Hindi News »Rajasthan »Dhorimana» जांभाणी हरिकथा में 120शब्दवाणी का पाठ किया

जांभाणी हरिकथा में 120शब्दवाणी का पाठ किया

भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना जांभोजी का मंदिर गांव में सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा का समापन हुआ। इस दौरान संसदीय...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:00 AM IST

जांभाणी हरिकथा में 120शब्दवाणी का पाठ किया
भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना

जांभोजी का मंदिर गांव में सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा का समापन हुआ। इस दौरान संसदीय सचिव लादूराम विश्नोई ने कहा कि पृथ्वी पर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण की जरूरत है। गुरु महाराज ने आज से 550 वर्ष पहले जो बात कही वो ही बात आज वैज्ञानिकों द्वारा बताई जा रही है। गुरु महाराज की वाणी मानव मात्र के लिए कल्याणकारी है। अपने बच्चों को शिक्षा के साथ धर्म का भी ज्ञान अवश्य देना होगा।

इस अवसर पर स्वामी रामाचार्य महाराज ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार की भी जरूरत है। समाज के विकास के लिए संस्कारित शिक्षा की आवश्यकता है। स्वामी भागीरथदास शिक्षा शास्त्री ने कहा कि बच्चों को मोबाइल फोन व बाइक की जगह संस्कार दें। सात दिवसीय जाम्भाणी हरिकथा समापन समारोह के दौरान 120शब्दवाणी का पाठ कर व पाहल बनाकर दिया गया तथा गुरु जम्भेश्वर भगवान के बताएंगे मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

जांभोजी का मंदिर गांव में आयोजित सात दिवसीय जांभाणी हरिकथा का समापन हुआ

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dhorimana

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×