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युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के भ्रम जाल में फंसकर भारतीय सनातन संस्कारों को भूल गई है : देवी ममता

Dhorimana News - भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना श्री कामधेनु गौशाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित गो हितार्थ कथा के दौरान...

Dainik Bhaskar

Jul 10, 2018, 04:00 AM IST
युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के भ्रम जाल में फंसकर भारतीय सनातन संस्कारों को भूल गई है : देवी ममता
भास्कर संवाददाता | धोरीमन्ना

श्री कामधेनु गौशाला सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित गो हितार्थ कथा के दौरान सोमवार को गौ दान करने के लिए दानदाता उमड़े। कथा वाचिका देवी ममता ने कहा कि सफलता के साथ जीवन की सार्थकता को समझना आवश्यक है। माता-पिता का दायित्व है कि बच्चों में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ जिंदगी की सार्थकता का वातावरण पैदा करें। कथा वाचिका ने प्राचीन सनातन संस्कृति के बारे में बताया और कहा कि वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति चहुं ओर पैर पसार लिए है। परिणाम स्वरूप सनातन संस्कृति विलुप्त होने की कगार पर है। आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति के भ्रम जाल में फंसकर भारतीय सनातन संस्कारों को भूल गई है और युवा पीढ़ी पाश्चात्य त्यौहारों जैसे वैलेंटाइन डे, न्यू ईयर आदि को मनाने के बहाने नशे का सेवन कर रही हैं। माता-पिता का अनादर हो रहा है। बुजुर्गों का अपमान हो रहा है। वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं। हमें युवा पीढ़ी को धर्म की शिक्षा देने की अति आवश्यकता हैं, तभी भारतीय की संस्कृति, एकता व अखंडता बच सकती है। कथा वाचिका ने ब्रह्मा उत्पति व सृष्टि रचना का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि ब्रह्मा, विष्णु व महेश द्वारा क्रमशः सृष्टि रचना, सृष्टि पालन व सृष्टि संहार किया जाता है। भगवान के कपिल अवतार का प्रसंग बताते हुए भगवान के विभिन्न अवतारों की कथा सुनाई। भगवान ध्रुव महाराज का संक्षिप्त वृतांत सुनाया। कथा वाचिका ने गौ माता की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि प्रत्येक हिंदू परिवार में एक गौ माता का होना जरूरी है। गौ दान के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आप सभी संकल्प लें कि प्रत्येक घर से प्रतिदिन एक-एक रूपया निकालेंगे। इसी मिशन से गौ माता अपना जीवन सुख से व्यतीत करेगी।

कथा के बीच भजनों पर झूमे श्रोता : कथा में मालाराम चौधरी मुख्य यजमान बने। श्रद्धालुओं के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी इनकी तरफ से की गई। भागवत सेवा प्रकल्प ट्रस्ट की तरफ से श्रद्धालुओं को उपहार स्वरूप गौ माता के कैलेंडर वितरित किए गए, ताकि भक्तों में गौ माता के प्रति श्रद्धा भाव उत्पन्न हों। कथा के बीच भजनों पर श्रोताओं ने नृत्य की प्रस्तुतियां दी। ड्रोन कैमरे से पुष्प वर्षा की गई।

दानदाताओं ने दिया लाखों का गौ दान : कथा में 1 लाख 11 हजार रुपए धोलाराम, 1 लाख 1 हजार रुपए मालाराम चौधरी, 1 लाख 1 हजार रुपए मोहनलाल खिलेरी, 1 लाख 1 हजार रुपए मोहनलाल, 51 हजार रुपए चौधरी वस्त्र भण्डार भूणिया, 51 हजार रुपए रतनाराम लेगा सहित दर्जनों दानदाताओं ने गौ दान किया। दानदाताओं का मंच से कथावाचिका ने रूद्राक्ष की माला पहनाकर व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। भगवान नारायण के नाभि कमल से ब्रह्मा उत्पति व ध्रुव महाराज की संजीव झांकियां सजाई गई।

धोरीमन्ना भागवत कथा में नूत्य करतीं महिलाएं।

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