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कथा के तीसरे दिन नशावृत्ति से दूर रहने की सीख दी, भक्तों ने किए लाखों रुपए दान / कथा के तीसरे दिन नशावृत्ति से दूर रहने की सीख दी, भक्तों ने किए लाखों रुपए दान

Dhorimana News - भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना श्री कामधेनु गौ शाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित गो हितार्थ श्रीमद् भागवत...

Bhaskar News Network

Jul 11, 2018, 03:50 AM IST
कथा के तीसरे दिन नशावृत्ति से दूर रहने की सीख दी, भक्तों ने किए लाखों रुपए दान
भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना

श्री कामधेनु गौ शाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित गो हितार्थ श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा का वाचन करते हुए कथा वाचक देवी ममता ने वर्तमान में नशे के कारण युवाओं की हो रही दुर्दशा पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नशा अभिशाप बन रहा है। विशेष कर युवा पीढ़ी में नशे की बढ़ती हुई लत चिंता का विषय है। वर्तमान समाज पाश्चात्य संस्कृति जैसे-वेलेंटाइन डे, न्यू ईयर, क्रिसमस डे आदि का बहाना बना कर नशे का सेवन करता है, जो कि भारतीय संस्कृति के लिए खतरा हैं। तत्पश्चात कथा वाचिका ने भरत-चरित्र का वृतांत सुनाया। कथा में गंगासर गौ शाला से संत सुखरामदास महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। संत ने प्रवचन के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को गोसेवा की अपील की। व्यासपीठ की तरफ से रुद्राक्ष की माला व स्मृति चिन्ह से महाराज का सम्मान किया गया। इस दौरान कथा में मुख्य यजमान के रूप में मालाराम चाैधरी लाभार्थी बने। हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था इन्हीं की तरफ से की गई। कथा में 1 लाख 51 हजार रुपए वगताराम सियाक, 1 लाख 1 हजार रुपए नरेश सिंह राव, 1 लाख 1 हजार रुपए भगाराम सारण, 51 हजार रुपए प्रेमसिंह विश्नोई, 51 हजार रुपए गोदारा मेडिकल भूणिया, 51 हजार रुपए सरुपाराम सियाग, डाॅ. पंकज खीचड़, ओमप्रकाश खीचड़, रामकिशन सियाक, रुखमणाराम ढाका सहित दर्जनों भामाशाहों ने गोदान दिया। देवीजी ने सभी का मंच पर रुद्राक्ष की माला पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कथा के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जोधपुर प्रांत सह सेवा प्रमुख देरामाराम बूडिया का आगमन हुआ। इन्होंने गो हितार्थ विचार व्यक्त किए। इस दौरान राजा जड़ भरत की मां काली द्वारा रक्षा तथा भगवान नृसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप वध की झांकी सजाई गई।

धोरीमन्ना. भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु

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कथा के तीसरे दिन नशावृत्ति से दूर रहने की सीख दी, भक्तों ने किए लाखों रुपए दान
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