कोई नोटिस दिया गया और ना ही किसी भी तरह की उनको पूर्व सूचना दी गई। प्रशासन के द्वारा कार्रवाई कर तोड़े गए मकानों में मलबे में दबने से घरेलू सामान टूट गया। जिससे लोगों का भारी नुकसान हुआ है।

लोगों का कहना था कि बिना सूचना चलाए गए इस अभियान से कई परिवारों के सामने रहने का संकट पैदा हो गया है। प्रशासन द्वारा इस अभियान की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई जिससे वह अपने गुजर-बसर का बंदोबस्त कर लेते लेकिन अचानक तानाशाही पूर्ण तरीके से की गई इस कार्रवाई से लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। इस मौके पर विकास अधिकारी रामबोल सिंह गुर्जर सहित कौलारी एवं सैंपऊ थाने का पुलिस जाब्ता मौजूद था।

सैंपऊ. मकान टूटने के बाद खुले में रह रहे बेघर हुए लोग।

ग्रामीणों को घरेलू सामान तक नहीं निकालने दिया

तहसील प्रशासन की ओर से पक्के निर्माण को ध्वस्त करने के बाद पीड़ितों का आशियाना बिखर गया। सर्द मौसम में लोगों को खुले आसमान तले चार पाई के ऊपर तिरपाल टांग कर रात गुजारनी पड़ी। पीड़ितों ने बताया कि प्रशासन के द्वारा कार्रवाई के दौरान तानाशाही की गई। पक्के मकानों को तोड़ने से उनके परिवार बेघर हो गए हैं। मकानों के अंदर रखे हुए घरेलू सामान तक को निकालने का मौका नहीं दिया गया। यह दोनों को नोटिस देकर को समय दिया जाता तो मकान तोड़ने की नौबत नहीं आती।

प्रशासन द्वारा हटाए अतिक्रमण।

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